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भारतीय से शादी करने वाली रूसी महिला के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस क्यों जारी हुआ?

Red corner notice issued against Russian woman: रेड कॉर्नर नोटिस ऐसे व्यक्ति के बारे में पता लगाने के लिए जारी किया जाता है जिस पर आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप हो. हालांकि ये अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी का वारंट नहीं होता है.

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महिला की शादी 2017 में भारतीय शख्स से हुई थी. (Courtesy-Unsplash)

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  • दिल्ली पुलिस ने रूसी महिला विक्टोरिया बसु के खिलाफ इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है और उसकी एक्सट्रैडिशन के लिए औपचारिक प्रक्रिया शुरू की गई है।
  • विक्टोरिया बसु ने 2025 में सुप्रीम कोर्ट के शेयर्ड कस्टडी फैसले को न मानकर बिना सूचना दिए अपने बच्चे को लेकर भारत से नेपाल भागने का आरोप है।
  • पुलिस और रूसी अधिकारियों के बीच सहयोग से आरोपी का पता लगाने और प्रत्यर्पण के लिए गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय एवं मॉस्को के भारतीय दूतावास के माध्यम से कार्रवाई जारी है।

रूसी मां, भारतीय पिता और बच्चे की कस्टडी की लड़ाई. इसमें अदालत के साथ ही पुलिस भी शामिल है. दिल्ली पुलिस ने रूसी महिला विक्टोरिया बसु के खिलाफ इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है. पुलिस ने रूसी अधिकारियों के जरिए उसकी एक्सट्रैडिशन की कार्यवाही शुरू की है.

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ये जानकारी दिल्ली की एक अदालत में फाइल की गई स्टेट्स रिपोर्ट से मिली. पुलिस ने एक भारतीय शख्स से शादी करने वाली रूसी महिला के खिलाफ एक मामले में एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) भी फाइल की है.

रेड कॉर्नर नोटिस ऐसे व्यक्ति के बारे में पता लगाने के लिए जारी किया जाता है जिस पर आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप हो. हालांकि ये अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी का वारंट नहीं होता है.

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2017 में हुई थी कपल की शादी

विक्टोरिया बसु पर अपने नाबालिग बच्चे को साथ लेकर भागने का आरोप लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने 2025 में बच्चे की शेयर्ड कस्टडी का फैसला सुनाया था. मगर विक्टोरिया ने उसे नहीं माना. जिसके बाद पति सैकत बसु ने डिफेंस कॉलोनी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई.

विक्टोरिया बसु और सैकत बसु की 2017 में शादी हुई थी. दिसंबर 2020 में कपल के बच्चे का जन्म हुआ. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी शादी सही नहीं चल रही थी. 2023 में ही विक्टोरिया अपनी मां के साथ सैकत के घर से चली थी. वो अपने साथ बच्चे को भी लेकर नहीं गई. बाद में उसने 2023 में सुप्रीम कोर्ट में बच्चे की पूरी कस्टडी मांगते हुए पिटीशन फाइल की. मई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने शेयर्ड कस्टडी का फैसला सुनाया.

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आरोप है कि जून 2025 में विक्टोरिया बिना किसी को बताए अपने बच्चे को लेकर घर से चली गई. इसके बाद सैकत ने डिफेंस कॉलोनी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की. रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस की एक पुरानी स्टेटस रिपोर्ट में नेपाल से मिले ट्रैवल रिकॉर्ड में कुछ गड़बड़ियां सामने आई थी.

जंगल के रास्ते नेपाल जाने का लगा आरोप

बताया गया कि विक्टोरिया और बच्चा जुलाई 2025 में बीरगंज के रास्ते नेपाल गए थे. जांचकर्ताओं को शक है कि उनकी मदद सह-आरोपी समीर अंसारी ने की थी. अंसारी की मदद से वो जंगल के रास्ते नेपाल गए थे. रूसी अधिकारियों ने पहले ही दिल्ली पुलिस को बता दिया था कि मां और बच्चे का "कोई पता नहीं चल पा रहा है."

पुलिस ने मामले में नताशा नाम की एक सह-आरोपी से भी कॉन्टैक्ट किया. उस पर विक्टोरिया को भारत से भागने में मदद करने का शक है. दिल्ली पुलिस ने स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करते हुए बताया कि आरोपी का पता लगाने के लिए एक औपचारिक प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इसे गृह मंत्रालय को भेज दिया गया है. ताकि विदेश मंत्रालय (MEA) और मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास के जरिए आगे की कार्रवाई की जा सके.

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