ईरानी मिसाइल हमले में एक भारतीय की मौत हो गई है. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के रक्षा मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते से दो तेल टैंकर्स गुजर रहे थे. उन पर मिसाइलें दागी गईं. इस हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई और 6 भारतीय घायल हुए हैं. अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है. अमेरिकी सेना ने लगातार तीसरी रात ईरान पर हमले किए.
ईरानी मिसाइल हमले में एक भारतीय की मौत, अमेरिका ने तीसरी रात भी की बमबारी
US Iran War: ईरानी मिसाइल हमले में एक भारतीय की मौत हुई और कुल आठ लोग घायल हुए. इनमें चार की हालत गंभीर बताई गई है. घायलों में छह भारतीय हैं, जबकि दो यूक्रेन के नागरिक हैं. मिसाइल लगने के बाद दोनों टैंकरों में आग लग गई.


14 जुलाई को तड़के UAE के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि ईरान की क्रूज मिसाइलों ने उसके दो तेल टैंकरों पर हमला किया. इन टैंकरों के नाम 'मोम्बासा' और 'अल बहियाह' हैं. UAE के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, दोनों टैंकर ओमान के समुद्री इलाके में, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के दक्षिणी रास्ते से गुजर रहे थे. इसी दौरान उन पर मिसाइलें दागी गईं. 'मोम्बासा' टैंकर पर तैनात एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई.
इस हमले में कुल आठ लोग घायल हुए हैं. इनमें चार की हालत गंभीर बताई गई है. घायलों में छह भारतीय हैं, जबकि दो यूक्रेन के नागरिक हैं. मिसाइल लगने के बाद दोनों टैंकरों में आग लग गई. जहाजों को काफी नुकसान पहुंचा है. लेकिन जहाज पर मौजूद कर्मचारियों ने आग पर काबू पा लिया. इसकी वजह से एक बड़ा हादसा टल गया.

ईरान के सरकारी न्यूज चैनल प्रेस टीवी ने भी लिखा कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नेवी ने दो ऑयल टैंकर को निशाना बनाया. UAE ने इस हमले की कड़ी निंदा की है. रक्षा मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है. UAE के रक्षा मंत्रालय ने कहा,
"UAE इस हमले का जवाब देने और अपने क्षेत्र, नागरिकों, निवासियों और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का पूरा अधिकार रखता है."

मंत्रालय ने आगे कहा,
"हमारी सेनाएं पूरी तरह सतर्क और तैयार हैं. देश की सुरक्षा और स्थिरता को नुकसान पहुंचाने की किसी भी कोशिश का निर्णायक जवाब दिया जाएगा."
मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि UAE किसी भी खतरे का सामना करने और क्षेत्र की स्थिरता को बिगाड़ने वाली हर कार्रवाई का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी 'यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस' (UKMTO) ने भी एक हमले की जानकारी दी है. एजेंसी के मुताबिक, ओमान के कलहात से करीब 40 नॉटिकल मील उत्तर-पूर्व में जा रहे एक टैंकर पर किसी अननोन प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ.
इस हमले में जहाज के दाहिने हिस्से के इंजन रूम को नुकसान पहुंचा. हालांकि जहाज पर मौजूद सभी लोग सुरक्षित हैं. फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि UKMTO की रिपोर्ट में जिस जहाज का जिक्र किया गया, वो UAE के इन्हीं दो टैंकरों में से कोई एक था या फिर यह कोई अलग घटना थी.
होर्मुज पर अमेरिका की घेराबंदीये घटनाएं ऐसे समय हुई हैं, जब अमेरिका और ईरान के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है. 13 जुलाई को अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरानी जहाजों की घेराबंदी फिर से लागू करने का ऐलान किया. साथ ही चेतावनी दी कि ईरान के खिलाफ आगे भी सैन्य कार्रवाई की जा सकती है. इसके कुछ ही घंटों बाद अमेरिकी सेना ने लगातार तीसरी रात ईरान के कोस्टल सर्विलांस सिस्टम, ड्रोन इंफ्रास्ट्रक्चर और मिसाइल ठिकानों पर हमले किए.
ईरान की अमेरिका को चेतावनीउधर, ईरान ने भी कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से किसे गुजरना है और किसे नहीं, इसका फैसला कोई बाहरी ताकत नहीं करेगी. ईरान के सीनियर मिलिट्री ऑफिशियल्स का कहना है कि इस समुद्री रास्ते का भविष्य ईरान पर दबाव डालकर तय नहीं किया जा सकता.
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फिलहाल, वेस्ट एशिया में जो तनाव चल रहा है, उसने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है. जाहिर है. होर्मुज के रास्ते दुनिया में होने वाले तेल और गैस के कारोबार का करीब 20 फीसदी हिस्सा गुजरता है. ऐसे में यहां होने वाला हर हमला सिर्फ एक देश का मामला नहीं रहता, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और एनर्जी सप्लाई पर उसका असर पड़ता है.
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