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सिल्वर मेडलिस्ट तुलिका मान कॉमनवेल्थ गेम्स से बाहर! मामला डोप टेस्ट से जुड़ा है

Tulika Maan Suspension : बर्मिंघम में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स की सिल्वर मेडलिस्ट Tulika Maan अब ग्लासगो नहीं जाएंगी. उन्हें NADA ने सस्पेंड कर दिया है. इससे पहले, जूडोका Arun Kumar को भी डोप टेस्ट में फेल होने के कारण 23 जुलाई को टीम से बाहर कर दिया गया था.

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तुलिका मान ने बर्मि‍ंघम में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था. (फोटो-PTI)

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  • नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (NADA) ने तीन बार वेयरअबाउट फेलियर्स के कारण जूडो खिलाड़ी तुलिका मान को 12 महीने के लिए निलंबित कर, उन्हें कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 टीम से बाहर कर दिया।
  • वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी (WADA) के नियमों के तहत RTP खिलाड़ियों को 12 महीनों में अपनी लोकेशन की जानकारी तीन बार प्रदान करनी होती है; न देने पर यह नियम उल्लंघन माना जाता है।
  • तुलिका मान की अनुपस्थिति से भारतीय जूडो टीम को पदक की संभावना प्रभावित होगी और टीम के ग्लासगो रवाना होने से पहले रणनीति में बदलाव आवश्यक होगा।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय जूडो दल को बड़ा झटका लगा है. अरुण कुमार के बाद अब बर्मि‍ंघम की सिल्वर मे‍डलिस्ट तुलिका मान भी डोप टेस्ट को लेकर टूर्नामेंट से बाहर कर दी गई हैं. नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (NADA) ने जूडोका को पिछले 12 महीने में 3 बार वेयरअबाउट फेलियर्स (whereabouts failures) के कारण संस्पेंड कर दिया है.

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इसके चलते, उन्हें ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स की टीम से बाहर कर दिया गया है. तुलिका मान ने 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में +78 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल जीता था. इस बार भी उनसे पदक की बहुत उम्मीद थी. लेकिन, अब वो भारतीय दल के साथ ट्रैवल नहीं करेंगी. एक जूडो कोच ने नाम न बताने की शर्त पर एक न्यूज एजेंसी से कहा,

उन्होंने 12 महीने के भीतर तीन बार वेयरअबाउट्स फेलियर किया है. NADA ने उन्हें नोटिस भेजा है. इसलिए उन्हें टीम से हटा दिया जाएगा.  

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इससे पहले, 23 जुलाई को टीम के एक अन्य जूडोका अरुण कुमार (-73 किलोग्राम वर्ग) को भी आउट-ऑफ-कंपटीशन डोप टेस्ट में फेल होने के कारण टीम से बाहर कर दिया गया था. भारतीय जूडो टीम अभी तक गेम्स के लिए रवाना नहीं हुई है. उनका मुकाबला 31 जुलाई से शुरू होना है. ऐसे में टीम 27 जुलाई को ग्लासगो रवाना होगी. लेकिन, दो जूडोका के कॉम्पिटिशन से बाहर होने के कारण भारतीय दल को बड़ा झटका लगा है. 

क्या है WADA का नियम?

वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी (WADA) के नियमों के मुताबिक, 12 महीनों की अवधि में तीन बार अपने लोकेशन की जानकारी नहीं देने या डोप टेस्ट के लिए मौजूद नहीं होने को एंटी डोपिंग नियमों का उल्लंघन माना जाता है. ‘रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल’ (RTP) में शामिल खिलाड़ियों को रात में अपने ठहरने के स्थान का पूरा पता, ट्रेनिंग स्थल, कार्यस्थल का पूरा डिटेल और हर एक्टिविट की टाइमिंग देनी जरूरी होती है.

इसके अलावा, RTP में शामिल खिलाड़ियों को हर दिन के लिए 60 मिनट का एक निश्चित समय और स्थान भी बताना होता है, जहां वो डोप टेस्ट के लिए मौजूद होंगे. अगर कोई खिलाड़ी इन स्थान संबंधी जानकारी और डोप टेस्ट से जुड़ी रिक्वायरमेंट का पालन नहीं करता है तो इसे एंटी डोपिंग नियमों का उल्लघंन माना जाता है.

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2022 में आए थे 3 मेडल्स

भारत ने शुरुआत में 14 सदस्यीय जूडो टीम को मंजूरी दी थी. इसमें 7 मेल और 7 फीमेल एथलीट शामिल थे. बर्मिंघम में हुए पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने तीन मेडल्स जीते थे. टीम के कुल 6 लोग शामिल थे. इनमें दो ने सिल्वर और एक ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था. इसमें तुलिका का सिल्वर मेडल भी शामिल था.

तुलिका देश की सबसे सफल जूडो खिलाड़ियों में से एक हैं. उन्होंने 2024 पेरिस ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था. पेरिस में उनका अभियान राउंड ऑफ 32 में खत्म हो गया था. साथ ही उन्होंने 2022 और 2024 वर्ल्ड जूडो चैंपियनशिप में भी हिस्सा लिया था. ऐसे में उनकी गैरमौजूदगी भारतीय टीम को बहुत खलेगी.

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