लियोनल मेसी, अर्जेंटीना के बैटमैन. लेकिन, बैटमैन को भी रॉबिन की जरूरत पड़ती है. वह शख्स को जो साइड किक नहीं, बल्कि साथी बनकर काम करे. फिर चाहे काम टीम को बचाना हो या वर्ल्ड कप के सपने को. फीफा वर्ल्ड कप 2026 में टीम में मेसी के रॉबिन हैं लाउतारो मर्टिनेज, जो यह अच्छी तरह से जानते हैं कि उन्हें कब, कहां और कैसे पहुंचना है. उनकी इसी खूबी ने टीम को अर्जेंटीना को लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंचा दिया.
लाउतारो मार्टिनेज: मेसी का वो 'रॉबिन', जिसने अर्जेंटीना को फाइनल में दिलाई जगह
अर्जेंटीना ने फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल में जगह बना ली है. लेकिन अर्जेंटीना फाइनल तक पहुंचाने की आखिरी लाइन लगातार मार्टिनेज ही लिख रहे हैं.


अटलांटा में अर्जेंटीना के लिए इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल की शुरुआत अच्छी नहीं रही. इंग्लैंड ने दूसरे हाफ की शुरुआत में ही एंथनी गॉर्डन के गोल के दम पर 1-0 की लीड हासिल कर ली थी. उन्होंने लंबे समय तक इस लीड को बचाए रखा, लेकिन इस दौरान वह काफी डिफेंसिव होकर खेलने लगे. अर्जेंटीना ने इस दौरान कई मौके बनाए, पर कामयाब नहीं हुए. 81वें मिनट में मैदान पर एंट्री हुई लाउतारो मर्टिनेज की. वह खिलाड़ी, जिसने पिछले मैच में भी आखिरी समय में गोल करके टीम को जीत दिलाई थी.
सेमीफाइनल में मार्टिनेज का गोलउनके मैदान पर आने के चार मिनट बाद ही अर्जेंटीना को इक्वालाइजर गोल मिल गया. 85वें मिनट में एंजो फर्नेंडिज ने अर्जेंटीना को बराबरी दिला दी. इस गोल ने अर्जेंटीना को भले राहत दी, लेकिन काम पूरा नहीं हुआ था. काम पूरा हुआ इंजरी टाइम में जाकर, 90+2वें मिनट में लाउतारो मार्टिनेज ने टीम के लिए दूसरा गोल दागा. मेसी ने शानदार मूव बनाया और अपने वीकर फुट से क्रॉस दिया. मार्टिनेज के गेम अवेयरनेस का अंदाजा आप इससे लगा सकते हैं कि उनके आगे इंग्लैंड के 6 फुट से लंबे डिफेंडर थे. लेकिन, लाउतारो ने बिल्कुल सही वक्त पर जंप लगाई. शानदार हेडर से बॉल को बैक ऑफ नेट में धकेल दिया. रॉबिन ने बैटमैन के साथ ऐसा काम किया पूरा पूरा स्टेडियम झूम उठा. कोच स्कालोनी का दांव काम कर गया. मार्टिनेज के आने के महज 10 मिनट के भीतर 1-0 से पिछड़ रही अर्जेंटीना अब 2-1 से आगे हो गई.
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मार्टिनेज का लास्ट मोमेंट मैजिकहालांकि, मार्टिनेज ने यह काम पहली बार नहीं किया. स्विट्जरलैंड के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भी उन्हें कोच स्कालोनी ने 81वें मिनट में ही बतौर सब्स्टिट्यूट मैदान पर उतारा था. उन्होंने मैच के आखिर में टीम के लिए तीसरा गोल दागा और अर्जेंटीना यह मैच 3-1 से जीत गया. वहीं, इजिप्ट के खिलाफ भी राउंड ऑफ 16 में भी उन्हें 66वें मिनट में बतौर सब्स्टिट्यूट ही मैदान पर भेजा गया. मैच के 92वें मिनट में उनके एसिस्ट पर एंजो फर्नानेंडेज ने निर्णायक गोल दागा. ऐसा नहीं है कि मार्टिनेज सिर्फ बतौर सब्स्टिट्यूट ही खेले हैं. ग्रुप राउंड के तीन मैचों में वह प्लेइंग XI का हिस्सा थे. इस दौरान उन्होंने जॉर्डन के खिलाफ मैच में गोल भी किया. यानी हर मैच के बाद हेडलाइन में भले ही आपको मेसी दिखे हों, मैदान पर मार्टिनेज अपना रॉबिन वाला रोल निभते रहते हैं.
कौन हैं लाउतारो मार्टिनेज?अब आपको इस रॉबिन की असली कहानी बताते हैं. लाउतारो आम स्ट्राइकर्स की तरह बहुत लंबे नहीं हैं, लेकिन उनकी बॉडी स्ट्रेंथ उनकी सबसे बड़ी ताकत है. वह मेसी की तरह डिफेंडर्स को छका तो नहीं सकते, लेकिन बॉल होल्ड करना जानते हैं. वह डिफेंडर्स को प्रेस करते हैं, उनके बीच से शानदार रन के साथ उस जगह पहुंचना जानते हैं, जहां से महज एक टच में गोल हो सके. गेंद को रिकवर करने में मदद करते हैं और टीम के लिए फाइट करते हैं. उनकी इसी काबलियत की वजह से उन्हें इंटर मिलान का कप्तान भी बनाया गया है.
अर्जेंटीना के साथ मार्टिनेज का ट्रॉफी जीतने का सिलसिला भी पुराना है. वह 2022 की वर्ल्ड चैंपियन टीम का भी हिस्सा थे. हालांकि, इंजरी के चलते उस वर्ल्ड कप में निजी तौर पर कुछ खास नहीं कर पाए थे. 2021 और 2024 में टीम के साथ कोपा अमेरिका का खिताब जीता चुके हैं. बीते सीजन वह सीरी ए के बेस्ट स्ट्राइकर भी थे. अब यही स्ट्राइकर इस वर्ल्ड कप में आखिरी बार स्ट्राइक करने के लिए तैयार है. स्पेन के खिलाफ जब उनकी टीम फाइनल में उतरेगी तब नज़र सिर्फ मेसी पर नहीं होगी. उनके रॉबिन लाउतारो पर भी होगी.
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