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Ranji Trophy: अरुणाचल प्रदेश का नगालैंड के खिलाफ पहला रणजी मैच रद्द क्यों हो गया?

सितंबर में अरुणाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन में चुनाव हुए. इन चुनावों में नबाम विवेक को APCA का अध्यक्ष चुना गया. इसके बाद 6 डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशंस ने चुनाव में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए हाटी गुवाहाटी हाई कोर्ट के ईटानगर बेंच में याचिका दायर की थी.

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अरुणाचल प्रदेश की टीम ने पहला रणजी ट्रॉफी मैच नहीं खेला. (Courtesy: Arunachal Cricket Association)

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  • 11 अक्टूबर 2026 को रणजी ट्रॉफी के प्लेट ग्रुप मैच में अरुणाचल प्रदेश ने विवाद के कारण अपनी टीम नहीं उतारी, जिसके चलते नगालैंड को वॉकओवर से विजेता घोषित किया गया और उसे 6 अंक मिले।
  • अरुणाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन में दो गुटों के बीच सितंबर 2026 में हुए चुनावों के बाद अनियमितताओं के आरोप लगने के कारण विवाद शुरू हो गया, जिसकी सुनवाई गुहाटी हाई कोर्ट के ईटानगर बेंच में लंबित है।
  • विवाद की वजह से APCA द्वारा टीम चयन और प्री-सीजन कैंप नहीं हो सका, जिससे अरुणाचल प्रदेश ने वीनू मांकड़ ट्रॉफी का अंडर-19 मैच भी नहीं खेला और BCCI हस्तक्षेप नहीं कर सकता जब तक कोर्ट से मंजूरी नहीं मिलती।

11 अक्टूबर से रणजी ट्रॉफी 2026-2027 सीजन के मुकाबले शुरू हो गए. 11 अक्टूबर को ही अरुणाचल प्रदेश को रणजी ट्रॉफी प्लेट ग्रुप में नगालैंड के खिलाफ खेलना था. यह मुकाबला अहमदाबाद के नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में शेड्यूल था. लेकिन, राज्य क्रिकेट संघ में विवाद के चलते अरुणाचल प्रदेश ने इस मुकाबले में अपनी टीम नहीं उतारी. इसके बाद, नगालैंड को वॉकओवर देकर विजेता घोषित किया गया. नगालैंड को इस मैच से 6 पॉइंट्स मिले. 

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अरुणाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (APCA) में दो गुटों के बीच विवाद चल रहा है. इस मामले की सुनवाई गुुुवाहाटी हाई कोर्ट के ईटानगर बेंच में लंबित है.  

विवाद की वजह क्या है?

सितंबर में अरुणाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन में चुनाव हुए. इन चुनावों में नबाम विवेक को APCA का अध्यक्ष चुना गया. इसके बाद, 6 डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशंस ने चुनाव में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए गौहाटी हाई कोर्ट के ईटानगर बेंच में याचिका दायर की. कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रखा है. मामला कोर्ट में होने की वजह से BCCI बिहार की तरह अरुणाचल प्रदेश में इंडिपेंडेंट सिलेक्शन कमेटी का गठन नहीं कर पा रहा है. 

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क्या बोले देवजीत सैकिया?

इस मामले पर BCCI सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने एक न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा,

कोर्ट ने रोक लगा रखी है. इसलिए BCCI हस्तक्षेप नहीं कर सकता. अरुणाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन को चलाने वाला कोई नहीं है. जब तक कोर्ट मंजूरी नहीं देता, तब तक हम कुछ नहीं कर सकते. 

वीनू मांकड़ ट्रॉफी में नहीं खेल पाई अरुणाचल की टीम

APCA में दो गुटों के बीच विवाद के चलते क्रिकेट के सारे कामकाज ठप्प पड़ गए हैं. मामला कोर्ट में हैं इसलिए APCA न तो प्री-सीजन कैंप लगा सका और न ही टीम का सिलेक्शन हुआ. इसी वजह से वह 8 अक्टूबर को भुवनेश्वर में सिक्किम के खिलाफ वीनू मांकड़ ट्रॉफी में अपनी अंडर-19 टीम नहीं उतार सका. राज्य क्रिकेट संघ में फैसला लेने वाला कोई अधिकारी नहीं है.

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रणजी ट्रॉफी में क्या होता है प्लेट ग्रुप?

रणजी ट्रॉफी में 38 टीमें खेलती है. इन टीमों को दो कैटेगरी में बांटा जाता है. जिन 32 दमदार टीमों को एक कैटेगरी में रखा जाता है, उसे एलीट ग्रुप कहते हैं. इन्हें आगे ए, बी, सी और डी ग्रुप में 8-8 टीमों के हिसाब से बांटा जाता है. इसके अलावा, जिन 6 कमजोर टीमों को एक ग्रुप में रखा जाता है, उसे प्लेट ग्रुप कहते हैं. प्लेट ग्रुप में टॉप पर रहने वाली टीम को एलीट ग्रुप में प्रमोट किया जाता है. वहीं, रणजी ट्रॉफी में खराब प्रदर्शन करने वाली एक टीम डिमोट होकर प्लेट ग्रुप में जाती है. 2026-2027 के सीजन में अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय  मिजोरम, नगालैंड और सिक्किम को प्लेट ग्रुप में रखा गया है.

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