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राम मंदिर ट्रस्ट ने चंपत राय-अनिल मिश्रा की VIP पास वाली ID बंद की, वजह क्या बताई?

Ram temple trust blocks Champat Rai VIP pass ID: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूर्व महासचिव चंपत राय, अनिल मिश्रा और स्पेशल इंवाइटी गोपाल राव की डिजिटल आईडी डीएक्टिवेट कर दी है. जिनका इस्तेमाल VIP दर्शन पास जारी करने के लिए किया जाता था.

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डिजिटल आईडी का इस्तेमाल VIP दर्शन पास जारी करने के लिए किया जाता था. (फोटो-इंडिया टुडे)

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  • श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव की डिजिटल आईडी डीएक्टिवेट कर दी है ताकि वीआईपी दर्शन पास जारी करने में बताई गई अनियमितताओं को रोका जा सके।
  • डिजिटल आईडी के दुरुपयोग की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने की, जिसमें पाया गया कि ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा अवैध तरीके से अनधिकृत वीआईपी दर्शन पास जनरेट किए जा रहे थे।
  • SIT की जांच और डिजिटल आईडी डीएक्टिवेशन के बाद कथित अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई है और राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों की बेंच कर रही है।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट ने पूर्व महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है. ट्रस्ट ने दोनों कि डिजिटल आईडी डिएक्टिवेट कर दी है. दोनों के साथ विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव की डिजिटल आईडी भी डीएक्टिवेट की गई है. इस पास का इस्तेमाल ‘वेरी इम्पोर्टेन्ट पर्सन’ (VIP)  दर्शन पास जारी करने के लिए किया जाता था. मंदिर प्रशासन से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, ये फैसला ‘VIP’ और ‘प्राथमिकता वाले दर्शन पास’ जारी करने में कथित अनियमितता को रोकने के लिए किया गया. राम मंदिर ट्रस्ट के कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन की अगुवाई वाले नए मंदिर प्रशासन ने यह फैसला लिया है.

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डिजिटल आईडी का कथित दुरुपयोग

आईडी डिएक्टिवेट होने के बाद चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के डिजिटल क्रेडेंशियल या सिफारिशों के जरिए कोई 'सुगम' या 'विशिष्ट दर्शन' पास जेनरेट नहीं किया जा सकेगा. इंडिया टुडे से जुड़े पत्रकार समर्थ श्रीवास्तव की रिपोर्ट के मुताबिक, आईडी डीएक्टिवेट करने का कदम स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) द्वारा मामले की जांच के बीच उठाया गया है. SIT ने पाया कि ट्रस्टियों और वरिष्ठ पदाधिकारियों की डिजिटल आईडी का कथित तौर पर अंधाधुंध पास जनरेट करने के लिए दुरुपयोग किया गया. 

डिजिटल आईडी का मकसद वीआईपी दर्शन की सुविधा को उपलब्ध कराना था, लेकिन इसका भी दुरुपयोग किया गया. जांच में कथित तौर पर यह बात भी सामने आई कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक टिन्नू यादव ने इस खामी का फायदा उठाया. सैकड़ों अनधिकृत VIP दर्शन पास जनरेट किए गए. रिपोर्ट के मुताबिक, चंपत राय और अनिल मिश्रा के कुछ करीबी सहयोगी पर भी VIP पास जारी करने के नाम पर रैकेट चलाने और अवैध रूप से लाखों रुपये कमाने का आरोप लगा है. वह भी अब जांच के दायरे में हैं.

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सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है. केस की सुनवाई तीन जजों की बेंच करेगी, जिसमें चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमला बागची और जस्टिस वीएस मोहन शामिल होंगे. इस मामले में एक जनहित याचिका दाखिल की गई थी, जिसे वकील अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव की ओर से दायर किया था.

ये भी पढ़ें: राम मंदिर चढ़ावा केस: सुप्रीम कोर्ट ने मंजूर की याचिका, CJI समेत 3 जजों की बेंच करेगी सुनवाई

याचिका में मांग की गई थी कि राम मंदिर के चढ़ावे में हुई कथित चोरी के मामले में जांच करवाई जाए. इसी मुद्दे पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद सुधाकर सिंह की ओर से दायर एक अलग याचिका भी सुनवाई के लिए लिस्ट की गई है.

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