पेट्रोल और डीजल के दाम आज यानी 25 मई से एक बार फिर बढ़ गए हैं. पिछले दो हफ्तों में यह चौथी बार है जब फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है. पेट्रोल के दाम में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम में 2.71 रुपये प्रति लीटर का इजाफा हुआ है. अब दिल्ली में पेट्रोल की नई कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल की कीमत 95.20 रुपये हो गई है. यह बढ़ोतरी सोमवार, 25 मई को सुबह छह बजे से लागू हो गई है. भारत में तेल की कीमतें ऐसे समय पर चढ़ रही हैं, जब ग्लोबल मार्केट में कच्चा तेल सस्ता हो रहा है.
पेट्रोल-डीजल के दाम दो हफ्ते में चौथी बार बढ़े, दुनिया भर में सस्ता हो रहा तेल, भारत में महंगा क्यों?
Petrol Diesel Price Hike: फ्यूल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं. पिछले दो हफ्तों में यह चौथी बार है जब फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है. इससे पहले 15 मई, 19 मई और 23 मई को पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए गए थे.


इससे पहले 15 मई, 19 मई और 23 मई को तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए थे. हालांकि, मार्च के आखिर में सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी भी कम कर दी थी. पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दी गई थी. इसी तरह, डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर की एक्साइज ड्यूटी पूरी तरह खत्म करके ‘जीरो’ कर दी गई थी.
पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें| शहर | पेट्रोल की नई कीमत (बढ़ोतरी) | डीजल की नई कीमत (बढ़ोतरी) |
| दिल्ली | ₹102.12/लीटर (+2.61) | ₹95.20/लीटर (+2.71) |
| मुंबई | ₹111.21/लीटर (+2.72) | ₹97.83/लीटर (+2.81) |
| कोलकाता | ₹113.51/लीटर (+2.87) | ₹99.82/लीटर (+2.80) |
| चेन्नई | ₹107.77/लीटर (+2.46) | ₹99.55/लीटर (+2.57) |
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार, 25 मई को तेल की कीमतें दो हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गईं हैं. इसकी वजह यह उम्मीद है कि अमेरिका और ईरान शांति समझौते के करीब पहुंच रहे हैं. भले ही वे कुछ खास मुद्दों पर एक-दूसरे से सहमत नहीं हैं. इसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का मुद्दा भी शामिल है, जिससे पश्चिम एशिया से तेल और गैस की सप्लाई रुकी हुई है.
खबर लिखे जाने तक, ब्रेंट क्रूड 4.71 डॉलर (या 4.55%) घटकर 98.83 डॉलर प्रति बैरल हो गया. जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 4.57 डॉलर (या 4.73%) घटकर 92.03 डॉलर प्रति बैरल हो गया है.
ब्रेंट क्रूड और WTI क्रूड में अंतर
ब्रेंट क्रूड उत्तर सागर से निकाला जाता है, जो ब्रिटेन और यूरोप के पास है. वहीं, WTI क्रूड अमेरिका के टेक्सास, लुइसियाना और न्यू मैक्सिको के तेल क्षेत्रों से निकाला जाता है. ब्रेंट क्रूड वैश्विक मानक है. दुनिया के लगभग 60% से ज्यादा कच्चे तेल की कीमतें इसी के आधार पर तय होती हैं. इसे रिफाइन करना आसान है.
WTI क्रूड खास तौर पर अमेरिकी बाजार के लिए मानक है. इसकी गुणवत्ता ब्रेंट से थोड़ी बेहतर होती है और इससे पेट्रोल-डीजल बनाना सबसे आसान होता है. लेकिन, भारत के लिए WTI को मंगवाना लंबी दूरी की वजह से महंगा पड़ता है.
फिर भारत में क्यों महंगा हो रहा तेल?पिछले दो हफ्तों में यह चौथी बार है जब भारत में फ्यूल की कीमतें बढ़ी हैं. सरकारी तेल कंपनियां दाम बढ़ाकर अब उस नुकसान की भरपाई कर रही हैं, जो उन्हें तब हुआ था, जब ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल हो गई थीं. तब भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर बने हुए थे. विपक्षी पार्टियों का आरोप था इसकी वजह हाल ही में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव थे.
ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ONGC) की डायरेक्टर (एक्सप्लोरेशन) सुषमा रावत ने ANI को बताया,
“जब भी किसी शांति समझौते का ऐलान होता है, तो कच्चे तेल की कीमतें गिरने लगती हैं. लेकिन जब यह साफ हो जाता है कि अभी कोई तुरंत हल नहीं निकलने वाला है, तो कीमतें फिर से बढ़ जाती हैं.”
उन्होंने आगे कहा कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के बाजारों में लगातार उतार-चढ़ाव के बावजूद, भारत अब तक अपने ग्राहकों को दुनिया भर में बढ़ रही ऊर्जा की कीमतों के पूरे असर से बचाने में कामयाब रहा है.
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अब किन-किन चीजों के दाम बढ़ सकते हैं?
पेट्रोल-डीजल महंगा होने का असर अब आम लोगों की जेब पर भी दिख सकता है. सबसे पहले माल ढुलाई का खर्च बढ़ेगा. ट्रकों और दूसरे कमर्शियल वाहनों का किराया बढ़ने से सब्जियां, फल, राशन और डेजी यूज के सामान महंगे हो सकते हैं. खेती की लागत भी बढ़ेगी, क्योंकि ट्रैक्टर और सिंचाई पंप डीजल से चलते हैं. इसके अलावा बस, ऑटो और स्कूल वाहनों के किराए में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. यानी आने वाले दिनों में महंगाई फिर बढ़ने की आशंका है.
वीडियो: एक हफ्ते में 4 रुपए लीटर तक कैसे महंगा हो गया पेट्रोल-डीजल?





















