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सोनम रघुवंशी की जमानत बरकरार रहेगी, सुप्रीम कोर्ट ने बेल न रोकने की वजह भी बताई

राजा रघुवंशी मर्डर केस में सोनम रघुवंशी की जमानत पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने मना कर दिया है. मेघालय पुलिस ने हाई कोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें सोनम को जमानत दी गई थी.

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सोनम पर राजा की हत्या का आरोप है (PHOTO-ITG)

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  • सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय हाई कोर्ट के सोनम रघुवंशी को जमानत देने के फैसले पर रोक लगाने से इनकार किया है और मामले की आगे सुनवाई 9 जून को निर्धारित की है।
  • सोनम रघुवंशी पर अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या का आरोप है, जिसकी जांच और गिरफ्तारी में गिरफ्तारी मेमो में त्रुटि तथा जमानत के दौरान सख्त शर्तें लागू होने का विवाद है।
  • सुनवाई में कोर्ट ने जमानत पर रोक नहीं लगाई लेकिन नोटिस जारी करते हुए अगले चरण में ट्रायल की प्रगति पर ध्यान देने की बात कही है और सोनम को पेश होने का आदेश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय हाई कोर्ट के उस फैसले पर स्टे लगाने से मना कर दिया है, जिसमें सोनम रघुवंशी को जमानत दी गई थी. सोनम पर अपने पति राजा रघुवंशी को हनीमून के दौरान मारने का आरोप है. मेघालय हाई कोर्ट ने 29 जून को शिलांग कोर्ट के उस आदेश को सही ठहराया था जिसके तहत सोनम को जमानत दी गई थी. इसके बाद राज्य सरकार ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.

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जमानत पर रोक लगाने से इंकार क्यों?

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर चिंता जाहिर की है. बावजूद इसके, सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इंकार कर दिया. मामले पर सुनवाई करते हुए जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की बेंच ने कहा कि वो ये देखेंगे कि ट्रायल की प्रोग्रेस कैसी है. इसके साथ ही कोर्ट ने सोनम रघुवंशी को नोटिस भी जारी किया है. सुप्रीम कोर्ट ने इसमें सोनम से पूछा है, "क्यों न आपकी जमानत रद्द कर दी जाए?"

सुनवाई के दौरान, मेघालय सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पेश हुए. उन्होंने कहा कि पहले भी उनकी जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी थीं और यह मामला केवल गिरफ्तारी के दौरान हुई एक तकनीकी या क्लेरिकल गलती का नहीं है. मेघालय सरकार का तर्क है कि यदि सोनम बाहर रहीं तो उनके फरार होने का खतरा बना रहेगा. सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि सोनम पर लगे आरोप काफी गंभीर हैं, और ऐसे में उसे जमानत नहीं दी जा सकती.

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हालांकि कोर्ट ने कहा कि चूंकि सोनम पहले ही जेल से रिहा हो चुकी हैं, इसलिए इस समय उनकी रिहाई में दखल देना उचित नहीं होगा. अब मामले में आगे की सुनवाई गुरुवार, 9 जून को होगी. तब तक सोनम शिलॉन्ग में जमानत पर ही रहेगी.

इस दौरान सोनम रघुवंशी के वकील ने यह भी दलील दी कि मामले में अब कोई बरामदगी बाकी नहीं है. और सोनम पर पहले से ही सख्त शर्तें लागू हैं और वह शिलॉन्ग में रह रही हैं, इसलिए सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका नहीं है.

सोनम रघुवंशी को इस गलती के चलते मिली थी जमानत

सोनम रघुवंशी की गिरफ्तारी के समय लापरवाही से तैयार किया गया अरेस्ट मेमो उसकी ज़मानत का आधार बना था. पुलिस ने गिरफ्तारी मेमो और केस डायरी में हत्या के लिए लगने वाली भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 की जगह धारा 403 लिख दिया था, जबकि BNS में ऐसी कोई धारा ही नहीं है. पहले आईपीसी में धारा 403 थी, जो संपत्ति गबन करने से जुड़ी थी.

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क्या है राजा रघुवंशी मर्डर केस?

ये पूरा मामला जून 2025 का है. हुआ ये कि मध्य प्रदेश के इंदौर की रहने वाली सोनम रघुवंशी अपने पति राजा रघुवंशी के साथ हनीमून मनाने शिलॉन्ग गई थी. 20 मई को वे मेघालय के सोहरा गए थे. लेकिन हनीमून के तीन दिन बाद यह कपल लापता हो गया. इसके बाद 2 जून को 29 साल के राजा रघुवंशी की लाश मिली. इसके बाद भी सोनम रघुवंशी कई दिनों तक लापता थी. आखिरकार 25 साल की सोनम को 9 जून को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार किया गया. बाद में उसके प्रेमी राज सिंह कुशवाहा को भी गिरफ्तार कर लिया गया, जिसपर इस हत्या में शामिल होने का आरोप है.

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