The Lallantop

14 साल बाद इस इंडियन ने अमेरिका में बाबर आज़म से लिया 'लिंकन' का बदला!

साल 2010 में पाकिस्तान ने अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत को हराया था. उस टीम में खेले सौरभ नेत्रवलकर ने चौदह साल बाद, डैलस में पाकिस्तान और बाबर आज़म से उस हार का बदला ले लिया.

Advertisement
post-main-image
सौरभ नेत्रवलकर ने कमाल कर दिया (AP)

23 जनवरी 2010, न्यूज़ीलैंड का एक कस्बा. नाम लिंकन. अंडर-19 वर्ल्ड कप के क्वॉर्टर-फ़ाइनल में भारत को मात मिली. हराने वाली टीम पाकिस्तान. कट टू 2024. चौदह साल बाद. लिंकन से साढ़े बारह हजार किलोमीटर दूर, अमेरिका के मशहूर टेक्सस राज्य का डैलस शहर.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

उस मैच में शामिल रहे दो बंदे फिर से आमने-सामने. लेकिन इस बार दोनों में बहुत अंतर था. एक का देश बदल चुका था और दूसरे का रोल. उस रोज़ जीता बंदा अब अपनी सीनियर टीम का कप्तान था. जबकि हारा बंदा भारत छोड़, अमेरिका के लिए खेल रहा था.

अमेरिका ने टॉस जीता. पहले बोलिंग चुन ली. पाकिस्तान पहले बैटिंग करते हुए 159 रन ही बना पाया. हमारी कहानी के पहले कैरेक्टर, पाकिस्तान की कप्तानी कर रहे बाबर आज़म 43 गेंदों पर 44 रन ही बना पाए. पाकिस्तान और बाबर के इस स्ट्रगल में बड़ा रोल निभाया सौरभ नेत्रवलकर ने. यानी हमारी कहानी का दूसरा कैरेक्टर.

Advertisement

यह भी पढ़ें: रिज़वान का पकड़ा ऐसा कैच, लोगों को याद आ गया 2007 वर्ल्ड कप का मैच!

नेत्रवलकर ने इस मैच में चार ओवर फेंके. पाकिस्तानी की मजबूत बैटिंग लाइन अप के सामने सिर्फ़ 18 रन देकर मोहम्मद रिज़वान और इफ़्तिखार अहमद के विकेट्स निकाले. और इन विकेट्स की टाइमिंग देखिए. रिज़वान मैच के दूसरे और इफ़्तिखार 19वें ओवर में आउट हुए. यानी नेत्रवलकर ने ना तो इन्हें अच्छी स्टार्ट लेने दी और ना ही अच्छी फ़िनिश करने दी.

खेल यहीं नहीं रुका. आपको तो पता ही होगा, मैच सुपर ओवर तक गया था. और सुपर ओवर में अमेरिका को बचाने एक बार फिर से नेत्रवलकर आए. मोहम्मद आमिर की दिशाहीन बोलिंग ने सुपर ओवर में अमेरिका के 18 रन बनवा दिए थे.

Advertisement

यानी पाकिस्तान को जीत के लिए 19 रन की जरूरत थी. गेंद नेत्रवलकर के हाथ में. सामने इफ़्तिखार. पहली गेंद डॉट. दूसरी पर चौका. तीसरी वाइड. यानी नेत्रवलकर को तीसरी गेंद फिर से फेंकनी पड़ी. और यही चीज इफ़्तिखार और पाकिस्तान, दोनों को भारी पड़ गई.

नेत्रवलकर ने ये गेंद लो फ़ुलटॉस डाली. इफ़्तिखार ने इसे सीधा मारा. लेकिन गेंद बहुत दूर नहीं गई. सब्सिट्यूट फ़ील्डिंग कर रहे मिलिंद कुमार ने लॉन्ग ऑफ़ से भाग, आगे की ओर डाइव मार बेहतरीन कैच पकड़ा. इफ़्तिखार आउट हो गए. अब पाकिस्तान को आखिरी तीन गेंदों पर 14 रन चाहिए थे.

नेत्रवलकर ने इन तीन गेंदों में भी एक वाइड डाली. लेकिन शादाब खान इसके बावजूद बचे हुए रन नहीं बना पाए. पाकिस्तान वाले ओवर में कुल 13 रन ही बना पाए और मैच गंवा दिया. अमेरिका के कप्तान मोनांक पटेल को प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया. उन्होंने चेज़ करते हुए 38 गेंदों पर 50 रन की पारी खेली थी. और इस जीत के साथ ही नेत्रवलकर ने बाबर और पाकिस्तान से अपना 14 साल पुराना बदला ले लिया.

वीडियो: ग्राउंड में घुसे फ़ैन्स पर सवाल हुआ, रोहित झल्ला गए

Advertisement