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तेजस एक्सप्रेस हो गई स्प्राइट, छह महीने के लिए ट्रेन कोका-कोला के हाथ में!

Sprite Tejas Express: लखनऊ से दिल्ली और दिल्ली से लखनऊ के बीच चलने वाली इस ट्रेन की घोषणा कुछ समय के लिए ‘स्प्राइट तेजस एक्सप्रेस’ के तौर पर की जाएगी. यह व्यवस्था करीब 3 महीने तक लागू रहेगी.

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‘स्प्राइट तेजस एक्सप्रेस’ (तस्वीर एआई से बनाई गई है)

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  • दिल्ली-लखनऊ रूट पर चलने वाली तेजस एक्सप्रेस ट्रेन का नाम 19 अगस्त से 11 नवंबर 2026 तक 'स्प्राइट तेजस एक्सप्रेस' कर दिया गया है, जो रेलवे का नया ब्रांडिंग विज्ञापन मॉडल है।
  • IRCTC ने स्प्राइट को ट्रेन की ब्रांडिंग के विज्ञापन अधिकार छह महीने के लिए दिए हैं, और ट्रेन भारत की पहली निजी तौर पर संचालित तेजस एक्सप्रेस है, जो रेलवे के बुनियादी ढांचे का उपयोग करती है।
  • यदि यह ब्रांडिंग मॉडल सफल रहता है, तो रेलवे के विज्ञापन मॉडल में परिवर्तन हो सकता है और भविष्य में नई तरह की ब्रांडेड ट्रेनों का संचालन बढ़ सकता है।

स्प्राइट (Sprite) अब सिर्फ आपकी प्यास नहीं बुझाएगी, बल्कि आपको आपके गंतव्य तक भी पहुंचाएगी. दिल्ली-लखनऊ रूट पर चलने वाली तेजस एक्सप्रेस का नाम बदलकर ‘स्प्राइट तेजस एक्सप्रेस’ ('Sprite' Tejas Express) कर दिया गया है. 19 अगस्त से 11 नवंबर 2026 तक ट्रेन नंबर 82501 और 82502 को ‘स्प्राइट तेजस एक्सप्रेस’ के नाम से चलाया जाएगा. ये रेलवे का नया विज्ञापन मॉडल है. अब तक कंपनियां ट्रेनों के बाहर विज्ञापन या ब्रांडिंग कर सकती थीं, लेकिन ट्रेन का आधिकारिक नाम नहीं बदला जाता था. इस व्यवस्था में स्प्राइट का नाम तेजस एक्सप्रेस के साथ जोड़ दिया गया है.

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पहली प्राइवेट ट्रेन अब पहली ब्रांडेड ट्रेन भी

द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) ने ट्रेन की ब्रांडिंग के विज्ञापन अधिकार Coca-Cola के मालिकाना हक वाले स्प्राइट (Sprite) को दिए हैं. लखनऊ से दिल्ली और दिल्ली से लखनऊ के बीच चलने वाली इस ट्रेन की घोषणा कुछ समय के लिए ‘स्प्राइट तेजस एक्सप्रेस’ के तौर पर की जाएगी. यह व्यवस्था करीब 3 महीने तक लागू रहेगी.

आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि लखनऊ दिल्ली तेजस एक्सप्रेस देश की पहली निजी तौर पर संचालित ट्रेन है. ट्रेन का संचालन तो आईआरसीटीसी करता है, लेकिन रेलवे ट्रैक और स्टेशनों समेत रेलवे के बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल करने के लिए आईआरसीटीसी भारतीय रेलवे को भुगतान करता है. लखनऊ-दिल्ली तेजस एक्सप्रेस को 3 दिसंबर 2021 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हरी झंडी दिखाई थी.

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आईआरसीटीसी ने स्प्राइट को ट्रेन की ब्रांडिंग के विज्ञापन अधिकार 6 महीने के लिए दिए हैं. इसके लिए लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (Letter of Acceptance) के जरिए प्रक्रिया पूरी की गई है. हालांकि ट्रेन को करीब 3 महीने के लिए ही ‘स्प्राइट तेजस एक्सप्रेस’ के नाम से चलाने की घोषणा की गई है. इस दौरान दोनों दिशाओं में ट्रेन के शुरुआती और रास्ते में पड़ने वाले स्टेशनों पर भी इसी ब्रांड नाम का इस्तेमाल किया जाएगा.

तेजस की बुकिंग आप भी कर सकते हैं

तेजस एक्सप्रेस को कॉरपोरेट मीटिंग, शादी और दूसरे सामाजिक कार्यक्रमों के लिए बुक किया जा सकता है. ट्रेन में एसी चेयर कार कोच भी बुक किया जा सकता है जिसमें एक कोच में 78 सीटें होती हैं. अगर ये प्रयोग सफल रहा तो रेलवे के विज्ञापन मॉडल में बदलाव देखने को मिल सकता है. 

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