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धोनी कप्तानी छोड़ चुके हैं, इस एक समय पर वो भूल गए
कुछ भी हो जाए, आदमी आदत से बाज़ नहीं आता है.
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फोटो - thelallantop
महेंद्र सिंह धोनी. 199 मैचों के बाद सन्डे के दिन पहली बार बगैर कप्तानी के खेल रहे थे. कप्तान कोहली ने टॉस जीता और पहले बॉलिंग करने का फ़ैसला किया. जेसन रॉय मारते हुए खेल रहे थे. ताबड़तोड़ रन बन रहे थे. बमुश्किल पहला विकेट गिरा मगर फिर पार्टनरशिप शुरू हो गयी. 108 पर रॉय आउट हुए. उनका पर्सनल स्कोर 73 रन का था. इसके बाद एक बार फिर रन बनने चालू हुए. 49 रन की पार्टनरशिप के बाद पंड्या की एक गेंद पर इयॉन मॉर्गन ने अपना बल्ला लगाया. धोनी ने पीछे कैच किया. मगर अम्पायर सीके नंदन ने आउट नहीं दिया. वही नंदन जो कानपुर में अपना नाम नहीं बनाते हैं. इसपर धोनी ने तुरंत रिव्यू का इशारा कर दिया. बिना एक सेकंड भी रुके. धोनी या तो जल्दबाज़ी में थे या वो एक पल को भूल गए थे कि अब वो कप्तान नहीं हैं. उनकी कप्तानी वाली फीलिंग अभी भी बरकरार है. वैसे, नियम के मुताबिक़ कप्तान को रिव्यू के लिए कहना होता है. इसके बाद धोनी कोहली से मुखातिब हुए. उन्हें बताया कि बैट का किनारा लगा है. रिव्यू तुरंत लिया जाए. कोहली ने वैसा ही किया. अम्पायर ने डिसीज़न रिव्यू किया. आउट निकला. याद रहे कि ये वही धोनी हैं जो शुरू से डीआरएस के ख़िलाफ़ रहे हैं. मैच में डीआरएस के इस्तेमाल करने या न करने पर दोनों टीमों के कप्तानों की रजामंदी ज़रूरी होती है. धोनी इस पर कभी भी राज़ी नहीं होते थे. उनके मुताबिक़ डीआरएस पूरी तरह फूल प्रूफ नहीं है. इसलिए वो उसकी सेवाएं नहीं लेते थे. मगर कोहली ऐसा नहीं सोचते हैं. इसीलिए इंग्लैंड के खिलाफ़ टेस्ट सीरीज़ में और फिर वन-डे में भी डीआरएस का इस्तेमाल किया गया. इंडिया को बाकायदे ये फ़ायदा भी मिला. वीडियो देखें: [facebook_embedded_post href="https://www.facebook.com/IndianCricketTeam/posts/1347725798582443"]
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