भारत के खेल इतिहास में कुछ ऐसे पल आते हैं, जो हमेशा के लिए तस्वीर बदल देते हैं. 2008 बीजिंग ओलंपिक में अभिनव बिंद्रा का इंडिविजुअल गोल्ड मेडल जीतना. 2003 वर्ल्ड चैंपियनशिप में अंजू बॉबी जॉर्ज का लॉन्ग जंप में ब्रॉन्ज मेडल, और 2020 टोक्यो ओलंपिक में नीरज चोपड़ा का जैवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल जीतना. इन सभी प्लेयर्स के बड़े मंच पर भारत के लिए ये पहले मेडल थे. अब इस सूची में एथलीट गुलवीर सिंह (Gulveer Singh) का नाम भी जुड़ गया है.
गुलवीर सिंह ने लॉन्ग डिस्टेंस में मेडल जीतकर रचा इतिहास, ये 2 रिकॉर्ड बनाने वाले पहले भारतीय
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लॉन्ग डिस्टेंस रनर Gulveer Singh ने इतिहास रच दिया. 28 साल के भारतीय सेना के नायब सूबेदार गुलवीर ने लॉन्ग डिस्टेंस में भारत को मेडल दिलाया. उन्होंने 1 अगस्त को पुरुषों की 5 हजार मीटर रेस में जबरदस्त टाइमिंग और जुझारूपन दिखाते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीता.

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लॉन्ग डिस्टेंस रनर गुलवीर सिंह ने इतिहास रच दिया. 28 साल के भारतीय सेना के नायब सूबेदार गुलवीर ने लॉन्ग डिस्टेंस में भारत को मेडल दिलाया. उन्होंने 1 अगस्त को पुरुषों की 5 हजार मीटर रेस में जबरदस्त टाइमिंग और जुझारूपन दिखाते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीता.
भारत के पहले एथलीटब्रॉन्ज जीतने के साथ गुलवीर सिंह ने दो इतिहास रचे. पहला, कॉमनवेल्थ गेम्स में 5 हजार मीटर की रेस में मेडल जीतने वाले गुलवीर भारत के पहले एथलीट (महिला और पुरुष दोनों में) हैं. दूसरा, गुलवीर एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में एथलेटिक्स में दो पदक जीतने वाले भारत के पहले ट्रैक एंड फील्ड एथलीट बन गए हैं.
5 हजार मीटर रेस में जीता ब्रॉन्ज कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में उनका दूसरा मेडल है. इससे पहले उन्होंने पुरुषों की 10 हजार मीटर रेस में सिल्वर मेडल जीता था. गुलवीर कॉमनवेल्थ गेम्स में 10 हजार मीटर की रेस में मेडल जीतने वाले भारत के पहले पुरुष एथलीट भी बने.
गुलवीर के लिए लॉन्ग डिस्टेंस रनिंग में यह अचीवमेंच खास है. इससे पहले इस इवेंट में केन्या और युगांडा जैसे अफ्रीकी देशों का दबदबा रहा है. लेकिन, गुलवीर ने अपने दमखम के चलते अफ्रीकी देशों के वर्चस्व को तोड़ दिया. उन्होंने दिखाया कि भारत भी लॉन्ग डिस्टेंस रनिंग में दुनिया को चुनौती देने लगा है.
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1 अगस्त को जब गुलवीर 5 हजार मीटर की फाइनल रेस में उतरे, तो उनके सामने 6 वर्ल्ड क्लास रनर थे. इन रनर्स ने 13 मिनट से कम समय में 5 हजार मीटर की रेस पूरी की थी. गुलवीर ने शुरुआत से ही समझदारी दिखाई. वह आगे चल रहे ग्रुप के साथ बने रहे. अंतिम लैप शुरू होने पर वह पांचवें नंबर पर थे.
गोल्ड और सिल्वर किसने जीता?आखिरी 200 मीटर में जब केन्या और युगांडा के रनर्स के बीच जबरदस्त टक्कर चल रही थी, तब गुलवीर ने जोरदार स्प्रिंट लगाई. उन्होंने केन्या के कॉर्नेलियस केम्बोई को सिर्फ 0.04 सेकेंड से पीछे छोड़ते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया. गुलवीर ने 5 हजार मीटर के इस बेहद रोमांचक फाइनल में 13 मिनट 24.95 सेकेंड का समय निकालकर तीसरा स्थान हासिल किया.
इस इवेंट का गोल्ड मेडल केन्या के मैथ्यू किपसांग ने जीता. उन्होंने 13 मिनट 23.61 सेकेंड में रेस पूरी की. सिल्वर मेडल ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन के नाम रहा. रॉबिन्सन ने 13 मिनट 24.70 सेकेंड का समय निकालकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया.
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