गौतम गंभीर. इनकी कप्तानी और मेंटॉरशिप की तारीफें लगातार होती रहती हैं. लेकिन इन गंभीर को भी अपनी एक गलती का बहुत पछतावा है. जानने लायक है कि गंभीर की इस गलती ने मुंबई इंडियंस का बड़ा फायदा करा दिया था. और इस गलती में सूर्यकुमार यादव भी शामिल हैं. सूर्या बीते कुछ वक्त से लगातार मुंबई की बैटिंग यूनिट के अहम सदस्य रहे हैं. साल 2018 से अब तक सूर्या ने मुंबई को तमाम मैच जिताए हैं.
गौतम गंभीर के करियर के सबसे बड़े पछतावे में सूर्या और मुंबई का क्या रोल है?
Suryakumar Yadav. Mumbai Indians के लेजेंड हैं. लेकिन ऐसा हो नहीं पाता, अगर कोलकाता नाइट राइडर्स उन्हें रिलीज़ नहीं करती. और अब इसी पर KKR के मेंटॉर गौतम गंभीर ने कुछ कहा है.

और इसी बल्लेबाजी के दम पर वह टीम इंडिया तक भी पहुंचे. तमाम लोगों के लिए सूर्या हमेशा से मुंबई की पहचान रहे हैं. लेकिन ऐसा नहीं था. सूर्या बहुत पहले कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेलते थे. साल 2014 से 2017 तक सूर्या KKR का हिस्सा थे. बाद में कोलकाता ने उन्हें रिलीज़ कर दिया था. और अब गंभीर ने इसी पर बात की है. सूर्या ने 2012 में IPL डेब्यू किया था. इस साल उन्होंने सिर्फ़ एक मैच खेला.
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फिर मुंबई ने उन्हें छोड़ दिया. और 2014 में सूर्या KKR से जुड़े. जहां उन्होंने पहले ही सीजन में IPL टाइटल जीता. चार साल में सूर्या ने KKR के लिए 54 मैच खेले. इनमें उन्होंने 608 रन जोड़े. लेकिन वहां समस्या ये थी कि सूर्या को लोवर मिडल ऑर्डर में बैटिंग करनी पड़ती थी. स्पोर्ट्सकीड़ा से बात करते हुए गंभीर ने स्वीकार किया कि सूर्या के पोटेंशियल और उनकी बेस्ट बैटिंग पोजिशन ना समझ पाना, उनके सबसे बड़े पछतावों में से एक है. वह बोले,
'एक लीडर का रोल बेस्ट पोटेंशियल को पहचानना और इसे दुनिया को दिखाना है. अगर मैं अपने सात साल के कप्तानी करियर के सबसे बड़े पछतावे की बात करूं, तो मैं और मेरी टीम सूर्यकुमार यादव का अच्छे से इस्तेमाल नहीं कर पाई. और इसका कारण अलग-अलग कॉम्बिनेशंस रहे.
आप नंबर तीन पर एक ही प्लेयर उतार सकते हैं और एक लीडर के रूप में आपको बाकी 10 प्लेयर्स के बारे में भी सोचना पड़ता है. वह नंबर तीन पर ज्यादा प्रभावी होते लेकिन वह नंबर सात पर भी इतने ही अच्छे थे.'
सूर्यकुमार को टीम प्लेयर बताते हुए गंभीर ने बताया कि उन्हें 2015 में वाइस-कैप्टन क्यों बनाया गया था. वह बोले,
'वह एक टीम मैन थे. कोई भी अच्छा प्लेयर हो सकता है, लेकिन एक टीम मैन होना मुश्किल टास्क है. भले ही आप उन्हें नंबर छह या सात पर उतारें या बेंच कर दें. वह हमेशा मुस्कुराते और टीम के लिए परफ़ॉर्म करने के लिए तैयार रहते थे. इसीलिए हमने उन्हें वाइस-कैप्टन चुना था.'
सूर्या मुंबई के लिए लगभग तीन हजार रन बना चुके हैं. और वह इतने सालों में कप्तान रोहित के बहुत क़रीबी भी बन गए थे. हालांकि रोहित अब टीम के कप्तान नहीं हैं और रिपोर्ट्स हैं कि नए कप्तान हार्दिक पंड्या को पसंद ना करने वालों में सूर्या भी शामिल हैं.
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