भारत के पूर्व कप्तान और सलेक्टर रह चुके क्रिस श्रीकांत (Kris Srikanth) मौजूदा कप्तान श्रेयस अय्यर से काफी नाराज हैं. नाराजगी की वजह सिर्फ टीम इंडिया की हार नहीं है. इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी T20 मैच में टॉस के समय श्रेयस अय्यर ने जो इंटरव्यू दिया, वो श्रीकांत को नहीं भाया. श्रीकांत के मुताबिक अय्यर इंटरव्यू में जिस तरह से गलत फैसलों का बचाव कर रहे थे, वह ठीक नहीं था. उनका कहना है कि ऐसे बयान टीम के युवा खिलाड़ियों के लिए भी अच्छे नहीं हैं.
वैभव का भविष्य क्यों खराब किया जा रहा है? श्रीकांत का गंभीर-अय्यर से बड़ा सवाल
पूर्व कप्तान Kris Srikanth ने कहा कि अगर प्रदर्शन के दम पर खिलाड़ियों को ड्रॉप किया जा रहा है, तो यही क्राइटेरिया गौतम गंभीर और श्रेयस अय्यर पर भी लागू किया जाना चाहिए.


श्रेयस अय्यर ने आखिरी मैच में टॉस के समय बताया था कि वैभव को ड्रॉप करके संजू सैमसन को टीम में जगह दी जा रही है. जब उनसे इस फैसले का कारण पूछा गया तो उन्होंने टीम का जिक्र कर दिया. अय्यर ने कहा कि टीम ने सोचा कि आगे के लिए क्या सही होगा और उसी तर्ज पर यह फैसला लिया गया है. यही बात श्रीकांत के गले से नहीं उतरी.
सब पर लागू हो एक जैसा नियमश्रीकांत ने कहा,
“बतौर कप्तान यह बहुत जरूरी है कि आप क्या कह रहे हैं. आप कैसे एक युवा टीम बना रहे हैं? अगर अय्यर को ऐसा लगता है तो शायद पूरे टीम मैनेजमेंट को बदलने की जरूरत है. जिस तरह अभी खिलाड़ियों को बैक नहीं किया जा रहा, उन्हें कभी भी बाहर कर दिया जा रहा है. अगर आगे भी ऐसा ही होने वाला है, तो सभी को बदलने की जरूरत है.”
श्रीकांत ने गौतम गंभीर और अय्यर को भी घेर लिया. उन्होंने कहा,
“अगर प्रदर्शन के दम पर खिलाड़ियों को ड्रॉप किया जा रहा है, तो यही क्राइटेरिया गौतम गंभीर और श्रेयस अय्यर पर भी लागू किया जाना चाहिए. क्योंकि UK दौरे पर उन लोगों ने भी प्रदर्शन नहीं किया है.”
यह भी पढ़ें- स्टीफन फ्लेमिंग अब CSK में नहीं दिखेंगे, 18 साल की पार्टनरशिप खत्म
वैभव के साथ गलत कर रही है टीमटॉप ऑर्डर में लगातार प्लेयर्स शफल करने को लेकर टीम मैनेजमेंट की काफी आलोचना हुई है. हाल ही में हुए T20 वर्ल्ड कप में 'प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट' चुने जाने के बावजूद सैमसन को तीन मैचों के बाद ही बाहर कर दिया गया. वहीं आखिरी T20 में सूर्यवंशी को मौका नहीं दिया गया.
श्रीकांत इसी तरह के फैसलों से नाराज है. उन्होंने कहा कि अगर अय्यर को लग रहा था कि संजू सैमसन ही टीम के लिए बेस्ट हैं, तो फिर उन्हें पूरी सीरीज में मौका क्यों नहीं दिया गया? वैभव को टीम में क्यों लाए और फिर उन्हें भी ड्रॉप कर दिया.
श्रीकांत ने सवाल किया कि वैभव का भविष्य क्यों खराब किया जा रहा है? उनका आत्मविश्वास कम किया जा रहा है. श्रीकांत ने बताया कि जब 16 साल की उम्र में सचिन तेंदुलकर ने डेब्यू किया था, तब उन्हें यह बताया गया था कि वह पूरे दौरे पर वह ड्रॉप नहीं होंगे. इससे सचिन को बेखौफ अंदाज में खेलने का आत्मविश्वास मिला. गंभीर और श्रेयस को भी वैभव को ऐसा ही ऐसे ही कॉन्फिडेंस देना चाहिए.
वीडियो: भारत बनाम इंग्लैंड के मैच में क्या हुआ?










