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सुंदर को गाबा टेस्ट में उतारने से पहले टीम इंडिया के सामने आ गई थी ये दिक्कत

दिक्कत ऐसी कि कोई साथी खिलाड़ी भी मदद नहीं कर सकता था.

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वाशिंगटन सुंदर ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में अपने जौहर दिखाए. फोटो- PTI
टीम इंडिया का सफल ऑस्ट्रेलिया दौरा पूरा हो चुका है. अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया के गढ़ 'गाबा' में चौथा टेस्ट जीता और चार मैच की सीरीज़ को 2-1 से अपने नाम किया. इस दौरान ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर ने टेस्ट डेब्यू भी किया. इस टेस्ट की दोनों पारियों में उन्होंने 173 गेंद खेलीं और 9 चौके व 2 छक्कों की मदद से 84 रन बनाए. लेकिन आपको पता है इस टेस्ट मैच को खेलने के लिए उनके पास पैड तक नहीं थे. टीम इंडिया के फील्डिंग कोच आर श्रीधर ने कहा कि गाबा टेस्ट में वाशिंगटन सुंदर के पास पैड नहीं थे और इस वजह से सभी के लिए थोड़ी परेशानी भी हुई. उन्होंने बताया कि सुंदर नीले पैड पहन कर नेट प्रैक्टिस कर रहे थे. लंबे कद के कारण सुंदर के लिए पैड मिलना कठिन हो रहा था. ऑस्ट्रेलियाई टीम ने भी कोरोना प्रॉटोकॉल्स के कारण पैड देने से इंकार कर दिया. गाबा टेस्ट शुरू होने पर हम दुकान पर गए और पैड खरीदे. वाशिंगटन सुंदर ने ब्रिस्बेन टेस्ट के दौरान बढ़िया गेंदबाजी भी की. उन्होंने दोनों पारियों में मिलाकर चार विकेट झटके. तो कुल मिलाकर बैटिंग से लेकर बॉलिंग तक सुंदर ने याद रखे जाने वाला प्रदर्शन किया. आपको बता दें कि सुंदर को टी-20 सीरीज के लिए टीम में चुना गया था. लेकिन तीसरे टेस्ट में जब रविचंद्रन अश्विन चोटिल हो गए तब टेस्ट मैच में भी वाशिंगटन सुंदर को मौका मिला. वे टेस्ट टीम का हिस्सा नहीं थे लेकिन नेट गेंदबाज के रूप में वह टीम का हिस्सा बने हुए थे. चूंकि उनको टेस्ट नहीं खेलने थे लिहाजा वे अपने साथ सफेद पैड नहीं ले गए थे. आर श्रीधर ने कहा कि लंबे कद के सुंदर के लिए पैड तलाश करना वाकई कठिन काम था. पिता ने भी की सुंदर की तारीफ आपको बता दें कि पीठ में दर्द के कारण आर अश्विन इस मैच से दूर थे. उनकी गैर मौजूदगी में तमिलनाडु के प्रतिभाशाली ऑल-राउंडर सुंदर को मौका मिला जिसका उन्होंने भरपूर फायदा उठाया. पहली पारी में जब टीम का स्कोर 6 विकेट केवल 186 रन था, तब सुंदर ने शार्दूल ठाकुर के साथ मिलकर 123 रन की शानदार साझेदारी निभाई. ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर एलन बॉर्डर ने भी सुंदर की तारीफ की. सुंदर के पिता एम सुंदर ने कहा कि उन्हें अपने बेटे, अश्विन, नटराजन और पूरी टीम पर गर्व है. उन्होंने कहा कि वाशिंगटन को शुरू से बल्लेबाजी करना पसंद है और जब उन्हें देश के लिए मौका मिला तो उन्होंने यह साबित भी कर दिया. सुंदर बहुत मेहनती और अनुशासित खिलाड़ी हैं. वहीं, सुंदर की बहन ने बताया कि उन्हें हमेशा से वाशिंगटन की बैटिंग ज्यादा पसंद आती है.

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