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ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर चुनाव लड़ेंगी, जीतने पर क्या जिम्मेदारी मिलेगी?

दो ओलंपिक मेडल जीत चुकीं मनु भाकर 2026-2030 के लिए अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ (ISSF) एथलीट समिति का चुनाव लड़ेंगी. उन्हें पिस्टल वर्ग में नामित किया गया है.

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मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक में दो मेडल जीते थे. (Courtsey- PTI)

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  • मनु भाकर 2026-2030 के लिए अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ (ISSF) की एथलीट कमेटी के पिस्टल सेक्शन के चुनाव में उम्मीदवार हैं, जहां 10 दावेदार दो पदों के लिए मुकाबला कर रहे हैं।
  • यह चुनाव इस इसलिए हो रहा है क्योंकि ISSF वर्ल्ड चैम्पियनशिप के दौरान खिलाड़ियों के बेहतरी और खेल नियमों में स्थिरता लाने के लिए नए प्रतिनिधि चुने जाते हैं, जिसमें सभी सक्रिय खिलाड़ियों को वोट देने का अधिकार है।
  • चुनाव के परिणाम से ISSF में खिलाड़ियों के लिए आर्थिक, व्यावसायिक अवसर और बेहतर व्यवस्था के लिए नीतियां बनेंगी, जिससे मनु भाकर सहित चुने गए सदस्यों को खिलाड़ियों के हितों की देखरेख का काम सौंपा जाएगा।

भारत की ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर चुनाव लड़ने वाली हैं. मनु राजनीति नहीं, बल्कि खेल की दुनिया में ही चुनाव लड़ेगी. मनु भाकर 2026-2030 के लिए अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ (ISSF) की एथलीट कमेटी का चुनाव लड़ेंगी. उन्हें पिस्टल सेक्शन में नॉमिनेट किया गया है. मनु अकेली दावेदार नहीं हैं. उनके अलावा 9 और उम्मीदवार भी हैं. 10 लोग दो पदों के लिए रेस में होंगे.

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मनु पिस्टल वर्ग में हुईं नॉमिनेट

मनु की प्राथमिकता पुरुषों की 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल इवेंट को बचाना है. वह चाहती हैं कि ओलंपिक कार्यक्रम में इसे लंबे समय के लिए शामिल रखा जा सके. इसके साथ ही ISSF वर्ल्ड कप में बेहतर इनामी राशि के लिए जोर देना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है.

भाकर ने आधिकारिक बयान में कहा ,

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मैं कई सालों तक सीनियर स्तर पर खेली हूं. मुझे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के सामने आने वाली चुनौतियों और मौकों दोनों का अनुभव है. मेरा मानना है कि खिलाड़ियों को सिर्फ खेलों में भागीदारी के बारे में नहीं सोचना चाहिए. उन्हें बेहतर भविष्य के लिए भी एक्टिव भूमिका निभानी चाहिए.

मनु ने आगे कहा कि वह खेलों के नियमों में स्थिरता लाने, खिलाड़ियों के लिए आर्थिक और व्यावसायिक अवसर बढ़ाने के लिए काम करना चाहती हैं. वह खिलाड़ियों की भलाई के लिए बेहतर व्यवस्था बनाने पर काम करना चाहती हैं. वह चाहती हैं कि खिलाड़ियों को अपनी समस्याएं रखने के लिए एक ऐसा मंच मिले, जहां उनकी बात सुनी जाए. उनका लक्ष्य ऐसा माहौल बनाना है, जहां खिलाड़ी अपने खेल के दौरान और करियर खत्म होने के बाद भी खुद को सुरक्षित और समर्थित महसूस करें.

ये चुनाव दोहा में ISSF विश्व चैम्पियनशिप (राइफल, पिस्टल, शॉटगन) के दौरान होंगे जो तीन से 13 नवंबर तक होनी है.

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कैसे होंगे चुनाव?

ISSF से जुड़ी हर नेशनल फेडरेशन एक उम्मीदवार का नाम भेज सकती है. उम्मीदवार को अपनी बायोग्राफी और जरूरी दस्तावेज जमा करने होते हैं. भारत की ओर से मनु भाकर को पिस्टल कैटेगरी में उम्मीदवार बनाया गया है. शूटिंग में तीन मुख्य डिसिप्लिन हैं. इसमें राइफल, पिस्टल और शॉटगन शामिल हैं. हर कैटेगरी में दो-दो खिलाड़ियों को चुना जाएगा. इस तरह कुल छह खिलाड़ी चुने जाते हैं.

अब सवाल यह है कि इस चुनाव में वोट कौन करेगा? इस चुनाव में वह खिलाड़ी वोट डाल सकते हैं जो ISSF की तय वर्ल्ड चैंपियनशिप में एक्टिव रूप से हिस्सा ले रहे हों. साथ ही उनकी उम्र 18 साल से ज्यादा हो. इस बार चुनाव ऑनलाइन हो रहे हैं. हर योग्य खिलाड़ी अधिकतम छह उम्मीदवारों को वोट दे सकता है. इसमें राइफल, पिस्टल और शॉटगन से अधिकतम दो-दो उम्मीदवार चुने जा सकते हैं. हर खिलाड़ी सिर्फ एक बार वोट डाल सकता है. हर डिसिप्लिन में सबसे ज्यादा वोट पाने वाले दो उम्मीदवार चुने जाएंगे.

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