टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (TTFI) ने खेल मंत्रालय से सस्पेंड करने वाले आदेश को स्थगित करने, और पूरे मामले पर नए सिरे से विचार करने की अपील की है. TTFI के मुताबिक ओलंपिक चार्टर के तहत उसकी स्वायत्तता का सम्मान किया जाना चाहिए. साथ ही उसके कामकाज में किसी तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए.
टेबल टेनिस फेडरेशन की अपील, कहा- 'हमारे सस्पेंशन पर फिर विचार करे सरकार'
टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (TTFI) ने स्पोर्ट्स मिनिस्ट्री से सस्पेंड करने वाले आदेश को स्थगित करने, और पूरे मामले पर नए सिरे से विचार करने की अपील की है. फेडरेशन का कहना है कि उसके कामकाज में किसी थर्ड पार्टी का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए.

खेल मंत्रालय ने 12 अगस्त को भारतीय टेबल टेनिस महासंघ की मान्यता सस्पेंड कर दी थी. स्पोर्ट्स मिनिस्ट्री ने इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) से फेडरेशन का काम देखने के लिए एडहॉक समिति बनाने को कहा था. खेल मंत्रालय ने यह कदम TTFI में प्रशासन से जुड़ी खामियों का हवाला देते हुए उठाया था.
मंत्रालय ने इस साल की शुरुआत में कमियों को लेकर फेडरेशन को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया था. मंत्रायल को इस नोटिस का ‘संतोषजनक जवाब नहीं मिला’ था. इसी वजह से खेल मंत्रालय ने TTFI की मान्यता को सस्पेंड करने का फैसला किया.
फेडरेशन ने TTFI की प्रेसिडेंट मेघना अहलावत की तरफ से बयान जारी किया. इसमें फेडरेशन ने खेल मंत्रालय से 12 अगस्त के आदेश पर फिलहाल रोक लगाने की अपील की. इसके अलावा फेडरेशन ने कहा कि इस मामले पर नए सिरे से विचार किया जाए.
फेडरेशन के मुताबिक,
TTFI पूरे सम्मान के साथ, खेल मंत्रालय से अनुरोध करता है कि वो इस मामले में किसी बाहरी या अंतरिम प्रशासनिक व्यवस्था के प्रभावों पर विचार करे. ओलंपिक चार्टर के नियम 27 और 28 के तहत फेडरेशन की स्वायत्तता को मान्यता दी गई है.
फेडरेशन के स्टेटमेंट में आगे कहा गया कि ओलंपिक चार्टर और इंटरनेशनल टेबल टेनिस फेडरेशन के नियम ऑटोनॉमी नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन्स की स्वतंत्रता को मान्यता देते हैं. इन नियमों के अनुसार राष्ट्रीय खेल संघों के कामकाज और प्रशासन में किसी थर्ड पार्टी का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए.
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खामियों को दूर किया गयाटेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया ने आदेश में बताए गए कारणों पर भी सवाल उठाए. फेडरेशन का कहना है कि आदेश में जिन खामियों की बात की गई है, उनमें से कई कमियों को पहले ही दूर किया जा चुका है. कुछ मामलो में शो-कॉज नोटिस जारी करने से पहले और जानकारी मांगी जानी चाहिए थी. TTFI के मुताबिक, ‘आदेश में बताई गई हर कमी या तो तथ्य के हिसाब से गलत थी, या फिर 30 जून 2026 को शो-कॉज नोटिस जारी होने से काफी पहले उसे ठीक कर दिया गया था.’
फेडरेशन ने यह भी बताया कि उसने 7 जुलाई को खेल मंत्रालय को भेजे गए जवाब में अपना पक्ष रखा था. इस जवाब के साथ बैठकों की कार्यवाही, प्रस्ताव और ऑडिट किए गए रिकॉर्ड भी दिए गए थे.
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