जिस दिन पांच-छह या दस हज़ार कदम चल लो. उस दिन बड़ा अच्छा लगता है. मन को भी और शरीर को भी. इतना चलने के बाद थकान नहीं, बल्कि ताज़गी महसूस होती है. और जो कभी सुबह उठकर वॉक पर निकल गए. तो पूरा दिन एक्टिव और एनर्जेटिक महसूस होता है. पर इस चलने से जुड़े कुछ सवाल हैं, जो अक्सर लोगों के मन में रहते हैं. जैसे रोज़ कितने किलोमीटर या स्टेप्स चलने चाहिए. तेज़ कदमों से चलें या धीरे-धीरे लंबी वॉक करें. रोज़ किलोमीटरभर चलने के क्या फायदे होते हैं. सुबह वॉक करना ज़्यादा अच्छा है या शाम को. और किन लोगों को लिमिटेड वॉकिंग ही करनी चाहिए. जानिए इन सारे सवालों के जवाब आज.
वेट लॉस कितने कदम चलने से होता है? डॉक्टर से 10 हज़ार कदमों का सच जान लीजिए
अगर आप बिगिनर हैं तो पहले धीरे-धीरे वॉक करें. शुरुआत में 15 से 20 मिनट की वॉक पर्याप्त है.


एक दिन में कितने किलोमीटर चलना फ़ायदेमंद?
ये हमें बताया डॉक्टर अखिलेश यादव ने.

दिन में कम से कम 7-साढ़े 7 किलोमीटर यानी करीब 10 हज़ार कदम चलने चाहिए. ज़रूरी नहीं कि आप ये दूरी हर दिन तय करें. हफ्ते में 4 दिन भी इतना चलना सेहत के लिए फ़ायदेमंद हो सकता है.
अगर आप बिगिनर हैं तो पहले धीरे-धीरे वॉक करें. शुरुआत में 15 से 20 मिनट की वॉक पर्याप्त है. ब्रिस्क वॉक (तेज़ कदमों से चलना) सेहत के लिए ज़्यादा फायदेमंद मानी जाती है. लेकिन शुरुआत में धीरे-धीरे वॉक करना ज़्यादा ठीक रहेगा.
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रोज़ किलोमीटरभर चलने के क्या फ़ायदे होते हैं?
तेज़ कदमों से चलने पर वज़न कंट्रोल में रहता है. दिल की सेहत बेहतर रहती है. मांसपेशियां मज़बूत बनती हैं. शरीर में खून का बहाव सुधरता है. आप ज़्यादा फिट और हेल्दी महसूस करते हैं.

सुबह की वॉक ज़्यादा फ़ायदेमंद या शाम की?
सुबह की वॉक ज़्यादा अच्छी मानी जाती है. शाम के समय कई जगहों पर प्रदूषण का स्तर बढ़ सकता है. ज़्यादा प्रदूषण में वॉक करने से सांस से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए सुबह वॉक करना ज़्यादा अच्छा रहता है.
किन लोगों को सीमित वॉक करनी चाहिए?
जिन्हें अस्थमा है या सांस से जुड़ी कोई दूसरी दिक्कत हैं. जिनके जोड़ों में बहुत दर्द रहता है. उन्हें धीरे-धीरे सीमित दूरी तक ही चलना चाहिए. इससे जोड़ों और शरीर पर ज़्यादा दबाव नहीं पड़ता. साथ ही, वॉकिंग के फ़ायदे भी मिलते हैं.
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
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