जयपुर और राजस्थान पर भारी ना पड़ जाए टीम इंडिया की ये जीत!
कहीं ये हमारा 'गेम ज़ीरो' तो नहीं?
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Rohit Sharma की टीम तो जीत गई लेकिन ये जीत Jaipur पर भारी ना पड़ जाए (एपी फोटो)
न्यूज़ीलैंड की टीम इंडिया आ चुकी है. भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच की तीन T20I मैचों की सीरीज का पहला मैच भारत जी भी चुका है. और इस जीत के बाद से ही लोगों ने जयपुर की सेहत को लेकर चिंता जाहिर करनी शुरू कर दी है. दरअसल जयपुर में हुए इस मैच के दौरान काफी संख्या में फ़ैन्स और सुरक्षाकर्मी बिना मास्क के दिखे. कोरोना वायरस की सेकेंड वेव के बाद यह देश में हुआ पहला इंटरनेशनल मैच था. और सीरीज के इस पहले मैच के लिए क्राउड पर किसी तरह की रोक नहीं थी. हालांकि यहां आने के लिए लोगों के पास वैक्सिनेशन का प्रूफ या फिर नेगेटिव RT-PCR रिपोर्ट का होना अनिवार्य था. राजस्थान क्रिकेट असोसिएशन को उम्मीद थी कि मैच के लिए स्टेडियम पूरी तरह भरा रहेगा. लेकिन मैच की शुरुआत से आधे घंटे पहले तक 25000 दर्शक क्षमता वाले इस स्टेडियम की आधी सीटें भी नहीं भरी थीं.
# Covid Protocols?
पीटीआई के मुताबिक इस दौरान स्टेडियम के बाहर जुटे फ़ैन्स लगभग आठ साल के बाद शहर में लौटे इंटरनेशनल क्रिकेट को लेकर उत्साहित थे. लेकिन उनमें से आधे से ज्यादा ने मास्क नहीं पहन रखा था. इस दौरान वहां ड्यूटी कर रहे बहुत सारे पुलिसवालों ने भी मास्क नहीं लगा रखा था. पीटीआई ने इस दौरान कई लोगों से बात की. ऐसे ही बिना मास्क बैठे एक दर्शक ने बताया कि एंट्री पर उनका वैक्सिनेशन सर्टिफिकेट भी नहीं चेक हुआ है. बता दें कि महामारी के दौरान यह पहली बार है जब दर्शकों की क्षमता पर कोई रोक नहीं थी. इससे पहले जब भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज खेली गई थी, तब कुल क्षमता के आधे दर्शकों को ही मैदान में आने दिया गया था. और फिर बढ़ते केसों के चलते वनडे मैच बिना दर्शकों के खेले गए थे.
पीटीआई की इस रिपोर्ट को देखते हुए जयपुर और बाकी राजस्थान के लिए चिंता होना स्वाभाविक है. बड़े-बड़े स्पोर्ट्स इवेंट्स पहले भी कोरोना के फैलने में बड़ा रोल प्ले कर चुके हैं. फिर चाहे वो इंटरनेशनल फुटबॉल मैच हों या फिर चैंपियंस लीग जैसे क्लब लेवल के टूर्नामेंट जिनमें अलग-अलग देशों की फुटबॉल टीमें खेलती हैं. ने स्पेन और इटली में जो आतंक मचाया था उसे अभी हम भूले नहीं हैं. ऐसे में जयपुर में हुए इंडिया-न्यूज़ीलैंड मैच के दौरान नियमों के पालन में दिखी ऐसी उदासीनता बेहद खतरनाक बात है. BCCI और राजस्थान क्रिकेट असोसिएशन को इसका ध्यान रखना चाहिए था. लेकिन उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया. और अब सिर्फ इस बात की प्रार्थना की जा सकती है कि ये मैच हमारा गेम ज़ीरो ना साबित हो.
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