जो लोग हर महीने अपनी जरूरतों के लिए पैसा जोड़ना चाहते हैं उनके रिकरिंग डिपॉजिट (RD) बढ़िया रास्ता है. आरडी में निवेश करने पर जोखिम कम है. इसमें भले ही शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड्स की तुलना में कम रिटर्न मिलता है, लेकिन वो तयशुदा होता है. जानते हैं कि आरडी अकाउंट क्या है, कहां खाता खोल सकते हैं, हर महीने कितना पैसा जमा कर सकते हैं और एफडी और आरडी में क्या फर्क है?
FD में निवेश के लिए मोटी रकम नहीं है, RD अकाउंट को समझने का वक्त आ गया है
जानते हैं कि आरडी अकाउंट क्या है, कहां खाता खोल सकते हैं, हर महीने कितना पैसा जमा कर सकते हैं और एफडी और आरडी में क्या फर्क है.

रिकरिंग डिपॉजिट्स में निवेशकों को एक निश्चित अवधि के लिए हर महीने एक निश्चित राशि जमा करने की सुविधा मिलती है. निवेश के समय ही रिटर्न पहले से तय होता है इसलिए रिटर्न को लेकर किसी तरह का कंफ्यूजन नहीं रहता है. इसकी ब्याज दरें सरकार तय करती है.
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हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर संजीत सिंह ने लल्लनटॉप से बातचीत में कहा कि आरडी अकाउंट सभी पोस्ट ऑफिस, सरकारी और निजी बैंकों में खोला जा सकता है. आरडी खाते में न्यूनतम 100 रुपये की हर महीने जमा करने की सुविधा मिलती है. हालांकि, निवेश की कोई ऊपरी सीमा नहीं है.
आरडी और एफडी में क्या अंतर है?प्रोफेसर संजीत सिंह बताते हैं कि फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में एक साथ पैसा जमा करना पड़ता है. बैंक इस अवधि के दौरान एक निश्चित ब्याज दर का भुगतान करते हैं. वहीं, आरडी में अनुशासित तरीके से हर महीने पैसे जमा करना होता है. इसलिए धीरे-धीरे बचत करने वाले लोगों के लिए आरडी स्कीम बेहतर काम करती है.
आरडी की एक खास बात ये है कि इसमें सेविंग अकाउंट्स की तुलना में आरडी पर अधिक रिटर्न मिलता है. लेकिन चक्रवृद्धि ब्याज के कारण फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) की तुलना में आरडी पर रिटर्न कम होता है. इस साल ज्यादातर बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट और रिकरिंग डिपॉजिट्स (RD) पर सालाना ब्याज दर 5.5% से 7.75% के बीच है.
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