भारत की शटलर तन्वी शर्मा (Tanvi Sharma) ने अपने करियर में सबसे बड़ी अचीवमेंट हासिल की है. 17 साल की इस यंग शटलर ने ताइपे ओपन में विमेंस सिंगल्स खिताब जीतकर इतिहास रच दिया. 2 अगस्त को खेले गए फाइनल में तन्वी ने वियतनाम की थुई लिन्ह गुयेन ( Thuy Linh Nguyen) को 21-16, 21-16 से हराया. यह उनका पहला BWF वर्ल्ड टूर सुपर-300 खिताब है.
Taipei Open: तन्वी शर्मा का बड़ा धमाका! 18 साल का सूखा खत्म कर जिताया खिताब
ताइपे ओपन (Taipei Open) का खिताब जीतने के लिए भारत को लंबा इंतजार करना पड़ा. साल 2008 में साइना नेहवाल (Saina Nehwal) ने फाइनल जीता था. तन्वी शर्मा (Tanvi Sharma) ने विमेंस सिंगल्स का फाइनल जीतकर 18 साल का सूखा खत्म किया. तन्वी ताइपे ओपन जीतने वाली साइना के बाद भारत की दूसरी बैडमिंटन प्लेयर हैं.

ताइपे ओपन का खिताब जीतने के लिए भारत को लंबा इंतजार करना पड़ा. साल 2008 में साइना नेहवाल ने ये खिताब जीता था. तन्वी शर्मा ने विमेंस सिंगल्स का फाइनल जीतकर 18 साल का सूखा खत्म किया. तन्वी ताइपे ओपन जीतने वाली साइना के बाद भारत की दूसरी बैडमिंटन प्लेयर हैं.
तन्वी ने 36 मिनट में जीता खिताबखिताब मुकाबले में तन्वी शर्मा का डोमिनेंस देखने को मिला. पहले गेम में उन्होंने बेहतरीन कंट्रोल दिखाया. तन्वी ने ड्रॉप शॉट और क्रॉस कोर्ट स्मैश के बदौलत लीड हासिल की. उन्होंने अपने शॉट्स के जरिए बार-बार वियतनाम की प्लेयर को चकमा दिया. हालांकि, तन्वी ने कुछ अनफोर्स्ड एरर भी किए. इसके चलते गुयेन को कमबैक करने का मौका मिला. लेकिन, भारतीय शटलर ने अपनी लय नहीं खोई. तन्वी ने पहला गेम 21-16 से अपने नाम किया.
पहला गेम हारने के बाद, वियतनाम की प्लेयर दबाव में दिखीं. दूसरे गेम में उन्होंने वापसी करने के लिए अटैकिंग स्ट्रैटजी अपनाई. एक समय दूसरे गेम में उन्होंने 3-0 की बढ़त हासिल कर ली. लेकिन, तन्वी शर्मा ने इस लीड का लोड नहीं लिया. वह प्रेशर में नहीं आईं. उन्होंने पेसेंस दिखाया और लंबी रैलीज खेलीं. इसके बाद तन्वी ने बेहतरीन वापसी करते हुए दूसरा गेम भी 21-16 से जीता लिया.
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छोटी उम्र में बड़ा कमालपंजाब की यंग शटलर तन्वी जब ताइपे पहुंची, तो उनके पास जूनियर और सीनियर लेवल पर शानदार परफॉरमेंस का कॉन्फिडेंस था. पूर्व जूनियर वर्ल्ड नंबर-1 तन्वी, एक ही जूनियर चैम्पियनशिप में दो मेडल जीतने वाली भारत की पहली प्लेयर हैं. इसके अलावा तन्वी उस टीम का हिस्सा थीं, जिसने पहली बार एशियन टीम चैम्पियनशिप का गोल्ड मेडल जीता था.
तन्वी शर्मा को बैडमिंटन के गुर पार्क-ताए- सांग ने सिखाए हैं. यह वही पार्क-ताए- सांग हैं, जिन्होंने पीवी सिंधु की कोचिंग दी. ताइपे ओपन जीतने के बाद, तन्वी शर्मा भावुक दिखीं. इस दौरान उन्होंने अपने गले से गोल्ड मेडल उतारकर और कोच के गले में पहना दिया.
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