The Lallantop

भारतीय बैडमिंटन सर्किट में बड़ा बदलाव, अब होंगे 15 पॉइंट के मैच

भारत में बैडमिंटन के नए सिस्टम के तहत पहला टूर्नामेंट योनेक्स-सनराइज ऑल इंडिया सीनियर रैंकिंग टूर्नामेंट होगा. टूर्नामेंट सात से 14 जुलाई तक एर्नाकुलम के रिजनल स्पोर्ट्स सेंटर में होगा.

Advertisement
post-main-image
भारतीय बैडमिंटन सर्किट में बड़ा बदलाव होने वाला है. (Photo-PTI)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने घरेलू टूर्नामेंट्स में तीन गेम के 15-पॉइंट्स स्कोरिंग सिस्टम को लागू किया है, जो पहली बार योनेक्स-सनराइज ऑल इंडिया सीनियर रैंकिंग टूर्नामेंट में इस्तेमाल होगा।
  • बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन ने मैच की अवधि कम करने, दर्शकों के लिए प्रभावशाली बनाने और खिलाड़ियों के थकान व चोट के जोखिम को घटाने के उद्देश्य से स्कोरिंग प्रणाली में बदलाव किया।
  • नए स्कोरिंग सिस्टम के कारण मैच कम समय में समाप्त होंगे और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस व्यवस्था की तैयारी होगी, जिससे खेल की दक्षता और मनोरंजन बढ़ने की संभावना है।

बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI) ने अपने डोमेस्टिक सिस्टम में एक बड़ा बदलाव किया है. फेडरेशन ने अपने घरेलू टूर्नामेंट्स में नई स्कोरिंग मैट्रिक्स लागू कर दी है. नई व्यवस्था में घरेलू टूर्नामेंट्स में 15 पॉइंट्स के तीन गेम (3×15) होंगे. नए सिस्टम के तहत पहला टूर्नामेंट योनेक्स-सनराइज ऑल इंडिया सीनियर रैंकिंग टूर्नामेंट होगा. टूर्नामेंट सात से 14 जुलाई तक एर्नाकुलम के रिजनल स्पोर्ट्स सेंटर में खेला जाएगा.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
फेडरेशन ने पहले ही जारी कर दिए नियम

फेडरेशन चाहता है कि इंटरनेशनल लेवल पर यह सिस्टम लागू हो, इससे पहले भारतीय खिलाड़ी और कोच को इसकी आदत हो जाए. सिस्टम को सभी एज ग्रुप में लागू किया जा रहा है.

नए नियमों के अनुसार मुकाबले पहले की तरह ‘बेस्ट-ऑफ-थ्री गेम्स’ के आधार पर खेले जाएंगे. यानी तीन गेम्स में जो भी खिलाड़ी दो मुकाबले जीत जाएगा वो विनर होगा. अगर कोई खिलाड़ी पहले दो गेम्स जीत जाता है तो तीसरा नहीं खेला जाएगा. 

Advertisement

अब हर गेम 21 नहीं, बल्कि 15-15 पॉइंट्स का होगा. पहले जिस तरह 20-20 अंक होने पर जीत के लिए दो अंको की लीड जरूरी थी, ठीक उसी तरह अब 14-14 का स्कोर होने पर दो अंकों की लीड जरूरी होगी. हालांकि, अधिकतम स्कोर 21 अंक तक रहेगा और 20-20 की स्थिति में अगला पॉइंट हासिल करने वाला खिलाड़ी गेम जीत जाएगा.

नए सिस्टम के नियम

नए सिस्टम में कुछ और बदलाव भी हैं. 15 पॉइंट्स के गेम में हाफ टाइम तब होगा जब किसी खिलाड़ी या डबल्स में ग्रुप के आठ पॉइंट्स हो जाएंगे. तीसरे गेम में कोर्ट बदलने के साथ 60 सेकंड का ब्रेक मिलेगा, जबकि दो गेम के बीच मिलने वाला 120 सेकंड का ब्रेक पहले की तरह ही रहेगा. पिछला गेम जीतने वाला अगले गेम में पहली सर्विस करेगा. 

यह भी पढ़ें- रोनाल्डो होने वाले हैं रिटायर? स्टार फुटबॉलर ने तोड़ी चुप्पी, कहा- 'सोच-समझकर फैसला...' 

Advertisement
क्यों किया गया बदलाव

इन बदलावों के पीछे बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन ने तीन अहम कारण बताए थे. सबसे पहले तो वह गेम के बीच डेड जोन खत्म करना चाहते हैं. 15 पॉइंट्स से पूरा गेम ही हाई स्टेक होगा. 21 पॉइंट्स के गेम बहुत लंबे चलते हैं, ऐसे में टेलीविजन प्रोग्रामिंग के स्लॉट में रुकावट आती थी. 15 पॉइंट्स से मैच की लिमिट कम होगी, जिससे यह प्राइम-टाइम दर्शकों और स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए ज़्यादा असरदार होगा.

मौजूदा सर्किट में बहुत ज़्यादा मेहनत के कारण खिलाड़ियों के बर्नआउट और घुटने-टखने की गंभीर चोट का रिस्क ज्यादा रहता है. लंबे समय तक चलने वाले थकाऊ मुकाबलों को कम करके, BWF का मकसद इंजरी के खतरे को कम करना है. इससे मैच का फ़ोकस सिर्फ़ डिफेंसिव स्टेमिना से हटकर रफ़्तार, रिफ़्लेक्स और कोर्ट पर बेहतरीन स्किल दिखाने पर शिफ्ट होगा.

वीडियो: वैभव सूर्यवंशी IND vs ENG के पहले T20 में भी नहीं, तिलक वर्मा भी फ्लॉप

Advertisement