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4 महीने में 4 पेसर्स का डेब्यू लेकिन नहीं मिला शमी का रिप्लेसमेंट, अब क्या है गंभीर का प्लान B?

भारतीय टीम मैनेजमेंट के लिए वर्ल्ड कप 2027 से पहले मोहम्मद शमी का विकल्प ढूंढ़ना जरूरी है. यही वजह है कि पिछले 4 महीने में 4 पेसर्स का डेब्यू हुआ है. हालांकि, इसके बाद भी अब तक कोई ठोस विकल्प नजर नहीं आ रहा है.

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मोहम्मद शमी ने वर्ल्ड कप में भारत की तरफ से सबसे ज्यादा विकेट लिए हैं. (Courtesy: PTI)

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  • मोहम्मद शमी को भारत की टीम से मार्च 2025 के बाद से बाहर रखा गया है, और टीम मैनेजमेंट अब उनके विकल्प तलाश रही है, खासकर आगामी 50 ओवर के विश्व कप 2027 को देखते हुए।
  • टीम इंडिया ने शमी की जगह कई नए तेज गेंदबाजों को आजमाया जैसे गुरनूर बरार, प्रिंस यादव, आकिब नबी और अंशुल कम्बोज, लेकिन कोई भी इतना प्रभावशाली साबित नहीं हो पाया कि टीम में स्थायी जगह बना सके।
  • कप्तान शुभमन गिल ने साफ किया है कि अब वर्ल्ड कप 2027 के लिए नए गेंदबाजों को मौका नहीं दिया जाएगा, और मेन सीमर जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज तथा अर्शदीप सिंह हो सकते हैं।

मोहम्मद शमी को टीम इंडिया से बाहर हुए डेढ़ साल से ज्यादा अरसा बीत चुका है. शमी आखिरी बार भारत के लिए 9 मार्च 2025 को खेले थे. उन्होंने ICC चैपियंस ट्रॉफी के फाइनल में आखिरी मुकाबला खेला था. इस खिताबी मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराया था.  इसके बाद मोहम्मद शमी को टीम इंडिया से बाहर कर दिया गया. उन्हें ड्रॉप करने बाद से ही टीम मैनेजमेंट उनका विकल्प तलाश रही है. इस दौरान टीम इंडिया ने बेंच स्ट्रेंथ से लेकर नए पेसर्स को भी आजमाया. लेकिन, इन गेंदबाजों में मोहम्मद शमी वाली बात नहीं दिखी. 

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4 महीनों में 4 पेसर्स का डेब्यू

50 ओवर्स के वर्ल्ड कप के लिए अब एक साल बचा है. मोहम्मद शमी के ऑप्शन को तलाशने के साथ ही पेसर्स की मजबूत लाइनअप तैयार करना जरूरी है. बीते कुछ समय से अगर देखा जाए, तो कई तेज गेंदबाजों को मौका दिया गया है. प्रसिद्ध कृष्णा को वनडे में चांस दिया गया. मोहम्मद सिराज की भी ODI टीम में वापसी हुई. हर्षित राणा को भी वनडे में रेगुलर मौके मिले. लेकिन, अब तक कोच गौतम गंभीर और मैनेजमेंट आत्मविश्वास के साथ यह नहीं कह सकते हैं कि मोहम्मद शमी का विकल्प मिल गया है.

टीम मैनेजमेंट का सर्च अभियान जारी है. आंकड़ों पर नजर डालें, तो पिछले 4 महीनों में चार पेसर्स ने टीम इंडिया के लिए ODI डेब्यू किया. ये तेज गेंदबाज हैं गुरनूर बरार, प्रिंस यादव, आकिब नबी और अंशुल कम्बोज. आकिब और अंशुल ने हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ ODI सीरीज में डेब्यू किया था. लेकिन, इन चारों पेसर्स में से कोई भी बॉलर ज्यादा इम्पैक्ट नहीं डाल पाया. 

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वर्ल्ड कप 2027 को देखते हुए टीम मैनेजमेंट ने सबसे बड़ा दांव गुरनूर बरार पर लगाया था. उनकी स्पीड और साउथ अफ्रीका में पेस बॉलिंग कंडीशन को देखते हुए उन्हें आजमाया गया. लेकिन, गुरनूर 9 ODI के बाद भी खुद को साबित नहीं कर पाए. गुरनूर ने जो 9 ODI खेले हैं उनमें से 7 मैचों में 60 या इससे ज्यादा रन लुटाए हैं. इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स वनडे में तो उन्होंने 97 रन लुटाए थे. इसके बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ हालिया ODI सीरीज में उन्होंने दूसरे मैच में 96 रन कंसीड किए. 

प्रिंस यादव की पेस में नहीं दिखी अब तक धार

पेसर प्रिंस यादव भी ODI में अपनी काबिलियत दिखाने में नाकाम. उन्हें 3 वनडे में चांस दिया गया. लेकिन, प्रिंस ने इन तीनों मैचों में 173 रन लुटाए. बॉलिंग के दौरान वह लाइन और लेंथ मेंटेन नहीं कर पाए. हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ आकिब नबी को भी टेस्ट किया गया. नबी ने गुवाहाटी वनडे में डेब्यू किया था. लेकिन, पहले ही मैच में उनके बॉलिंग आंकड़े खराब रहे. नबी ने 8.5 ओवर्स की बॉलिंग में 84 रन खर्च कर दिए. इसके बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे ODI में अंशुल कम्बोज को डेब्यू करने का मौका मिला. लेकिन, वह भी अपने डेब्यू ODI में बेअसर रहे. अंशुल ने 9 ओवर के स्पेल में 82 रन दिए थे.  

अब प्रयोग करने का वक्त नहीं

वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे मैच के बाद कप्तान शुभमन गिल ने साफ किया कि अब प्रयोग करने का समय नहीं बचा है. शुभमन की मानें, तो अब नए बॉलर्स को टीम इंडिया में मौका नहीं दिया जाएगा. वर्ल्ड कप 2027 में भारतीय टीम में जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज और अर्शदीप सिंह मेन सीमर हो सकते हैं. लेकिन, प्रसिद्ध और अर्शदीप के पास 50 ओवर्स के वर्ल्ड कप में खेलने का एक्सपीरियंस नहीं है. इसके अलावा अगर हार्दिक पंड्या फिट रहते हैं, तो वह पांचवें सीमर का विकल्प होंगे. टीम मैनेजमेंट नीतीश कुमार रेड्डी की तरफ भी देख रहा है. 

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क्या वर्ल्ड कप में खलेगी मोहम्मद शमी की कमी?

जहां तक मोहम्मद शमी की बात है, तो वर्ल्ड कप 2027 में उनकी कमी जरूर खलेगी. अगर वह टीम में शामिल किए जाते, तो उनका एक्सपीरिएंस काम आता. उनके पास अफ्रीका में खेलने का अनुभव है. तेज गेंदबाजों के अनुकूल कंडीशन वाली पिचों पर शमी ज्यादा खतरनाक होते हैं. साउथ अफ्रीका की ज्यादात पिच पर तेज गेंदबाजों को मदद मिलती है. 

इसके अलावा, शमी का 50 ओवर के वर्ल्ड कप में शानदार रिकॉर्ड है. वह वर्ल्ड कप में भारत के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले बॉलर हैं. शमी ने 3 वर्ल्ड कप खेले हैं. इस दौरान उन्होंने 18 मैचों में 55 विकेट चटकाए हैं. ओवरऑल आंकड़ों की बात करें, तो शमी 50 ओवर्स के वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले दुनिया के पांचवें गेंदबाज हैं.

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