साउथ अफ्रीका केपटाउन टेस्ट में अपनी दूसरी इनिंग्स में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ स्ट्रगल कर रहा था. प्रोटियाज के 5 विकेट 181 रनों पर गिर गए थे. कंगारुओं की उम्मीदें जाग गई थी. उन्हें जीत की महक आने लगी थी. मिचेल स्टार्क कहर बरपा रहे थे. साउथ अफ्रीका के पास सिर्फ दो स्पेशलिस्ट बैटर बचे थे. ये बल्लेबाज थे रियान रिकल्टन और वियान मुल्डर. मेजबान टीम की सारी उम्मीदें इन्हीं पर टिकी थीं. दोनों बैटर चले, तो साउथ अफ्रीका कमबैक करता. नहीं तो ऑस्ट्रेलिया 12 साल बाद दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट सीरीज जीत जाता.
181 रन पर ले लिए थे 5 विकेट, रिकल्टन और मुल्डर ने कंगारुओं की सारी मेहनत बेकार कर दी
खेलों में एक कहावत प्रचलित है. अटैक इज द बेस्ट डिफेंस. केपटाउन टेस्ट में रेयान रिकल्टन और वियान मुल्डर ने इसी कहावत को फॉलो किया. दूसरी पारी में 5 विकेट गिरने बाद साउथ अफ्रीका पर प्रेशर था. लेकिन, रिकल्टन और मुल्डर ने हौसला नहीं खोया.

लेकिन, साउथ अफ्रीका की टीम भी कम जिद्दी नहीं है. पिछले कुछ समय से उसका रिकॉर्ड अपनी धरती पर शानदार है. आंकड़ों पर गौर करें, तो दक्षिण अफ्रीका ने अपनी सरजमीं पर पिछले 6 टेस्ट में से 5 मुकाबले जीते हैं. इनमें से कुछ मुकाबले ऐसे हैं, जिनमें मेजबानों ने कमबैक करते हुए जीत दर्ज की. कुछ दिन पहले गेबेरहा में खेला गया टेस्ट मैच क्रिकेट फैंस को याद होगा. साउथ अफ्रीका ने यह मुकाबला वापसी करते हुए जीता था. मैच में जीत के हीरो थे कप्तान टेम्बा बावुमा.
बीते 2-3 सालों में देखा जाए, तो साउथ अफ्रीका की जीत में कोई न कोई प्लेयर अहम भूमिका निभा देता है. दक्षिण अफ्रीका की टीम एक दो खिलाड़ियों पर डिपेंड नहीं है. केपटाउन में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट में भी यह नजर आया. अक्सर 5 विकेट गिरने के बाद टीम को कमांडिंग पोजीशन में लौटना मुश्किल हो जाता है. लेकिन, साउथ अफ्रीका ने 181 रनों पर 5 विकेट खोने के बाद जोरदार वापसी. इस कमबैक से ऑस्ट्रेलिया पर हार का खतरा मंडराने लगा है.
खेलों में एक कहावत प्रचलित है. अटैक इज द बेस्ट डिफेंस. केपटाउन टेस्ट में रयान रिकल्टन और वियान मुल्डर ने इसी कहावत को फॉलो किया. दूसरी पारी में 5 विकेट गिरने बाद साउथ अफ्रीका पर प्रेशर था. लेकिन, रिकल्टन और मुल्डर ने हौसला नहीं खोया. शायद उन्होंने गेबेरहा टेस्ट में कप्तान टेम्बा बावुमा की पारी को भी याद किया. पिछले टेस्ट में मेजबान टीम के पहली पारी में 6 विकेट 110 रनों पर गिर गए थे. तब बावुमा ने 179 रन बनाकर टीम को मैच जिताया था. केपटाउन टेस्ट में कुछ ऐसा ही करिश्मा रिकल्टन और मुल्डर ने किया. इसके चलते, मेजबान टीम हारे हुए टेस्ट में वापसी करने में सफल रही.
चौथे दिन ऑस्ट्रेलिया के बॉलर आग उगल रहे थे. ऐसे में रिकल्टन और मुल्डर ने संयम बनाए रखा. दोनों ने कंडीशन के मुताबिक बैटिंग करके पारी को आगे बढ़ाया. क्रीज पर समय बिताने के साथ दोनों की नजर भी जम गईं. इसके बाद रिकल्टन और मुल्डर ने बेहतरीन बल्लेबाजी करके कंगारू बॉलर्स के धागे खोल दिए. रिकल्टन अटैकिंग बैटिंग करते हैं ये जब जानते हैं. मुल्डर भी कई बार अपना ऑलराउंड टैलेंट दिखा चुके हैं. टेस्ट में उनके नाम ट्रिपल सेंचुरी भी है.
154 रनों की पार्टनरशिप ने कराई वापसीइन दोनों बैटर्स ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना पूरा एक्सपीरिएंस झोंक दिया. उन्हें शानदार बैटिंग करके ऑस्ट्रेलिया पर प्रेशर बनाया. इस बीच कंगारू बॉलर्स ने उन्हें आउट करने के लिए पूरा जोर लगा दिया. लेकिन, रिकल्टल और मुल्डर आउट नहीं हुए. इन दोनों ने जबरदस्त बैटिंग करते हुए 154 रनों की पार्टनरशिप की. इसी साझेदारी की चलते साउथ अफ्रीका ने मैच में वापसी की. रेयान रिकल्टन 101 रन बनाकर आउट हुए. जबकि, वियान मुल्डर ने 115 रनों की पारी खेली. चौथे दिन साउथ अफ्रीका की दूसरी पारी 387 रनों पर खत्म हुई.
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ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी के आधार पर साउथ अफ्रीका 100 रनों से पीछे था. कंगारुओं ने अपनी पहली इनिंग्स में 429 रन बनाए थे. जबकि, मेजबान टीम पहली पारी में 329 रन बना पाई थी. लेकिन, दूसरे पारी में साउथ अफ्रीका ने 387 रन बनाकर मैच में दमदार वापसी की. उसने कंगारुओं को मैच जीतने के लिए 288 रनों का टारगेट दे दिया. ऑस्ट्रेलिया के लिए चौथी पारी में ये रन बनाना आसान नहीं होगा. मैच कौन जीतेगा और कौन हारेगा? यह तो बाद में पता चलेगा. लेकिन, रेयान रिकल्टन और वियान मुल्डर ने शानदार बैटिंग करके साउथ अफ्रीका को जीत के करीब ला दिया है.
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