पिछले कुछ दिनों से अगर आप सोशल मीडिया पर बहुत थोड़े भी एक्टिव हैं तो आपने iPhone 18 Pro से जुड़ा एक पैटर्न जरूर नोटिस किया होगा. कई सारे सिनेमा, स्पोर्ट्स सेलिब्रिटी से लेकर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के हाथों में आईफोन 18 प्रो का बरगंडी कलर और उसकी तारीफ से जुड़ा पोस्ट. अगर जो आप आईफोन में जरा सी भी दिलचस्पी रखते हैं तो फिर आपके सोशल मीडिया का एल्गोरिदम 'बरगंडी कलर' का हो गया होगा. ये ऐप्पल की अपनी प्रोडक्ट प्रमोट करने की नई स्टाइल है. दुनिया भर के सेलिब्रिटी नए आईफोन एक साथ दिखे, मगर इंडिया में कुछ ज्यादा ही हो गया. आप कहोगे ठीक बात है, तुमको क्या तकलीफ है.
iPhone 18 Pro के प्रमोशन से टेक एक्सपर्ट इरिटेट क्यों हो रहे?
Apple की हाल ही में लॉन्च हुई iPhone 18 Pro सीरीज को सेलिब्रिटी और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने जमकर प्रमोट किया. आईफोन 18 प्रो के पोस्ट से कई यूजर्स का सोशल मीडिया एल्गोरिदम बरगंडी कलर का हो गया. हालांकि ऐप्पल की इस प्रमोशन स्टाइल से Bloomberg के Managing Editor और ऐप्पल कवर करने वाले दुनिया के बड़े पत्रकार Mark Gurman सहमत नहीं दिखे.

तकलीफ मुझे नहीं बल्कि टेक एक्सपर्ट और ऐप्पल कवर करने वाले इंटरनेशनल संस्थान ब्लूमबर्ग के पत्रकार को भी है. आप पहले Bloomberg के Managing Editor और ऐप्पल कवर करने वाले दुनिया के बड़े पत्रकार Mark Gurman का पोस्ट देखिए, फिर आगे का मामला बताते.
इवेंट्स और प्रोडक्ट "रिव्यू" के लिए इन्फ्लुएंसर्स पर Apple का नया फ़ोकस एक गंभीर मुद्दा है. ये वे लोग हैं जो मुफ़्त डिवाइस, यात्रा और दूसरी सुविधाओं के बदले में सिर्फ़ अच्छी बातें ही कहते हैं और Apple के अधिकारियों से कभी कोई वाजिब सवाल नहीं पूछते. इस तरह का 'इको चैंबर' (एक ही तरह की सोच का दायरा) औसत दर्जे के काम को ही बढ़ावा देगा.

शायद आपको लगेगा कि मार्क को नया आईफोन नहीं दिया, इसलिए वो बिफर रहे हैं. जनाब ये वो आदमी है जिससे ऐप्पल थर-थर कांपता है. ऐप्पल प्रोडक्ट से जुड़ी खबर इनको कैसे मिल जाती है, आजतक ऐप्पल समझा नहीं. पिछले साल तो तंग आकर ऐप्पल ने इनके ऊपर केस ठोक दिया था. वैसे आमतौर पर मार्क ऐप्पल और उसके प्रोडक्ट की तारीफ ही करते हैं. ऐसे व्यक्ति को ऐप्पल डिवाइस की कोई कमी नहीं होने वाली. फिर बात क्या है?
ऐप्पल को टेक एक्सपर्ट नहीं चाहिए?मार्क के पोस्ट के बाद कई सारे टेक एक्सपर्ट ने उनकी बात का समर्थन किया. ये टेक एक्सपर्ट इस बात से नाराज दिखे कि जिन सेलिब्रिटी और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के हाथ में नया आईफोन है उनको इसके टेक्निकल पक्ष के बारे में कुछ पता नहीं.

हालांकि ऐसा कहना पूरी तरह सही नहीं होगा, क्योंकि इनमें से कई लोग आईफोन इस्तेमाल करते होंगे और उसके फीचर्स से वाकिफ होंगे. लेकिन ये कहना भी गलत नहीं होगा कि इनमें से कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर का टेक से दूर-दूर तक कोई लेना देना नहीं और प्रमोशन में उनकी संख्या बहुत ज्यादा थी.

इसके उलट, असल के टेक एक्सपर्ट को ऐप्पल ने रिव्यू यूनिट या तो भेजी नहीं या देर से भेजीं. मैंने भी कुछ टेक एक्सपर्ट से बात की जिन्होंने बताया कि इस साल रिव्यू यूनिट नहीं आई हैं. हालांकि कोई कंपनी रिव्यू यूनिट भेजेगी या नहीं, ये उसका अपना फैसला है. लेकिन जिस तरह इस साल टेक एक्सपर्ट को नजरअंदाज किया गया, उससे इस बात को बल मिला है कि ऐप्पल को अपने प्रोडक्ट की खामियों को बताने से परहेज है.

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर तो वही बोलेगा जो उसे लिखकर दिया जाएगा. ऐप्पल से पहले गूगल ने भी पिक्सल डिवाइस के लिए सेलिब्रिटी और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर का सहारा लिया था.

सैमसंग ने इसमें मास्टरी हासिल कर ली है. पहले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फिर सब लाइन में. करना भी चाहिए क्योंकि एक बंदे की सैमसंग पोस्ट को 1 अरब से ज्यादा व्यू मिले थे. टेक एक्सपर्ट या मीडिया हाउस के लिए ऐसा करना मुश्किल ही होगा. हालांकि ऐप्पल ने इस बार थोड़ा ज्यादा कर दिया. और ऐप्पल की हर बात नोटिस होती है तो ये कैसे बचता भला.

लेकिन हम ऐसा नहीं करेंगे. हमें नए आईफोन के अच्छे फीचर्स बताने में भी दिक्कत नहीं और बेकार फीचर्स पर उंगली उठाने से भी गुरेज नहीं. उदाहरण के लिए आईफोन 18 प्रो में कैमरे के अंदर जिस वेरिएबल-अपर्चर को लेकर ऐप्पल हल्ला मचा रहा, वो सैमसंग में आठ साल पहले आ गया था. फोटो के मामले में चीनी फ्लैगशिप स्मार्टफोन ऐप्पल से बहुत आगे निकल चुके हैं. दूसरी तरफ अगर आपको आईफोन लेना है तो आज भी 20 हजार कीमत बढ़ जाने के बाद आईफोन 17 पैसा वसूल डिवाइस है. हां, वीडियो क्वालिटी और सालों-साल चलने में अभी भी आईफोन सबसे बड़ा धुरंधर है.
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