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पीटरसन ने बताया ये टीम क्यों बनेगी T20 चैम्पियन?

फाइनल में किस टीम का पलड़ा भारी दिख रहा है.

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केविन पीटरसन और न्यूज़ीलैंड टीम. फोटो: AP/Twitter
ऑस्ट्रेलिया vs न्यूज़ीलैंड. T20 World Cup फाइनल. एक महीने लंबे टूर्नामेंट का अंत आ गया है. साथ ही ये भी तय हो गया है कि इस बार T20 विश्वकप को एक नया चैम्पियन मिलने वाला है. एक तरफ है वर्ल्ड चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया. जिसने एक नहीं बल्कि पांच क्रिकेट विश्वकप जीते हैं. जबकि एक बार भी T20 चैम्पियन नहीं बन पाया. वहीं, दूसरी तरफ है न्यूज़ीलैंड. जिसने 2015 और 2019 में दो-दो विश्वकप फाइनल खेल लिए. वो भी कभी ICC की ट्रॉफी नहीं उठा पाया है. इस बार कोई एक टीम जीतेगी और वो पहली बार ज़रूर होगा. फाइनल से ठीक पहले अब विजेता को लेकर प्रेडिक्शन किए जाने लगे हैं. कोई ऑस्ट्रेलिया को खिताब का प्रबल दावेदार बता रहा है. तो कोई न्यूज़ीलैंड को नया चैम्पियन घोषित कर रहा है. ऐसा ही एक प्रेडिक्शन दिया है इंग्लैंड टीम के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन ने. पीटरसन का कहना है कि न्यूजीलैंड की टीम संतुलित दिख रही है लेकिन उन्हें हैरानी नहीं होगी अगर ऑस्ट्रेलिया चैम्पियन बन जाता है तो. पीटरसन ने कहा,
''न्यूज़ीलैंड की टीम सभी बेस कवर कर रही है, वो संतुलित नज़र आती है. लेकिन मैं ऑस्ट्रेलिया के साथ जाना चाहूंगा. इतिहास गवाह है जब भी कभी बड़े फाइनल्स में ये दोनों टीमें आमने-सामने रही हैं तो ऑस्ट्रेलियंस ने किवी टीम को उखाड़ फेंका है. जैसा कि मेलबर्न में 2015 के 50 ओवर विश्वकप में भी हमने देखा. मुझे बिल्कुल भी हैरानी नहीं होगी अगर मैं रविवार को ऑस्ट्रेलिया को ट्रॉफी उठाते देखता हूं तो.''
T20 वर्ल्डकप सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड दोनों ही टीमें अपने ग्रुप स्टेज में नंबर दो पर रहीं थीं. लेकिन इन दोनों ने ही अपने से दूसरे ग्रुप की नंबर एक टीम को हराकर फाइनल में जगह बनाई. ऑस्ट्रेलिया ने सेमीफाइनल 2 में पाकिस्तान को हराया. वहीं न्यूज़ीलैंड ने सेमीफाइनल 1 में इंग्लैंड को हराकर बाहर किया. ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के T20 रिकॉर्ड की बात करें तो दोनों टीमों के बीच टक्कर में ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा भारी है. दोनों टीमों के बीच 14 T20 मैच खेले गए जिसमें नौ में ऑस्ट्रेलिया और चार में न्यूज़ीलैंड की जीत हुई है. केविन पीटरसन का ध्यान शायद इस रिकॉर्ड पर भी रहा हो. पीटरसन ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया अकसर करो या मरो मैच में शानदार प्रदर्शन करती है. उन्होंने कहा,
''ऑस्ट्रेलियंस करो या मरो मुकाबले में अकसर ऐसा करते हैं. वो हमेशा काम पूरा खत्म करते हैं इसीलिए वो लंबे समय से एक मुश्किल प्रतिद्वंदी रहे हैं. क्य़ोंकि अगर वो किसी बड़े टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंच जाते हैं, तो फिर वो अलग ही ज़ोन में होते हैं.''
केविन पीटरसन की बातों में दम तो है अकसर ऑस्ट्रेलिया को बड़े टूर्नामेंट की मुश्किल टीम कहा जाता है. ऐसे में देखना होगा कि न्यूज़ीलैंड किस तरह से ऑस्ट्रेलिया को रोकने में कामयाब हो पाता है.

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