एशियन गेम्स 2026 में भारतीय हॉकी टीम ने जबरदस्त शुुरुआत की. मेंस हॉकी टीम ने पूल-ए के मुकाबले में इंडोनेशिया को 13-1 से रौंदा. वहीं, विमेंस टीम ने उज्बेकिस्तान को 19-0 से पटखनी दी. भारतीय टीमों के इस रिकॉर्ड प्रदर्शन के बावजूद एक बार फिर उनकी जर्सी को लेकर चर्चा हो रही है.
जिस 'भगवा' जर्सी पर मचा था बवाल, एशियन गेम्स में उसी रंग में क्यों उतरीं दोनों हॉकी टीमें?
Asian Games 2026 : भारत की महिला और पुरुष हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में जबरदस्त शुरुआत की. दोनों ने एकतरफा अंदाज में अपने मुकाबले जीते. लेकिन, हाल ही में वर्ल्ड कप में जिस भगवा जर्सी को लेकर इतना विवाद हुआ, दोनों भारतीय हॉकी टीम वही जर्सी पहनकर उतरी.

दरअसल, भारत की दोनों हॉकी टीम अपने पहले मुकाबले में नीली जर्सी की जगह एक बार फिर भगवा जर्सी में उतरी. हॉकी इंडिया के प्रमुख ने कहा था कि एशियन गेम्स में भारतीय टीमों की पारंपरिक नीली जर्सी वापस लाई जाएगी. लेकिन, इसके बावजूद दोनों टीमें भगवा जर्सी में ही पहला मुकाबला खेलने उतरीं.
अगर आपको याद हो, पिछले महीने बेल्जियम और नीदरलैंड्स में हुए वर्ल्ड कप के दौरान ही जर्सी को लेकर काफी विवाद हुआ था. जर्सी के रंग में बदलाव को लेकर हॉकी इंडिया के भीतर भी मतभेद सामने आए थे.
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने कहा था कि यह फैसला मंजूरी के बिना किया गया था. इस दौरान हॉकी इंडिया के सचिव भोला नाथ सिंह और टिर्की के बीच मतभेद की खबरें भी सामने आई थीं. माना जाता है कि जर्सी के रंग में बदलाव के पीछे भोला नाथ सिंह की भूमिका थी.
हालांकि, वर्ल्ड कप के बाद और एशियन गेम्स से ठीक पहले टिर्की ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि एशियन गेम्स में भारत की मेन किट नीली होगी. उसके साथ केसरिया रंग की किट विकल्प के तौर पर रहेगी. विदाई समारोह में टिर्की ने कहा था,
IOA ने टीम की किट के रंगों को लेकर हमें विकल्प दिए थे. हॉकी इंडिया ने इंडियन टीम की किट के लिए नीले रंग को फर्स्ट चॉइस चुना था. भगवा सेकेंड चॉइस होगी.
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लेकिन, शुरुआती मुकाबले में भारत की दोनों टीमें भगवा जर्सी पहनकर ही उतरीं.
दूसरी जर्सी भी नीली नहींवहीं, एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, टीम की दूसरी जर्सी भी पूरी तरह नीली नहीं है. हॉकी इंडिया के एक सूत्र ने गोपनीयता की शर्त पर बताया कि टीम की दूसरी किट भी पूरी तरह नीली नहीं है. उसमें सफेद और आसमानी नीले रंग के साथ भगवा किट का विकल्प होगा.
रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्र ने कहा,
2026 एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीमों की खेलने वाली किट में हमेशा भगवा और सफेद- आसमानी नीले रंग का कॉम्बिनेशन शामिल था. इसे खुद हॉकी इंडिया के अध्यक्ष ने मंजूरी दी थी. फिर उन्होंने पूरी तरह नीली जर्सी पहनने की बात क्यों कही? यह सवाल उन्हीं से पूछा जाना चाहिए.
जर्सी का रंग बदलने के पीछे यह तर्क दिया गया था कि नीली टर्फ पर नीली जर्सी पहनने से प्लेयर्स को देखने में परेशानी होती है. भगवा रंग ज्यादा स्पष्ट दिखता है. 1928 में ओलंपिक डेब्यू के बाद से ज़्यादातर मौकों पर भारतीय हॉकी टीम ने नीली जर्सी ही पहनी है. हालांकि, बीच-बीच में कुछ मौकों पर टीम की जर्सी में थोड़े बहुत बदलाव हुए हैं.
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