एक तरह से क्रिस वोक्स की बात तो सही है कि जो इंग्लिश खिलाड़ी वर्ल्ड कप टीम में आने के लिए मेहनत कर रहे हैं उनसे ऊपर एक बाहर से आए खिलाड़ी को जगह देना थोड़ा अन्याय तो है. मगर ये भी बात है कि इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के नियमों के अनुसार ही सब हो रहा है. पहले कोई भी खिलाड़ी 18 साल की उम्र के बाद यदि इंग्लैंड में आता था तो उसे कम से कम 7 साल यहां बिताने होते थे, तभी वो इंग्लैंड के लिए खेलने के योग्य माना जाता था. मगर फिर ईसीबी ने इस रूल को बदल कर 3 साल कर दिया. इस लिहाज से जोफ्रा आर्चर 2015 में यहां आए थे और अब तीन साल यहां पूरे कर चुके हैं. यूके में क्रिकेट के कानूनों में ढील खुद ईसीबी ने दी है और इसी का फायदा जोफ्रा को मिलता दिख रहा है. जोफ्रा आर्चर पर बात करते हुए क्रिस वोक्स ने कहा कि मैं निजी तौर पर नहीं चाहूंगा कि मेरा कोई भी टीम मेट बाहर जाए. हम लोगों ने कई सालों से साथ क्रिकेट खेला है और इंग्लैंड को कई सीरीज जितवाई हैं. वोक्स के अलावा इंग्लैंड के ही बॉलर डेविड विल्ली ने कहा था कि ये बड़ी अजीब बात है कि कोई वर्ल्ड कप से ठीक पहले आए टीम सलेक्शन के लिए मौजूद हो और देश के लिए खेलने लग जाए. अब क्रिस वोक्स की ये बातें तभी सामने आई हैं जब इंग्लैंड के कोच ट्रेवर बेयलिस पहले ही कह चुके हैं कि जोफ्रा आर्चर को आयरलैंड और पाकिस्तान के खिलाफ मई में होने वाले वनडे मैचों में इंग्लैंड की वनडे टीम में जगह दी जाएगी. एक हफ्ता पहले टीम के ही खिलाड़ी मार्क वुड ने कहा था कि आर्चर के टीम में आने से टीम का संतुलन बिगड़ जाएगा. अब जोफ्रा आर्चर पर कई पूर्व और वर्तमान के क्रिकेटर नाराजगी जता रहे हैं, मगर इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता है कि इंग्लैंड के लिए कई बाहरी खिलाड़ी खेलते रहे हैं. इंग्लैंड में ये कल्चर रहा है. जोफ्रा आर्चर पर ये आर्टिकल भी पढ़ें जो उनके इंग्लैंड में आकर खेलने और नियमों में ढील पर लिखा गया है. लल्लनटॉप वीडियो भी देखें-












