भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी करना चाहता है. ये बात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फिर दोहराई. 15 अगस्त को लाल किले से अपने स्वतंत्रता दिवस के संभाषण में PM मोदी ने कहा कि भारत ओलंपिक होस्ट करने की तैयारी कर रहा है. ऐसे में कई ऐसे स्पोर्ट्स हैं, जिसमें अभी तक भारत ने अपना जलवा नहीं दिखाया है. लगभग दो-तिहाई ऐसे खेल हैं, जहां भारत संभावना तलाशेगा. इसी को ध्यान में रखते हुए 5-15 साल की उम्र के बच्चों के लिए देशभर में टैलेंट हंट प्रोग्राम चलाया जाएगा.
क्या आपका बच्चा 5 से 15 साल का है? 2036 ओलंपिक के लिए PM मोदी का बड़ा ऐलान!
PM Modi Independencay Day Speech : 15 अगस्त को लाल किले से अपने संभाषण में PM Narendra Modi ने 2036 ओलंपिक की मेजबानी की बात दोहराई. साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि इसकी तैयारी को लेकर देशभर में 5-15 साल के बच्चों के लिए टैलेंट हंट प्रोग्राम चलाया जाएगा.

PM मोदी ने इस दौरान भारतीय खेलों के लिए एक बड़ा लक्ष्य भी तय किया. उन्होंने कहा कि देश को 2036 के ओलंपिक में हर स्पोर्ट्स में हिस्सा लेने का लक्ष्य रखना चाहिए. नई दिल्ली के लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस के भाषण में पीएम मोदी ने कहा,
भारत खेलों की दुनिया में अपनी जगह बना रहा है. हम अक्सर अपना राष्ट्रगान सुनते हैं और तिरंगे को ऊपर जाते हुए देखते हैं. TOPS ने बड़ी कामयाबी हासिल की है. चाहे खेलो इंडिया गेम्स हों, यूनिवर्सिटी गेम्स, बीच गेम्स, विंटर गेम्स हों या स्पोर्ट्स ट्रेनिंग, स्पोर्ट्स मेडिसिन, स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन - भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है.
उन्होंने आगे कहा,
भारत का प्रदर्शन बेहतर हो रहा है और हम 2036 में ओलंपिक की मेजबानी करने के मजबूत दावेदार हैं. हम 2030 में CWG की मेजबानी कर रहे हैं. ओलंपिक में लगभग 40 खेल और करीब 350 इवेंट्स होते हैं. यह दुख की बात है कि हम इनमें से कम से कम दो-तिहाई इवेंट में मुकाबला भी नहीं कर पाते क्योंकि हम क्वालिफाई ही नहीं कर पाते.
उन्होंने कहा कि भारत को अपने खेल के दायरे को बढ़ाने और यह पक्का करने की जरूरत है कि खिलाड़ी 2036 के खेलों में अलग-अलग खेलों में मुकाबला करने के लिए तैयार हों. कम उम्र में खिलाड़ियों की पहचान करने और उन्हें तैयार करने की बड़ी कोशिश के तहत टैलेंट की खोज की जाएगी. उन्होंने कहा,
हमने तय किया है कि 2036 में हमें कम से कम तीन-चौथाई इवेंट में हिस्सा लेना चाहिए. हम देश के हर कोने से होनहार बच्चों की पहचान करने के लिए 5 से 15 साल की उम्र के बच्चों के लिए देशव्यापी टैलेंट खोज शुरू कर रहे हैं. उन्हें वर्ल्ड-क्लास खिलाड़ी बनने के लिए खास ट्रेनिंग मिलेगी.
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भारत करेगा 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानीयह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब भारत गुजरात के अहमदाबाद में 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी करने की तैयारी कर रहा है. 2026 के ग्लासगो गेम्स के समापन समारोह के दौरान इसकी औपचारिक जिम्मेदारी भारत को सौंपी गई है. भारत इस इवेंट के 100वें साल के संस्करण की मेजबानी करने वाला है.
भारत दूसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा. इससे पहले, 2010 में नई दिल्ली में भारत इस मल्टीस्पोर्ट्स इवेंट को होस्ट कर चुका है. अहमदाबाद कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी करने वाला भारत का दूसरा शहर बन जाएगा. 2030 के इस इवेंट में पारंपरिक भारतीय खेलों के साथ-साथ प्रमुख खेल के भी शामिल होने की उम्मीद है. इसका मकसद भारत की पदक जीतने की संभावनाओं को मज़बूत करना है.
अहमदाबाद गेम्स मुख्य रूप से नरेन्द्र मोदी स्टेडियम कॉम्प्लेक्स के आस-पास आयोजित किए जाएंगे. भारत के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स खेल से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने, उभरती प्रतिभाओं की पहचान करने और 2036 के ओलंपिक से पहले एथलीट्स की एक मजबूत टीम तैयार करने का ये बढ़िया अवसर होगा. यही कारण है कि हर ओलंपिक स्पोर्ट में भाग लेने का PM मोदी का आह्वान भारत के लॉन्ग टर्म प्लान के लिए काफी अच्छा है.
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