ये मैच तो मुंबई इंडियन्स आराम से जीत गई, फिर जोड़ा गया कि जोसेफ ने कितने रन दिए तो कुल जमा हुए सिर्फ 12 वो भी 6 विकेट लेकर. भाई ने सोहेल तनवीर का रिकॉर्ड तोड़ कर IPL के बेस्ट बॉलिंग फिगर का तमगा भी हासिल कर लिया. सोहेल ने 2008 में 14 रन देकर 6 विकेट लिए थे. अब अल्ज़ारी जोसेफ ने ऐसा करिश्मा किया कि चारों तरफ उनके ही चर्चे हो रहे हैं. लेकिन जिस बात की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है वो है पहले ओवर की पहली गेंद पर विकेट. फिर ये जानने की चुल्ल मच गई कि अकेले यही हैं क्या इस लिस्ट में. जवाब है नहीं. 6 और नाम हैं.
#1- पहले नंबर पर हैं किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाड़ी विल्किन मोटा. पूरा नाम है विल्किन अरविंद मोटा. पंजाब की तरफ से सिर्फ 2 सीज़न खेले. 2008 और 2009 का. दाएं हाथ के मिडियम पेसर गेंदबाज जो दाएं हाथ के लोअर ऑर्डर बल्लेबाज भी थे. इन्होंने अपने आईपीएल करियर के पहले ही मैच के पहली गेंद पर रैना का विकेट लिया. हालांकि रैना के बाद वो पूरे सीजन में कोई विकेट नहीं ले सके और मौका भी सिर्फ 3 ही मैच में मिला.

विल्किन अरविंद मोटा आईपीएल का सिर्फ 2 सीज़न खेल पाए.
#2- दूसरे नंबर पर हैं टीपी सुधींद्र. पूरा नाम है तदुरी प्रकाश चंद्र सुधींद्र. ये डेकेन चार्जर्स की तरफ से खेलते थे. जो अब सनराइज़र्स हैदराबाद बन गया है. साल 2012 में इन्होंने आईपीएल के पांचवें सीजन से डेब्यू किया था. फिर करियर के पहले ही मैच में इन्होंने डुप्लेसी का विकेट ले लिया. वो भी पहली गेंद पर. हालांकि इस मैच में उन्होंने 4 ओवर फेंककर 46 रन लुटाए. और विकेट लिया सिर्फ एक. इन्हें आईपीएल का सिर्फ एक ही सीज़न खेलने का मौका मिला, और पूरे एक सीज़न में सिर्फ 3 मैच खेलने दिया गया. उसके बाद भाई साहब का नाम फिक्सिंग में आ गया. फिर करियर पर फुल स्टॉप लगा दिया.

टीपी सुधींद्र का नाम मैच फिक्सिंग में आ गया.
#3- तीसरा नाम है अली मुर्तजा, पूरा नाम अली गुलाम मुर्तजा. उत्तर प्रदेश में जन्मे लेकिन खेले मुंबई इंडियन्स और पुणे वॉरियर्स टीम से. बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज. करिश्मा कुछ खास नहीं कर पाए. लेकिन इनका नाम फर्स्ट बॉल पर विकेट लेने के लिए हमेशा याद रखा जाएगा. आईपीएल करियर का पहला मैच, साल 2010, मैच मुंबई और राजस्थान के बीच मुकाबला. मैच के छठे ओवर की पहली गेंद पर ही मुर्तजा ने नमन ओझा का विकेट चटका दिया. वैसे सुधींद्र की तरह इन्होंने भी इस मैच में 4 ओवर में 46 रन देकर सिर्फ एक ही विकेट लिया.

अली मुर्तजा आईपीएल की दो टीमों के साथ खेले.
#4- चौथे नंबर पर आते हैं अमित सिंह. आईपीएल के दूसरे सीज़न यानी कि 2009 में राजस्थान की टीम के साथ आईपीएल करियर का डेब्यू किया. ये नाम बड़ा ही कंट्रोवर्शियल रहा. ऐसा क्यों वो आगे बताएंगे. लेकिन ये जान लीजिए इन्होंने अपने करियर के पहले ही मैच में पंजाब के सनी सोहेल का विकेट लिया. फिर 2013 में स्पॉट फिक्सिंग में नाम फंस गया. बाद में बीसीसीआई ने 5 साल का बैन लगा दिया. कुल मिलाकर करियर फिनिश.

अमित सिंह का नाम भी स्पॉट फिक्सिंग में आ गया.
#5- अब पांचवां नंबर. ईशांत शर्मा. अरे अपने शर्मा जी. इंडियन क्रिकेट टीम के बॉलर. जिन्होंने आईपीएल में डेकन चार्जर्स के करियर की शुरुआत की. इन्होंने भी पहले ही मैच में यही वाला करिश्मा किया, जिसके लिए अल्ज़ारी जोसेफ की चर्चा हो रही है. इन्होंने बोहनी भी उस वक्त के बेंगलुरु के कप्तान राहुल द्रविड़ का विकेट लेकर की.

ईशांत शर्मा को IPL के 2018 सीज़न में किसी ने नहीं खरीदा.
#6- छठे नंबर पर हैं द्वारका रवि तेजा. डेकन चार्जर्स के खिलाड़ी. पहला मुकाबला राजस्थान रॉयल के खिलाफ. अब पहला मुकाबला राजस्थान के खिलाफ था लेकिन इस मैच में इन्होंने बॉलिंग ही नहीं की थी क्योंकि ये बॉलर नहीं थे. बॉलिंग की इन्होंने करियर के पांचवें मुकाबले में और पहली ही गेंद पर मिस्बाह उल हक का विकेट ले लिया.

द्वारका रवि तेजा को करियर के छठे मैच में गेंदबाज़ी का मौका मिला.
अब इस लिस्ट में सात नाम हो गए हैं टोटल. सातवां नाम है अल्ज़ारी जोसेफ का. लेकिन इस लिस्ट के सभी नामों पर गौर करेंगे तो सभी के साथ कुछ न कुछ गड़बड़ हुआ ही है. कॉपी को फिर से पढ़ेंगे तो आपको समझ में आएगा कि किसी का करियर एक सीज़न का रहा, तो किसी का 2 सीज़न का. किसी को पूरे सीजन में सिर्फ 3 मैच ही खेलने दिया गया तो किसी का नाम मैच फिक्सिंग में आ गया. अब उम्मीद करते हैं कि वेस्ट इंडीज़ के इस युवा गेंदबाज के साथ ऐसा ना हो जो सिर्फ 22 साल की उम्र में मुंबई इंडियंस से जुड़े हैं.














