समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री आजम खान एक मामले में जेल से रिहा ही हुए थे कि एक दूसरे केस में गिरफ्तार करने के लिए ईडी उनके पास पहुंच गई. थोड़ी देर के लिए आजादी का स्वाद चखने के बाद आजम फिर जेल में चले गए. यहां से उन्हें रविवार, 1 नवंबर को कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा. आजम खान ने इस दौरान आरोप ये लगाया कि उन्हें मुस्लिम होने की वजह से परेशान किया जा रहा है.
आजम खान रामपुर जेल से छूटे ही थे, फिर ED उठा ले गई, पर किस केस में?
समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान शनिवार, 31 अक्टूबर को रामपुर जेल से रिहा हुए, लेकिन कुछ ही देर बाद ED ने उन्हें दूसरे मामले में गिरफ्तार कर लिया. एजेंसी उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूछताछ के लिए गाजियाबाद की विशेष PMLA कोर्ट में पेश करेगी.

आजम खान नवंबर 2025 से रामपुर की जेल में बंद थे. उनकी रिहाई तब हुई जब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार, 29 अक्टूबर को उनकी सजा सस्पेंड कर दी और कथित तौर पर दो PAN कार्ड रखने के मामले में उन्हें जमानत दे दी. इस केस में आजम खान के साथ उनके बेटे और पूर्व MLA अब्दुल्ला आजम भी शामिल हैं. बाप-बेटे की जोड़ी को नवंबर 2025 में रामपुर कोर्ट ने जालसाजी, धोखाधड़ी, जाली डॉक्यूमेंट्स का इस्तेमाल करने और क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी के आरोपों में दोषी ठहराया था.
ये केस BJP नेता आकाश सक्सेना की 2019 की शिकायत से शुरू हुआ था. इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि अब्दुल्ला ने अलग-अलग जन्मतिथि वाले दो PAN कार्ड बनवाए थे. सरकारी वकील ने दावा किया कि दूसरे PAN कार्ड का इस्तेमाल उन्हें 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ने के लायक बनाने के लिए किया गया था.
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रिहा होकर आजम खान ने क्या कहा?शनिवार, 31 अक्टूबर को रामपुर जेल से रिहा होने के बाद आजम खान ने मीडिया से बात की. पत्रकारों के सामने आते ही उन्होंने कहा,
कहने को क्या बचा ही क्या है? मैं क्या कह सकता हूं? कानून खत्म हो गया है. मुसलमान होने की ये सजा है? हमारी गलती ये थी कि एक मुस्लिम ने यूनिवर्सिटी बनाई. यह हमारा गुनाह है. हमने बच्चों के लिए स्कूल बनाए. क्या यह हमारा गुनाह है?
रामपुर जेल से रिहा होते ही 78 साल के आजम खान को ED की टीम CRPF के जवानों और उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ जेल से बाहर ले गई. अधिकारियों के बताया कि आजम को गाजियाबाद की स्पेशल प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट (पीएमएलए) कोर्ट में पेश किया जाएगा. कस्टडी में पूछताछ के लिए उनसे रिमांड मांगी जाएगी.
ED ने आजम खान के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है. बुधवार, 28 अक्टूबर को एजेंसी ने ऐलान किया कि उसने एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत रामपुर में आजम खान की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और बिल्डिंग्स अटैच कर ली है. अटैच की गई प्रॉपर्टी की अनुमानित मार्केट वैल्यू 1,170 करोड़ रुपये है. ED ने आरोप लगाया कि जनता के कामों के लिए दिए गए सरकारी फंड को प्राइवेट यूनिवर्सिटी बनाने में लगाया गया.
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