एशियन गेम्स में इस बार भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा. पुरुष टीम ब्रॉन्ज मेडल जीतने में कामयाब रही. हालांकि, इंडिविजुअल इवेंट में कोई मेडल नहीं आया. दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट पीवी सिंधु भी मेडल से चूक गईं. सिंधु ने एक्स पर पोस्ट शेयर कर अपनी निराशा जाहिर की है. उन्होंने अपनी कमियों के बारे में भी लिखा. साथ ही, आयोजकों पर भी सवाल उठाए.
एशियन गेम्स में मेडल से चूकने के बाद सिंधु का छलका दर्द, '18 घंटे में 3 मैच, रात 3 बजे पहुंचे और...'
पीवी सिंधु एशियन गेम्स में महिला सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल से बाहर हो गईं. उन्हें मेडल का दावेदार माना जा रहा था, लेकिन चीन की चेन यू फेई के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा. इस हार के बाद स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी ने आयोजकों को भी निशाने पर लिया.

सिंधु को एशियन गेम्स के क्वार्टर फाइनल मैच में चीन की चेन यू फेई के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा. वह यह मुकाबला 21-11, 18-21, 10-21 से हारीं. मैच के कुछ समय बाद भारत की स्टार खिलाड़ी ने सोशल मीडिया पर इमोशनल पोस्ट शेयर किया. उन्होंने लिखा,
अपनी भावनाओं के इजहार के लिए मुझे थोड़ा समय चाहिए था. मेरा एशियन गेम्स का सफ़र खत्म हो गया है. मुझे दुख हो रहा है. सिर्फ 3 प्वाइंट की वजह से क्वार्टर फ़ाइनल मैच नहीं जीत पाई. मेरा ध्यान बार-बार उन्हीं तीन पॉइंट पर जा रहा है. ऐसा ही चीन में भी हुआ था. गेम के सबसे महत्वपूर्ण पलों में लंबी और मुश्किल रैलियों ने मैच का रुख बदल दिया. मेरे पास जीतने का मौका था. मुझे बहुत दुख है कि यह मौका मेरे हाथ से चला गया.
सिंधु ने टूर्नामेंट के शेड्यूल पर भी सवाल उठाए. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा,
18 घंटे में तीन मैच. रात के 3 बजे तक होटल लौटना और फिर सुबह 8:30 बजे दोबारा खेलने के लिए निकलना. इसका असर मेरे प्रदर्शन पर भी हुआ. मुझ पर भरोसा करने वाले लोग थे. मुझे भी यकीन था कि मैं बहुत कुछ हासिल कर सकती हूं. मैं और मेरी टीम इन कमियों को दूर करने के बारे में सोचेंगे और उस पर काम करेंगे.

सिंधु ने इस पोस्ट में आगे लिखा कि वह अब भी मेडल जीतने लिए अपना सबकुछ देने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा, ‘मैं अब भी कोर्ट पर अपना सब कुछ झोंकने के लिए तैयार हूं. यही एहसास मुझे आगे बढ़ने की हिम्मत देता है.’ इस पोस्ट में ओलंपिक मेडल विजेता ने 2014 में अपने पहले एशियन गेम्स से लेकर चौथे एशियन गेम्स (2026) तक के सफर को याद किया. उन्होंने फैंस का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि जो दर्शक मैच देखने के लिए जागते रहे, मेरा हौसला बढ़ाया और मुझ पर भरोसा किया, उन सबका शुक्रिया! उन्होंने वापसी की उम्मीद जताते हुए कहा कि देश के लिए मेडल जीतने के लिए आज भी तैयार हैं.
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आपको बता दें कि एशियन गेम्स 2026 के बैडमिंटन सिंगल्स में भारत को कोई मेडल नहीं मिला. 12 साल बाद ऐसा हुआ है जब भारतीय शटलर्स एशियाड में सिंगल्स में कोई पदक नहीं जीत पाए. बड़े-बड़े नाम और मजबूत दावेदारों से लैस भारतीय बैडमिंटन दल का अभियान 27 सितंबर को खत्म हो गया.
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