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पाकिस्तानी क्रिकेटर सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट के लिए तरसे, मोहसिन नकवी अब किस बात पर अड़े?

आमतौर पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड मई महीने तक सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट तय कर लेता था. इसे सार्वजनिक भी किया जाता था. लेकिन इस बार स्थिति अलग है. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि बोर्ड इस बार फॉर्मेट के हिसाब से कॉन्ट्रैक्ट देना चाहता है.

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मोहसिन नकवी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चीफ हैं. (Photo-pti)

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  • पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने 2025-26 के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का ऐलान अब तक नहीं किया है क्योंकि इस बार कॉन्ट्रैक्ट फॉर्मेट के हिसाब से दिए जाने हैं और खिलाड़ियों को टेस्ट, वनडे व टी20 स्पेशलिस्ट के रूप में बांटा गया है।
  • इस देरी के पीछे मुख्य कारण बोर्ड का फॉर्मेट आधारित कॉन्ट्रैक्ट नीति में बदलाव है, जिसके कारण खिलाड़ी सहमत नहीं हैं और बोर्ड तथा खिलाड़ी के बीच सहमति नहीं बन पा रही है, जिससे घोषणा में विलंब हुआ है।
  • इस बदलाव के कारण सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट्स के शीघ्र जारी होने की संभावना कम है, हालांकि नए कंट्रेक्ट में आईसीसी टूर्नामेंट जीतने पर खिलाड़ियों को मैच फीस का बोनस मिलेगा, जो भविष्य में खिलाड़ियों की कमाई पर असर डाल सकता है।

पाकिस्तानी क्रिकेट में इन दिनों कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है. टीम लगातार हार रही है. मैनेजमेंट में लगातार बदलाव हो रहे हैं. इस बीच खबर है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अब तक सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का ऐलान नहीं किया है. 2025-26 के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट दो महीने पहले ही खत्म हो चुके हैं.

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यह है देरी की वजह

आमतौर पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड मई महीने तक सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट तय कर लेता था. इसे सार्वजनिक भी किया जाता था. लेकिन इस बार स्थिति अलग है. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि बोर्ड इस बार फॉर्मेट के हिसाब से कॉन्ट्रैक्ट देना चाहता है. खिलाड़ियों को टेस्ट, वनडे और टी20 स्पेशलिस्ट के तौर पर बांटा गया है. इससे कॉन्ट्रैक्ट की रकम के कम होने की भी संभावना है. सूत्रों के मुताबिक यह बदलाव ही देरी की सबसे बड़ी वजह है. इस बदलाव में पीसीबी के अध्यक्ष मोहसिन नकवी का अहम रोल माना जा रहा है.

बदलाव से खुश नहीं हैं खिलाड़ी 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कई खिलाड़ी इस बदलाव से सहमत नहीं हैं. वह खुद को महज एक फॉर्मेट का स्पेशलिस्ट नहीं मानना चाहते. खिलाड़ी यह भी नहीं चाहते कि इस तरह की लिस्ट को सार्वजनिक किया जाए. बोर्ड और खिलाड़ियों के बीच सहमति नहीं बन पा रही थी. इसी वजह से अब तक कॉन्ट्रैक्ट को लेकर फैसला नहीं हुआ है. 

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ऐसा पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में देरी की है. 2023 में भी ऐसा हुआ था. भारत में होने वाले वर्ल्ड कप से पहले सीनियर खिलाड़ियों और पूर्व चेयरमैन ज़का अशरफ के बीच फाइनेंशियल पैकेज और शर्तों को लेकर लंबी बातचीत हुई. इसी कारण सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट्स की घोषणा में देरी हुई थी. तब भी, आखिरकार फाइनल लिस्ट जारी कर दी गई थी. हालांकि इस बार लिस्ट जारी होने की संभावना कम ही है.

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अच्छी खबर यह है कि नए कॉन्ट्रैक्ट में खिलाड़ियों के लिए बोनस का भी प्रावधान रखा गया है. आईसीसी प्रतियोगिता जीतने वाले पाकिस्तानी खिलाड़ियों को उनकी मैच फीस का 500 फीसदी बोनस मिलेगा. वहीं, एशिया कप जीतने पर 300 फीसदी बोनस दिया जाएगा.

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आपको बता दें कि पाकिस्तान ने 9 साल से कोई ICC टूर्नामेंट नहीं जीता है. उन्होंने साल 2017 में पिछली ICC ट्रॉफी जीती थी. उस साल सरफराज अहमद की कप्तानी में पाकिस्तान ने भारत को हराकर यह खिताब जीता था.

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