बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की प्रमुख मायावती एक बार फिर अपने फैसले से पलट गईं. पिछली बार अपनी एक्स पोस्ट में उन्होंने अपने भाई आनंद कुमार के दोनों बेटों आकाश और ईशान को पार्टी में कोई पद देने से मना कर दिया था. अब उन्होंने कहा है कि वह सिर्फ आकाश के छोटे भाई ईशान को ही आगे ले जाएंगी. मायावती ने आकाश की बहन दीपिका के लिए भी पार्टी का रास्ता बंद कर दिया है जबकि पहले उन्होंने सिर्फ दीपिका को ही पार्टी में जिम्मेदारी दिए जाने की बात कही थी. ये सब तब हो रहा है जब यूपी में विधानसभा चुनाव को कुछ महीने बचे हैं.
आकाश-दीपिका पर फिर यूू-टर्न, मायावती ने कहा, 'छोटे भतीजे को आगे बढ़ाएंगे लेकिन...'
मायावती ने कहा कि उन्होंने अपने अनुभव और पार्टी हित को ध्यान में रखते हुए परिवार और राजनीतिक जिम्मेदारियों को अलग रखने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि आकाश आनंद को पहले परिवार के आग्रह पर राजनीति में आगे लाया गया था. लेकिन शादी के बाद उनके रवैये और गतिविधियों को लेकर मायावती ने आपत्ति जताई और उन्हें पार्टी से अलग करने का फैसला किया.

23 सितंबर को होने वाली BSP की ऑल-इंडिया मीटिंग से पहले मायावती ने 'एक्स' पर एक लंबी-चौड़ी पोस्ट की है. पोस्ट में मायावती ने लिखा कि उन्होंने यह फैसला पार्टी के हितों और राजनीतिक काम से पारिवारिक रिश्तों को अलग रखने के अपने अनुभव को ध्यान में रखते हुए लिया है. उन्होंने यह भी साफ किया कि आकाश आनंद और उनकी बहन को जिम्मेदारियों से दूर रखने का फैसला बदला नहीं जाएगा.
मायावती ने कहा कि उन्होंने पहले परिवार के कहने पर आकाश आनंद को राजनीति में शामिल किया था. लेकिन शादी के बाद उनके व्यवहार और गतिविधियों के कारण उन्हें फिर से BSP से अलग होना पड़ा. मायावती के अनुसार, आकाश आनंद अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के साथ पूरी तरह से जुड़ गए हैं. ऐसे में उन्हें पार्टी में वापस लाना गंभीर धोखा और पार्टी-विरोधी काम होगा. मायावती ने कहा कि वह इसकी इजाजत नहीं देंगी.
मायावती ने कहा कि उनके सामने यह दुविधा पैदा हो गई है कि आनंद कुमार के परिवार में से किसे पार्टी में कोई भूमिका दी जाए. इस मामले पर विचार करने के बाद उन्होंने फैसला किया है कि परिवार के किसी ऐसे सदस्य को आगे नहीं लाया जाएगा जो आकाश आनंद के रास्ते पर चल पड़े. उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि शादी के बाद आकाश आनंद की बहन को भी ऐसी ही स्थिति का सामना करना पड़ सकता है. मायावती ने लिखा,
इस संभावना को ध्यान में रखते हुए और पार्टी के भले के लिए अब यह सही होगा कि आकाश आनंद और उनकी बहन दोनों को ही पार्टी की किसी भी जिम्मेदारी से पूरी तरह दूर रखा जाए.
मायावती ने कहा कि आकाश के बजाय ईशान आनंद को BSP में सम्मानजनक जिम्मेदारी दी जाएगी. क्योंकि उन्हें भरोसा है कि ईशान को आकाश या उनकी बहन जैसी मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ेगा. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में क्या होगा, यह कोई नहीं जानता. मायावती ने ईशान आनंद के लिए एक शर्त भी रखी है. उन्होंने कहा कि अगर वह पार्टी के खिलाफ कोई गंभीर काम करते हैं तो उन्हें भी BSP से हटा दिया जाएगा. अगर ऐसा हुआ तो आनंद कुमार के परिवार के किसी और सदस्य को पार्टी की कोई ज़िम्मेदारी नहीं दी जाएगी.
उन्होंने कहा कि ऐसा होने पर BSP में पहले से काम कर रहे दलित वर्ग के एक समर्पित और वफादार कार्यकर्ता को आगे लाया जाएगा.
कांशीराम और अंबेडकर का जिक्रमायावती ने अपने फैसले को BSP संस्थापक कांशी राम और परिवार के सदस्यों के प्रति उनके नजरिए से जोड़ा. उन्होंने कहा कि राजनीति में आने के बाद कांशीराम ने अपने करीबी रिश्तेदारों और परिवार वालों को राजनीतिक फायदों से दूर रखा. उन्हें पार्टी निस्वार्थ भाव से काम करने दिया. मायावती ने कहा कि उन्होंने भी उसी नजरिए को अपनाने की कोशिश की है.
उन्होंने बताया कि वो एक महिला है. इस नाते उन्हें अपने भाई-बहनों में से कम से कम एक को अपने साथ रखने की जरूरत महसूस हुई. इसकी वजह से उनके छोटे भाई आनंद कुमार कई सालों तक उनके साथ काम करते रहे.
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BSP की 23 सितंबर को ऑल इंडिया कमेटी की बैठक प्रस्तावित है. यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब पार्टी के भीतर नेतृत्व, संगठन और परिवार की भूमिका को लेकर लगातार बदलाव देखने को मिल रहे हैं. आकाश आनंद को पहले मायावती के संभावित राजनीतिक उत्तराधिकारी के तौर पर आगे बढ़ाया गया था लेकिन पिछले दो सालों में उन्हें कई बार पार्टी की जिम्मेदारियों से हटाया गया और फिर वापस लाया गया.
सितंबर 2026 में एक बार फिर उन्हें महत्वपूर्ण संगठनात्मक पद से हटाने के बाद पार्टी से निष्कासित कर दिया गया. अब मायावती ने ईशान आनंद को आगे लाने का फैसला किया है. ऐसे में 23 सितंबर की बैठक में BSP के संगठन और आगामी चुनावी रणनीति को लेकर होने वाले फैसलों पर नजर रहेगी.
वीडियो: यूपी बुलेटिन:आकाश आनंद पर मायावती के फैसले की पूरी कहानी











