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अमेरिका-ईरान के बीच तीन घंटे चली बातचीत, UNGA के मंच से ट्रंप ने क्या कहा?

US-Iran meeting: डॉनल्ड ट्रंप ने बताया कि दोनों देशों के बीच मीटिंग तीन घंटे तक चली. उनके मुताबिक मीटिंग पॉजिटिव रही. वहीं ईरानी मीडिया ने बताया कि मीटिंग के दौरान ईरानी प्रतिनिधिमंडल की तरफ से स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज खोलने से पहले कुछ शर्तें रखी गई हैं.

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डॉनल्ड ट्रंप ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच तीन घंटे तक बातचीत चली है. (courtesy: X)

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  • अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधिमंडल के बीच तीन घंटे की बातचीत होने की पुष्टि की और ईरान को डील करने की सलाह दी है।
  • ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने से पहले नेवल ब्लॉकेड हटाने, फ्रोजेन एसेट रिलीज़ करने और जंग खत्म करने जैसी शर्तें रखी हैं।
  • UNGA बैठक में हुई बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संवाद जारी रखने और डील के लिए संभावनाएं बढ़ी हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधिमंडल के बीच करीब तीन घंटे बातचीत चली है. यूनाइटेड नेशनल जनरल असेंब्ली (UNGA) की 81वीं बैठक में शामिल होने ट्रंप न्यूयॉर्क गए थे. इसी बीच पत्रकारों से बात करते हुए 22 सितंबर को उन्होंने इस मीटिंग का ज़िक्र किया. उन्होंने इस मीटिंग को पॉजिटिव बताया और कहा है कि ईरान को डील कर लेनी चाहिए. ईरानी मीडिया ने भी इस मीटिंग की पुष्टि की है. 

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इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक डॉनल्ड ट्रंप ने स्टेटमेंट में कहा,

‘मीटिंग अच्छी रही. अगर ईरान सौदा कर लेता है तो उसे ही फायदा होगा. मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि आखिर वो डील क्यों नहीं करना चाहते.’ 

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मीटिंग में रखी गई शर्तें

ईरानी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी प्रतिनिधिमंडल की तरफ से स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज खोलने से पहले कुछ शर्तें रखी गई हैं. तेहरान की मांग है कि जल्द से जल्द नेवल ब्लॉकेड हटाया जाए, ईरान के फ्रोजेन एसेट रिलीज़ किए जाएं और हर मोर्चे पर जंग ख़त्म की जाए. रिपोर्ट में बताया गया है कि इस दौरान ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी अमेरिकी स्पेशल एन्वॉय स्टीव विटकॉफ से मुलाकात की. उन्होंने भी स्टीव के सामने यही शर्तें रखी हैं.

हालांकि अमेरिका ने इस मुलाकात का ज़िक्र नहीं किया है. लेकिन उन्होंने इससे इनकार भी नहीं किया. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान और अब्बास अराघची, UN जनरल असेंबली के 81वें सत्र के लिए ईरान के मुख्य प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के तौर पर न्यूयॉर्क में हैं.

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UNGA में ईरान जंग की बात

UNGA का ये सत्र करीब सात महीने से चल रही जंग पर बातचीत करने के लिए एक अच्छा प्लेटफॉर्म साबित हुआ है. महीनों से दोनों देशों के बीच जंग रोकने की बातचीत चल रही है, मगर हर बार बात होर्मुज पर आकर अटक जा रही है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कहा कि डॉनल्ड ट्रंप ईरानी प्रतिनिधिमंडल से सीधी बातचीत के लिए तैयार हैं. उन्होंने बताया कि ट्रंप के मुताबिक अगर डायरेक्ट डील की जाए तो शायद बात बन सकती है. मगर अभी तक ऐसी कोई मीटिंग शेड्यूल नहीं है. 

दूसरी तरफ डॉनल्ड ट्रंप ने UNGA की स्पीच में कहा कि उनके पास दो रास्ते हैं और एक बड़ा फैसला लेना है. उन्होंने कहा या तो ईरान के साथ डील हो जाए और ईरान दुनिया का महान देश बन जाए या तो अमेरिका इस्लामिक गणराज्य ऑफ़ ईरान को दुनिया के नक़्शे से ही मिटा दे. उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि वो ईरान को कभी न्यूक्लियर संपन्न देश नहीं बनने देंगे. 

रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने अपने कूटनीतिक रास्ते बातचीत के लिए खोल रखे हैं. एक ईरानी अधिकारी ने बताया कि तेहरान वॉशिंगटन के साथ डील करना चाहता है और UNGA की ये बैठक दोनों देशों के लिए कूटनीतिक बातचीत पर वापस लौटने के लिए एक ‘सुनहरा मौका’ है.

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