The Lallantop

गुरुग्राम का बिजली संकट खत्म, सरकार ने बिजली कर्मचारियों की मांग मानी, हड़ताल वापस

Haryana electricity strike: हरियाणा में बिजली क्षेत्र में निजीकरण का कर्मचारी विरोध कर रहे थे. उन्होने 3 दिनों की हड़ताल की घोषणा की थी, जिसे मुख्यमंत्री से बातचीत करने के बाद वापस ले लिया गया है.

Advertisement
post-main-image
हरियाणा में बिजली कर्मचारियों ने 3 दिन की स्ट्राइक रखी थी. (Courtesy-ANI)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • हरियाणा के बिजली कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और मंत्री अनिल विज के साथ बातचीत के बाद तीन दिन की हड़ताल वापस ले ली है।
  • हरियाणा बिजली नियामक आयोग (HERC) द्वारा एक निजी कंपनी को बिजली वितरण का लाइसेंस देने के फैसले के विरोध में कर्मचारी हड़ताल पर गए थे।
  • हड़ताल वापस लेने के बाद बिजली की सप्लाई जल्द बहाल की जाएगी और कर्मचारियों के साथ अगली बातचीत 3 नवंबर को होगी।

हरियाणा के बिजली कर्मचारियों ने 3 दिन की हड़ताल वापस ले ली है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और बिजली मंत्री अनिल विज के साथ बातचीत के बाद स्ट्राइक को कॉल ऑफ कर दिया गया है. जॉइंट एक्शन कमिटी ने कहा कि बिजली की सप्लाई को जल्द बहाल कर दिया जाएगा.

Advertisement

कर्मचारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री सैनी ने भरोसा दिलाया है कि राज्य के बिजली क्षेत्र में निजी कंपनियों को आने नहीं दिया जाएगा. समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे.

मुख्यमंत्री ने कहा- 'सरकार अपने स्टैंड पर है'

बिजली से जुड़े विवाद पर 23 अक्टूबर को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा,

Advertisement

“हमारे जो मंत्री हैं, पिछले कई दिनों से इस विषय के साथ जुड़े हैं कि प्रदेश के लोगों को किसी प्रकार की समस्या न हो. हमारे जो बिजली विभाग के सभी पदाधिकारी हैं, वे उनके संपर्क में थे. पिछले दिनों जब HERC ने आदेश भी पारित नहीं किया था, तब उसकी सुगबुगाहट थी. उस समय (ऊर्जा) मंत्री ने विधानसभा में अपना स्पष्ट रूख बताया था कि हम इसके खिलाफ हैं. सरकार अपने स्टैंड पर है और हम बिजली कर्मचारी यूनियन के साथ है.”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा,

“HERC का अलग एक्ट है, जिसके तहत वे काम करती है. हमने आज एक निर्णय किया है. (इलेक्ट्रिसिटी एक्ट के) सेक्शन 108 के तहत सरकार HERC को निर्देश देती है कि इस फैसले का रिव्यू किया जाए. यूनियन के हमारे सभी पदाधिकारी यहां बैठे हैं, सभी से संयुक्त बातचीत हुई है. इस बातचीत से वे भी संतुष्ट हैं और उन्होंने हड़ताल वापस लेने का फैसला लिया है.”

Advertisement

बिजली से जुड़े मामले पर मीडिया से बात करते हुए ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा,

“हरियाणा में HERC ने एक निजी कंपनी को लाइसेंस देने का फैसला किया था. हालांकि हमने पहले दिन से ही उसका डटकर विरोध किया. मैं एक बात ये भी स्पष्ट करना चाहता हूं कि सरकार ने किसी से किसी प्रकार की एप्लीकेशन नहीं मांगी. लेकिन केंद्र सरकार का जो इलेक्ट्रिसिटी एक्ट है. उसमें प्रावधान है कि नियामक के आगे कोई भी इकाई दरखास्त दे सकती है कि हम किस-किस क्षेत्र में निजीकरण करना चाहते हैं.”

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि जिस दिन ये फैसला आया, उसी दिन उन्होंने भी इसका विरोध किया था. अभी कर्मचारियों की कुछ और मांगें हैं. उन पर विभाग काम कर रहा है. कर्मचारियों के साथ अगली बातचीत 3 नवंबर को होगी.

ये भी पढ़ें: गुरुग्राम के कई इलाके अंधेरे में डूबे, बिजली सप्लाई ठप, परेशान लोगों ने आपा खोया

गुरुग्राम में घरों की बिजली गुल

गुरुग्राम के लोग 21 अक्टूबर की रात 11 बजे से बिजली कटौती की मार झेल रहे थे. कई इलाके ‘पूरी तरह अंधेरे’ में छा गए थे. क्योंकि बिजली कर्मचारियों ने 22 से 24 अक्टूबर तक लगातार तीन दिन की हड़ताल की घोषणा की थी.

स्ट्राइक की वजह हरियाणा बिजली नियामक आयोग (HERC) के गुरुग्राम और नूंह जिलों में बिजली सप्लाई का जिम्मा 'इलेवन पावर' नाम की कंपनी को देना था. कंपनी को 25 साल का समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने के फैसले के खिलाफ बिजली कर्मचारी हड़ताल पर उतरे थे. लेकिन अब सरकार से बातचीत के बाद उन्होंने स्ट्राइक को कॉल-ऑफ कर दिया है.

वीडियो: मणिपुर में फिर तनाव, मैतेई युवक की हत्या के विरोध में 48 घंटे का बंद, कॉन्सर्ट में क्या हुआ था?

Advertisement