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मोहम्मद रिजवान पर जांच के बाद PCB का एक्शन, अब सबके सामने मुंह बंद रखना होगा

PCB ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम के सीनियर बैटर Mohammad Rizwan पर पब्लिकली बोलने से रोक लगा दी है. पाकिस्तान की नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NCCIA) मोहम्मद रिजवान और इमाम उल हक के खिलाफ भ्रष्टाचार और ऑनलाइन सट्टेबाजी के मामले में जांच कर रही है.

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PCB ने मोहम्मद रिजवान को पब्लिकली बोलने से मना कर दिया है. (Courtesy: PTI)

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  • पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने मोहम्मद रिजवान पर सार्वजनिक रूप से बोलने से पाबंदी लगाई है और उनके खिलाफ करप्शन तथा ऑनलाइन बेटिंग मामले में नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NCCIA) जांच कर रही है।
  • यह कार्रवाई लॉर्ड्स टेस्ट में पाकिस्तान की हार और उसके बाद सात खिलाड़ियों को टीम से वापस भेजे जाने के बाद हुई है, जब रिजवान और इमाम उल हक के खिलाफ भ्रष्टाचार और बेटिंग के आरोप सामने आए थे।
  • रिजवान ने PCB से सार्वजनिक बयान देने की दो बार अनुमति मांगी लेकिन अस्वीकृत हुई, इसके बाद जांच जारी है और उनका मोबाइल फोन जब्त किया गया है, जिससे आगे की पूछताछ और जांच की संभावना बनी हुई है।

पाकिस्तान के क्रिकेटर मोहम्मद रिजवान और इमाम उल हक की जांच में नया मोड़ सामने आया है. साइबर क्राइम जांच के बीच में टीम के सीनियर बैटर मोहम्मद रिजवान पर पाबंदी लगाई गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने रिजवान को सार्वजनिक तौर पर बोलने से रोक दिया है. PCB की कमान मोहसिन नकवी के पास है. पाकिस्तान की नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NCCIA) मोहम्मद रिजवान और इमाम उल हक के खिलाफ करप्शन और ऑनलाइन बेटिंग के मामले में जांच कर रही है.

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रिजवान और इमाम उन सात बैटर्स में शामिल थे. जिन्हें इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट में मिली हार के बाद, बीच सीरीज से वापस पाकिस्तान भेज दिया गया था. लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को 194 रनों से हराया था. इस हार बाद पाकिस्तान टेस्ट सीरीज में 0-2 से पीछे हो गया था. इसके बाद PCB ने कड़ी कार्रवाई करते हुए सात खिलाड़ियों को पाकिस्तान भेज दिया. इसके बाद, NCCIA ने  रिजवान और इमाम के खिलाफ जांच भी शुरू की.

रिजवान पर पब्लिकली बोलने से रोक

हाल ही में इन दोनों प्लेयर्स से करीब 2 घंटे पूछताछ की गई. इस दौरान पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की सिक्योरिटी टीम ने उनके मोबाइल फोन जब्त कर लिए थे. इसके बाद रिजवान पर सार्वजनिक तौर पर बोलने से रोक भी लगा दी गई.

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जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक,

मोहम्मद रिजवान ने PCB की जांच और पूछताछ पर सार्वजनिक रूप से बोलने के लिए दो बार इजाजत मांगी थी. लेकिन, PCB ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी.

रिपोर्ट के अनुसार, मोहम्मद रिजवान पूरे विवाद पर सार्वजनिक रूप से सफाई देना चाहते थे. वह अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर भी क्लेरिफिकेशन देना चाहते थे. उन्होंने हाल ही में ICC की एंटी करप्शन यूनिट को भी लेटर लिखा था.

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रिजवान ने ACU को लिखे पत्र में यह जानने की कोशिश की थी कि अगर किसी प्लेयर पर करप्शन में शामिल होने का शक है, तो क्या प्रॉसेस अपनाई जाती है. उन्होंने ICC से यह भी पूछा था कि अगर PCB को किसी प्लेयर पर करप्शन में शामिल होने का शक था, तो क्या बोर्ड ने तय प्रॉसेस को फॉलो किया?

हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि रिजवान ने अपने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट के हिसाब से पब्लिकली बोलने के लिए PCB से दो बार अनुमति मांगी थी. सेट्रल कॉन्ट्रैक्ट के क्लॉज 4.1 के मुताबिक, किसी प्लेयर को जो सेंट्रल कॉनट्रैक्ट में शामिल है, उसे पब्लिक स्टेटमेंट देने से पहले PCB से इजाजत लेना जरूरी है.

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लेकिन, PCB ने दोनों  बार रिजवान को अनुमति देने से मना कर दिया था. रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि रिजवान का PCB पर आरोप लगाने का कोई इरादा नहीं था. वह सिर्फ इस मामले पर अपनी बात पब्लिक के सामने रखना चाहते थे.

फिलहाल रिजवान और इमाम के खिलाफ जांच चल रही है. पाकिस्तान की मीडिया की मानें, तो रिजवान का मोबाइल फोन अभी तक वापस नहीं किया गया है. कुछ दिन पहले PCB की सिक्योरिटी टीम ने रिजवान और इमाम के फोन में हुए लेन-देन को लेकर गहन छानबीन की थी.

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