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'रामायण' का शूट इतना मुश्किल कि मेकर्स को 50 रिहर्सल करने पड़े!

DoP पंकज कुमार के मुताबिक, टेक्नीशियंस की इस मेहनत ने 'रामायण' को IMAX के लिए परफेक्ट बना दिया है.

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'रामायण' भारत में 08 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी.

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  • फिल्म 'रामायण' के कुछ सीन इतने जटिल थे कि उन्हें लगभग 50 बार रिहर्सल करने की आवश्यकता पड़ी, जिसमें तकनी क्रेन और कैमरा मूवमेंट पर विशेष ध्यान दिया गया।
  • डायरेक्टर ऑफ फोटोग्राफी पंकज कुमार ने बताया कि कई कैमरा मूवमेंट लाइव शूट के लिए बेहद मुश्किल थे, इसलिए उन्होंने प्री-विजुअलाइजेशन और विस्तृत तैयारी की प्रक्रिया अपनाई।
  • इन व्यापक तैयारियों के कारण फिल्म के हर दृश्य को ठीक वैसा ही शूट किया गया जैसा योजना बनायी गई थी, जिससे फिल्म का विजुअल स्टेटमेंट मजबूत हुआ है।

Ranbir Kapoor की Ramayana को ग्लोबल स्केल पर डेवलप करने में मेकर्स कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहते. इसलिए वो फिल्म के हर डिपार्टमेंट को परफेक्ट करने में लगे हैं. प्रोजेक्ट के डायरेक्टर ऑफ फोटोग्राफी (DoP) Pankaj Kumar की मानें तो कुछ सीन्स ऐसे भी थे, जिन्हें शूट करने से पहले उन्हें 50 रिहर्सल करना पड़ा.

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DoP पंकज कुमार को 'हैदर', 'तुम्बाड' और 'शिप ऑफ थीसस' जैसी फिल्मों की सिनेमैटोग्राफी के लिए जाना जाता है. 'रामायण' में भी उन्हें यही जिम्मा मिला है. वैरायटी इंडिया से हुई बातचीत में पंकज ने इस प्रोजेक्ट को शूट करते वक्त आई दिक्कतों पर चर्चा की. उनके मुताबिक, कई बार वो ऐसे कैमरा मूवमेंट डिजाइन कर देते थे, जिन्हें लाइव शूट करना बेहद मुश्किल था. मगर इससे निपटारे के लिए उन्होंने हर सीन को प्री-विजुअलाइज कर लिया था. इससे फिल्म से जुड़े टेक्नीशियन्स को अपनी तैयारी करने का भरपूर मौका मिल जाता था. हर सीन से पहले पंकज और उनकी टीम सारे सेटअप तैयार कर लेते. इससे शूट बिल्कुल वैसा ही होता, जैसा उन्होंने प्लान किया था.

पंकज ने बताया कि 'रामायण' के कुछ सीन्स बहुत मुश्किल थे. एक में तो उन्हें 50 बार रिहर्सल तक करना पड़ा. पंकज कहते हैं,

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"एक सीन में कैमरा काफी ऊंचाई से टेक्नो क्रेन पर लगा हुआ तेजी से आगे बढ़ रहा था. उसी दौरान मेरे एक ऑपरेटर को दौड़ते हुए कैमरे के गिंबल को टेक्नो क्रेन से अलग करना था. फिर उसे कैमरे के साथ गोल-गोल घूमते हुए एक्टर के बिल्कुल करीब ले जाना था. ये शॉट काफी मुश्किल था. इसे ठीक उसी तरह शूट करने के लिए, जैसा हमने पहले से प्लान किया था, हमें करीब 50 बार रिहर्सल करनी पड़ी."

'रामायण' में ऐसे इक्का-दुक्का नहीं बल्कि दर्जनों सीन्स थे. कुछ में तो कैमरा काफी दूर से उड़ते हुए एक्टर के बिल्कुल करीब पहुंचता था. मगर इस दौरान वो एक सीधा रास्ता अपनाने की जगह अलग-अलग दिशाओं में घूम रहा था. इससे ऑपरेटर्स को उसे मैनेज करने में काफी दिक्कतें आ रही थीं. पंकज ने बताया कि 'रामायण' पर की गई इस मेहनत ने फिल्म का विजुअल स्टेटमेंट काफी सॉलिड कर दिया है. ऐसे में फिल्म को IMAX में देखते हुए काफी मजा आएगा.

वीडियो: पहले गाने से माहौल बनाने के बाद 'रामायण' अब क्या बड़ा खेल खेलने वाली है?

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