ईरान की महिला टीम ने एएफसी एशियन कप में कुछ ऐसा किया जो वैश्विक स्तर पर चर्चा का कारण बना गया है. ईरान में छिड़ी जंग से कोसों दूर उनकी महिला फुटबॉल टीम दो मार्च को महिला एशियन कप में अपना पहला मैच खेलने उतरी. मैच से पहले उन्होंने अपने देश का राष्ट्रगान को गाने से इनकार कर दिया. ऐसा दावा किया जा रहा है कि उन्होंने ये फैसला वहां की सरकार के नियमों के खिलाफ अपना विरोध जताने के लिए लिया.
ईरान संकट का असर फुटबॉल पर, एएफसी एशियन कप में महिला टीम ने नहीं गाया राष्ट्रगान
टीम की हेड कोच मारजियेस जफारी ने भी राष्ट्रगान नहीं गाया. ईरान का राष्ट्रगान ‘Mehr-e Khavaran’ 1990 में अपनाया गया था. लेकिन इस बार टीम ने इसे गाने से परहेज किया.


गोल्डकोस्ट के कूबस सुपर स्टेडियम में ईरान को साउथ कोरिया का सामना करना था. मैच के समय टीम के खिलाड़ी हमेशा की तरह एक लाइन में खड़े हो गए. कुछ समय में ईरान का राष्ट्रगान स्पीकर पर बजाया गया. हालांकि किसी भी खिलाड़ी ने राष्ट्रगान नहीं गाया. वह चुपचाप केवल सामने की ओर देखती रहीं. टीम की हेड कोच मारजियेस जफारी ने भी राष्ट्रगान नहीं गाया. ईरान का राष्ट्रगान ‘Mehr-e Khavaran’ 1990 में अपनाया गया था. लेकिन इस बार टीम ने इसे गाने से परहेज किया.
पिछले साल एशियन कप क्वालिफायर में टीम ने मौजूदा ईरानी झंडे को सलामी दी थी. लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ. स्टैंड्स में ईरानी समर्थकों का एक बड़ा वर्ग मौजूद था, जिन्होंने 1979 की इस्लामिक क्रांति से पहले वाले झंडे लहराए. 1907 में अपनाए गए पहले आधिकारिक झंडे में शेर और सूरज का प्रतीक था, जिसे बाद में हरे-सफेद-लाल झंडे से बदल दिया गया.
यह साइलेंट प्रोटेस्ट ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद किया गया. खामेनेई इजरायल और अमेरिका की एयर स्ट्राइक में मारे गए थे.
इस मैच से पहले टीम की कप्तान जाहरा घानबरी और जफारी से खामेनेई की मौत को लेकर सवाल किया गया था. हालांकि वह इससे जुड़े किसी भी सवाल का जवाब देने को तैयार नहीं थीं. वहां मौजूद ट्रांसलेटर ने सवाल कप्तान को बताए बिना ही कहा कि अब और सवाल नहीं होगा. उन्होंने कहा,
“ठीक है, अब और सवालों की जरूरत नहीं है. पूछने के लिए धन्यवाद. अब खेल पर ध्यान केंद्रित करते हैं.”
2022 महिला एशियाई कप की उप विजेता रही दक्षिण कोरिया की टीम ने मैच में 3-0 से जीत हासिल की. टूर्नामेंट में ईरानी टीम का लक्ष्य अब अगले साल ब्राजील में होने वाले महिला विश्व कप में जगह पक्की करना हैय इसके लिए ऑस्ट्रेलिया में उसे कम से कम क्वार्टर फाइनल में पहुंचना होगा. ईरान का अगला मैच गुरुवार को मेजबान ऑस्ट्रेलिया से होगा.
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भारत के लिए बड़ा मौकाइस टूर्नामेंट में भारतीय टीम भी हिस्सा ले रही है. साल 2003 के बाद यह पहला मौका है जब महिला टीम ने इस टूर्नामेंट में एंट्री की है. इस टूर्नामेंट से भारतीय महिला टीम के पास फीफा वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करने का मौका है. टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली टीम फीफा वर्ल्डकप के लिए क्वालिफाई कर जाएगी. भारतीय टीम अपना पहला मैच सात मार्च को खेलेगी, जब उसका सामना जापान से होगा. इसके बाद वह 10 मार्च को चीनी ताइपे के खिलाफ खेलेगी.
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