रणजी ट्रॉफी में मेघालय को तीन नवंबर को नागालैंड का सामना करना था. मैच से एक दिन पहले टीम ने प्रैक्टिस की और खिलाड़ी अपने होटल लौट गए. इसके बाद कुछ ऐसा हुआ, जो शायद ही रणजी ट्रॉफी में पहले कभी हुआ हो. टीम के खिलाड़ियों को मैसेज किया गया कि वे अगले दिन मैदान पर नहीं उतरेंगे. नागालैंड के खिलाफ मेघालय की दूसरी टीम खेलेगी. इसकी वजह यह थी कि अब उनकी टीम स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन की आधिकारिक टीम नहीं रही थी.
रणजी ट्रॉफी में बड़ा तमाशा, मैच प्रैक्टिस करके गई पूरी टीम सस्पेंड, मैदान पर आई बिल्कुल नई टीम
टीम के खिलाड़ियों को मैसेज किया गया कि वे अगले दिन मैदान पर नहीं उतरेंगे. नागालैंड के खिलाफ मेघालय की दूसरी टीम खेलेगी. इसकी वजह यह थी कि अब उनकी टीम स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन की आधिकारिक टीम नहीं रही थी.

दरअसल, मेघालय क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) के अध्यक्ष जेम्स संगमा और एसोसिएशन की एपेक्स काउंसिल के बीच विवाद चल रहा है. मामला हाई कोर्ट तक पहुंच गया. कोर्ट ने जेम्स संगमा के पक्ष में फैसला सुनाया. टूर्नामेंट में खेल रही टीम को एपेक्स काउंसिल ने चुना था. कोर्ट के फैसले के बाद संगमा ने इस टीम को अवैध करार दे दिया. इसके बाद अध्यक्ष की ओर से चुनी गई नई टीम मैच खेलने उतरी. MCA अध्यक्ष जेम्स संगमा, मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा के बड़े भाई हैं.
MCA अध्यक्ष जेम्स संगमा और एसोसिएशन की एपेक्स काउंसिल के बीच विवाद की जड़ एसोसिएशन के सचिव रेनॉल्ड खारकामनी हैं. उन्हें कुछ समय पहले सस्पेंड कर दिया गया था. उन पर खिलाड़ियों से जुड़ी यौन उत्पीड़न की शिकायतों को दबाने का आरोप था.
इसके बाद एपेक्स काउंसिल ने अपनी अलग टीम चुनी. इस टीम ने रणजी ट्रॉफी समेत घरेलू क्रिकेट के तीन राउंड में हिस्सा लिया. जेम्स संगमा ने इस टीम के चयन को हाई कोर्ट में चुनौती दी. कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए सचिव के सस्पेंशन को सही ठहराया. साथ ही उनके कार्यकाल में लिए गए फैसलों को अवैध करार दिया. इसमें एपेक्स काउंसिल की ओर से चुनी गई टीम भी शामिल थी.
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हाई कोर्ट के फैसले के बाद जेम्स संगमा के पास नई टीम चुनने के लिए बहुत कम समय था. उन्होंने जल्दबाजी में नई टीम चुन ली. इस टीम में एपेक्स काउंसिल की ओर से चुने गए किसी भी खिलाड़ी को जगह नहीं मिली. इससे खिलाड़ियों के सामने असमंजस की स्थिति पैदा हो गई. उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि आगे कौन सी टीम मेघालय का प्रतिनिधित्व करेगी.
एपेक्स काउंसिल की ओर से चुनी गई टीम के खिलाड़ी राहुल दलाल ने उस रात का पूरा किस्सा सुनाया. उन्होंने बताया कि टीम मैनेजर को किसी ने फोन करके धमकी दी थी. इसके बाद मैनेजर होटल छोड़कर चला गया. फिर टीम के कप्तान ने मैच रेफरी को एक शिकायत लिखकर दी. इसमें बताया गया कि खिलाड़ियों को धमकियां मिल रही हैं. हालांकि, इस शिकायत पर कोई जवाब नहीं आया. शाम करीब सात बजे टीम को बताया गया कि एक नई टीम को रजिस्टर कर लिया गया है.
इसके बावजूद तीन मैच खेल चुकी टीम अगले दिन मैदान पर पहुंची. वहां ड्रेसिंग रूम पर ताला लगा हुआ था और पुलिस भी तैनात थी. इसके बाद जेम्स संगमा ने खिलाड़ियों से मुलाकात की और अपना पक्ष रखा. बातचीत के बाद खिलाड़ी वापस लौट गए. मैच नहीं खेल पाने के कारण वे काफी निराश थे. वहीं, एपेक्स काउंसिल का कहना है कि वह इस फैसले के खिलाफ कोर्ट जाएगी.
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