The Lallantop

‘कांटे’ और ‘काबिल’ जैसी फिल्में बनाने वाले डायरेक्टर संजय गुप्ता का निधन

फिल्ममेकर संजय गुप्ता का 30 अक्टूबर की रात अपने घर पर गिरने से निधन हो गया. पुलिस के मुताबिक, सिर पर चोट लगने और खून बहने से उनकी मौत हुई.

Advertisement
post-main-image
डायरेक्टर संजय गुप्ता का निधन. (फोटो- India today)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • फिल्ममेकर संजय गुप्ता, जिन्होंने कांटे, काबिल और शूटआउट ऐट वडाला जैसी चर्चित फिल्में बनाई, 59 वर्ष की आयु में 30 अक्टूबर को अपने घर पर गिरने के कारण निधन हो गया।
  • पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार संजय गुप्ता के सिर में चोट लगने और खून बहने से उनकी मौत हुई, जबकि परिवार को घटना का पता सुबह तक नहीं चला था।
  • संजय गुप्ता की मौत के बाद वर्सोवा पुलिस उनकी अचानक मृत्यु की जांच कर रही है और अंतिम संस्कार से जुड़ी जानकारी बाद में साझा की जाएगी।

‘कांटे’, ‘काबिल’ और ‘शूटआउट ऐट वडाला’ जैसी फिल्में बनाने वाले फिल्ममेकर संजय गुप्ता का निधन हो गया. वह 59 साल के थे. परिवार के लोगों ने बताया कि गुप्ता शुक्रवार 30 अक्टूबर की रात अपने घर पर गिर गए थे. सुबह तक किसी को इस घटना का पता नहीं चला. जब तक लोगों को जानकारी हुई, उनकी मौत हो गई थी. फिल्ममेकिंग के अपने खास स्टाइल और असरदार कहानी कहने के लिए जाने जाने वाले संजय गुप्ता ने मुसाफिर, ज़िंदा, जज्बा, काबिल और मुंबई सागा जैसी फिल्में बनाई हैं.

Advertisement

मुंबई पुलिस ने संजय गुप्ता की मौत की पुष्टि की है. पुलिस ने कहा कि पता चला है कि हिंदी फिल्म प्रोड्यूसर संजय गुप्ता अपने घर में गिर गए और सर पर चोट लगने और खून बहने से उनकी मौत हो गई. उनकी पत्नी, दो बच्चे और मेड उनके साथ बंगले में रहते हैं, लेकिन उन्हें इस घटना का पता सुबह चला. पुलिस ने कहा कि परिवार के लोगों को कोई शक या शिकायत नहीं है. बॉडी को पोस्ट-मॉर्टम के लिए भेज दिया गया है. वर्सोवा पुलिस गुप्ता की अचानक मौत की जांच कर रही है. 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संजय गुप्ता के घर पर गिरने की घटना का पता बाद में चला. उनकी मौत की परिस्थितियों को लेकर अभी और जानकारी सामने आना बाकी है. अंतिम संस्कार से जुड़ी जानकारी भी बाद में साझा किए जाने की बात कही गई है. फिल्ममेकर अशोक पंडित ने सोशल मीडिया पर संजय गुप्ता के निधन की पुष्टि की. उन्होंने भी बताया कि घर पर गिरने के बाद सिर में लगी चोट उनकी मौत की वजह बनी. अशोक पंडित ने उन्हें अपना करीबी दोस्त, शानदार निर्देशक और बेहद जुनूनी फिल्ममेकर बताते हुए श्रद्धांजलि दी.

Advertisement
इन फिल्मों में किया काम

बात करें संजय गुप्ता की तो उन्होंने बतौर निर्देशक अपने करियर की शुरुआत साल 1994 में फिल्म ‘आतिश: फील द फायर’ से की थी. इसके बाद उन्होंने ‘राम शास्त्र’, ‘जंग’ और ‘खौफ’ जैसी फिल्में बनाईं. लेकिन साल 2002 में आई ‘कांटे’ ने उन्हें हिंदी सिनेमा में अलग पहचान दिलाई. अमिताभ बच्चन, संजय दत्त और सुनील शेट्टी स्टारर इस फिल्म में उनका खास स्टाइल साफ नजर आया.

कुछ चीजें जो संजय गुप्ता के सिनेमा की पहचान रही, वो हैं स्टाइलिश एक्शन, तेज कैमरा मूवमेंट, खास कलर ग्रेडिंग और अर्बन क्राइम स्टोरीटेलिंग. ‘कांटे’ फिल्म के बाद उन्होंने ‘मुसाफिर’, ‘जिंदा’, ‘दस कहानियां’, ‘शूटआउट एट वडाला’, ‘जज्बा’, ‘काबिल’ और ‘मुंबई सागा’ जैसी फिल्में बनाईं.

संजय दत्त के साथ जोड़ी रही चर्चित

संजय दत्त के साथ उनकी जोड़ी खास तौर पर चर्चित रही. दोनों ने ‘कांटे’, ‘मुसाफिर’, ‘जिंदा’ और ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ जैसी फिल्मों में साथ काम किया. संजय गुप्ता ने बतौर प्रोड्यूसर भी काम किया और ‘व्हाइट फेदर फिल्म्स’ नाम से अपना प्रोडक्शन बैनर भी बनाया.

Advertisement

साल 2017 में आई ऋतिक रोशन और यामी गौतम स्टारर ‘काबिल’ उनके करियर की अहम फिल्मों में शामिल रही. इसके बाद उन्होंने ‘मुंबई सागा’ बनाई. उनकी आखिरी निर्देशित फिल्म ‘द मिरांडा ब्रदर्स’ थी, जिसमें हर्षवर्धन राणे और मीजान जाफरी नजर आए थे.

संजय गुप्ता का करियर करीब तीन दशक लंबा रहा. इस दौरान उन्होंने हिंदी सिनेमा में एक खास तरह के एक्शन और क्राइम ड्रामा को अपनी पहचान दी. उनके निधन से फिल्म इंडस्ट्री ने एक ऐसे फिल्ममेकर को खो दिया, जिनकी फिल्मों का अपना अलग विजुअल और नैरेटिव स्टाइल था.

वीडियो: ब्लैकआउट और पासपोर्ट जब्त, कराची पोर्ट पर 6 भारतीय कैसे फंसे?

Advertisement