न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग (Stephen Fleming) अब चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के हेड कोच नहीं रहेंगे. फ्रैंचाइजी ने उनके साथ करार खत्म कर लिया है. सोमवार, 13 जुलाई को ये फैसला लिया गया. दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला किया है. ये IPL इतिहास की सबसे सफल और लंबी पार्टनरशिप में से एक का अंत है.
स्टीफन फ्लेमिंग अब CSK में नहीं दिखेंगे, 18 साल की पार्टनरशिप खत्म
2008 में IPL शुरू हुआ, तब Stephen Fleming खिलाड़ी थे. 2009 से कोच बने. CSK की सफलता की कहानी में उनका बड़ा योगदान है. उनके कोच रहते टीम कई बार प्ले-ऑफ और फाइनल तक पहुंची. 2010, 2011, 2018, 2021 और 2023 में IPL ट्रॉफी भी उठाई.


फ्लेमिंग 2008 में CSK से जुड़े थे. वो उस सीजन टीम में एक प्लेयर के रूप में थे. एमएस धोनी की कप्तानी में टीम उस सीजन IPL में रनर-अप रही. फिर 2009 से वो टीम के हेड कोच बन गए. लगभग 18 साल तक उन्होंने CSK को संभाला. इस दौरान टीम ने 5 IPL खिताब और 2 चैंपियंस लीग T20 ट्रॉफी भी जीतीं. फ्लेमिंग IPL के सबसे सफल कोच रहे.
CSK ने इस फैसले को लेकर X पर लिखा,
“सुपर किंग्स और हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने आपस में बातचीत से अलग होने का फैसला लिया है. हमने साथ में IPL के इतिहास की सबसे सफल और लंबी पार्टनरशिप की. आपने जो विरासत छोड़ी है, वो हमेशा हमें प्रेरणा देती रहेगी. बहुत सम्मान के साथ, थैंक यू स्टीफन.”

फ्लेमिंग ने CSK से अलग होने के बाद कहा,
“खेल में 18 साल एक पूरी जिंदगी के बराबर है. मैं सिर्फ शुक्रगुजार हूं. CSK के साथ मेरा समय मेरे कोचिंग करियर का सबसे खास हिस्सा रहा. हमने साथ मिलकर बहुत बड़ी जीत हासिल की, मुश्किल समय पार किया और बहुत सारी यादें बनाईं. CSK हमेशा मेरे दिल के करीब रहेगी. आगे भी मैं टीम को सपोर्ट करता रहूंगा.”
CSK के मालिक रूपा गुरुनाथ ने फ्लेमिंग की तारीफ करते हुए कहा,
CSK के साथ सफर“वो पिछले दो दशक से टीम की धड़कन रहे हैं. उन्होंने टीम की पहचान और विजन और को आकार दिया.”
2008 में IPL शुरू हुआ तब फ्लेमिंग खिलाड़ी थे. 2009 से कोच बने. CSK की सफलता की कहानी में उनका बड़ा योगदान है. उनके कोच रहते टीम कई बार प्ले-ऑफ और फाइनल तक पहुंची. 2010, 2011, 2018, 2021 और 2023 में IPL ट्रॉफी भी उठाई. साथ ही 2010 और 2014 में चैंपियंस लीग T20 भी अपने नाम की.
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ये पार्टनरशिप IPL की सबसे मजबूत मानी जाती रही है. धोनी की कप्तानी और फ्लेमिंग की कोचिंग में CSK ने हमेशा बैलेंस्ड और स्मार्ट क्रिकेट खेला. अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा, सही स्ट्रेटजी और हमेशा कूल दिखना, यही फ्लेमिंग की खासियत रही.
पिछले कुछ सीजन में CSK को अच्छे रिजल्ट्स नहीं मिले, लेकिन फ्रैंचाइजी ने हमेशा फ्लेमिंग पर भरोसा दिखाया. अब दोनों पक्षों ने खुली चर्चा के बाद ये फैसला लिया है.
CSK जल्द ही नया हेड कोच अपॉइंट करेगी. लेकिन धोनी और फ्लेमिंग के बाद CSK की नई पीढ़ी को कौन संभालेगा, ये एक बड़ा सवाल है. फ्लेमिंग की रणनीतियों ने कई मैच पलटे. टीम कल्चर बनाने में उनका रोल बहुत बड़ा था.
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