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कॉमनवेल्थ गेम्स में मीराबाई और लवलीना करेंगी भारतीय दल को लीड

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (Commonwealth Games 2026( की ओपनिंग सेरेमनी में ओलंपिक मेडलिस्ट मीराबाई चानू (Mirabai Chanu) और लवलीना बोरगोहेन (Lovlina Borgohain) भारतीय ध्वज उठाएंगी. इस दौरान वे 126 भारतीय एथलीटों का नेतृत्व करेंगी. कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की शुरुआत 23 जुलाई से ग्लासगो में होगी.

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मीराबाई चानू और लवनीना बोहगोहेन से कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल की उम्मीद है. (फोटो- PTI)

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  • कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की ओपनिंग सेरेमनी में मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहाई भारतीय दल की अगुवाई करेंगी, जिसमें वे राष्ट्रध्वज भी उठाएंगी, इसकी घोषणा इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन ने की।
  • मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहाई दोनों टोक्यो ओलंपिक में मेडल जीत चुकी हैं, जिससे उन्हें इस महत्वपूर्ण सम्मान के लिए चुना गया है।
  • इस नेतृत्व के परिणामस्वरूप मीराबाई और लवलीना दोनों से इस बार ग्लासगो में गोल्ड मेडल जीतने की उम्मीद जताई जा रही है।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की ओपनिंग सेरेमनी में ओलंपिक मेडलिस्ट मीराबाई चानू (Mirabai Chanu) और लवलीना बोरगोहाई (Lovlina Borgohain) भारतीय दल की अगुवाई करेंगी. 23 जुलाई से 23वें राष्ट्रमंडल खेलों की शुरुआत स्कॉटलैंड के शहर ग्लासगो में होगी.

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IOC ने किया कन्फर्म

इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) ने 18 जुलाई को इसकी घोषणा की. IOA के मुताबिक, मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहाई कॉमनवेल्थ गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी में भारत का राष्ट्रध्वज उठाएंगी. वे ओवीओ हाइड्रो (OVO Hydro) में होने वाली इस ओपनिंग सेरेमनी में भारत के 126 एथलीटों का नेतृत्व करेंगी.

इस फैसले की घोषणा करते हुए IOA की प्रेसिडेंट पीटी ऊषा ने कहा,

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यह गर्व की बात है कि मीराबाई और लवलीना OVO हाइड्रो में राष्ट्रीय ध्वज उठाने का सम्मान करेंगी. मैं दोनों लड़कियों और पूरे भारतीय दल को शुभकामनाएं देती हूं.

टोक्यो ओलंपिक में जीत चुकी हैं मेडल 

यह सम्मान उन दो महिला एथलीटों के लिए ट्रिब्यूट है, जिन्होंने बड़े मंच पर लगातार शानदार प्रदर्शन किया है. मीराबाई चानू ने साल 2020 टोक्यो में 49kg इवेंट में सिल्वर मेडल जीता था. वह ओलंपिक में वेटलिफ्टिंग में मेडल हासिल करने वाली दूसरी भारतीय एथलीट बनी थीं.

वहीं, लवलीना ने टोक्यो ओलंपिक में बॉक्सिंग में ब्रॉन्ज मेडल जीता था. वह  ओलंपिक में बॉक्सिंग में मेडल जीतने वाली देश की तीसरी बॉक्सर हैं.

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मेडल जीतने का फिर मौका

ग्लासगो में मीराबाई चानू के पास मेडल जीतने का सुनहरा मौका है. वह अपने बेहतरीन कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड में एक और गोल्ड मेडल जोड़ सकती है. मणिपुर से ताल्लुक रखने वाली मीराबाई ने 2022 में बर्मिंघम में कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था. इससे पहले, उन्होंने गोल्ड कोस्ट में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भी सोने का तमगा हासिल किया. स्कॉटलैंड में वह गोल्ड मेडल की हैट्रिक लगाना चाहेंगी.

वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू की अचीवमेंट सिर्फ कॉमनवेल्थ गेम्स तक सीमित नहीं है. उन्होंने 2017 वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी गोल्ड मेडल जीता था. वह कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में 4 और साउथ एशियन गेम्स में एक गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं.

लवलीना बोरगोहाई भी अपने शानदार रिकॉर्ड के साथ स्कॉटलैंड पहुंची हैं. असम की इस बॉक्सर ने किकबॉक्सिंग से बॉक्सिंग में आने के बाद से बड़ी सफलता हासिल की है. टोक्यो ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतने के बाद, लवलीना ने 2023 वर्ल्ड चैम्पियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था. इसके बाद, 2023 में ही उन्हें हांगझू में एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीता. इस बार ग्लासगो में लवलीना से गोल्ड मेडल की उम्मीद है.

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