कन्हैया का रूममेट चुनाव जीतकर बना विधायक
देशद्रोह के मामले में नाम आया था मोहसिन का. खुद कन्हैया प्रचार करने पहुंचे थे.
Advertisement

मोहसिन बाएं, रोजी एम जॉन दाएं
जेएनयू के दोनों छात्रनेता केरल से चुनाव जीत गए हैं. इन दोनों का नाम जेएनयू विवाद में सामने आया था. मोहम्मद मोहसिन ने LDF के टिकट पर पट्टाम्बी सीट से चुनाव जीता. और रोजी एम जॉन ने UDF के टिकट पर अनगामाली सीट से चुनाव जीता. भले ही दोनों नेता अलग-अलग पार्टी से जुड़े हुए हों पर जेएनयू विवाद में दोनों ही कन्हैया के साथ खड़े थे. जेएनयू में देशविरोधी नारे लगाने के मामले में जब कन्हैया कुमार और उसके साथियों को गिरफ्तार किया गया. तो गिरफ्तारी के विरोध में दोनों ने साथ ही प्रदर्शन किया था. मोहसिन जेएनयू में सोशल साइंस के स्टूडेंट हैं. और जेएनयू, AISF के वाइस प्रेसिडेंट रहे हैं. AISF, CPI की स्टूडेंट विंग है. मोहसिन कन्हैया के रूममेट भी रहे हैं. मोहसिन मानते हैं कि जेएनयू विवाद आखिर में उनके पक्ष में ही गया. मोहसिन ने कहा, "जेएनयू मुद्दे ने सारे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा था. ऐसे में मेरा चुनाव लड़ना राष्ट्रीय मीडिया के लिए मुद्दा बना. इसने मुझे चुनावी अभियान में भी मदद की." कन्हैया भी मोहसिन के लिए प्रचार करने पट्टाम्बी गए थे. उन्होंने दूसरे नंबर पर रहे कांग्रेस के प्रेसिडेंट को 7,000 वोटों से हराया. जॉन ने जनता दल(सेक्युलर) के प्रत्याशी को 9,000 वोटों से हराकर आसान जीत दर्ज की. जॉन जेएनयू में कांग्रेस के स्टूडेंट विंग NSUI के प्रेसिडेंट हैं. पर जॉन की पार्टी नहीं जीत पाई. केरल की 140 सीट की विधानसभा में LDF को 83 और UDF को 47 सीटें मिली हैं.
Add Lallantop as a Trusted Source

Advertisement
Advertisement
Advertisement















