टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा का हालिया फॉर्म ठीक नहीं है. बैटिंग में तो पिछले साल उन्होंने 63.66 के एवरेज से रन बनाए. लेकिन, बॉलिंग में उन्होंने 38.20 के साधारण औसत से पिछले साल विकेट चटकाए. अब जब टीम श्रीलंका का दौरा कर रही है तो जडेजा का असली टेस्ट होने वाला है.
श्रीलंका में सर जडेजा का सबसे बड़ा टेस्ट! बल्ले से तो हिट हैं पर बॉलिंग में क्यों गंवा दी है पुरानी धार?
Ind vs SL : श्रीलंका दौरे पर भारतीय टीम की नजरें ऑलराउंडर Ravindra Jadeja पर होंगी. बल्ले से शानदार फॉर्म के बावजूद 2025 में टेस्ट बॉलिंग में जडेजा का औसत 38.20 रहा है. ये सीरीज टीम इंडिया के लिए करो या मरो वाली है. ऐसे में सर जडेजा से बेहतर प्रदर्शन की जरूरत है.

श्रीलंका के स्पिन फ्रेंडली ट्रैक्स पर टेस्ट सीरीज में रवींद्र जडेजा पर पूरा दारोमदार होगा. टीम इंडिया के लिए यह सीरीज करो या मरो जैसी स्थिति लेकर आई है. ऐसे मोड़ पर ऑलराउंडर जडेजा का फॉर्म में होना टीम के लिए सबसे अहम कड़ी साबित होगा.
जडेजा का बल्ला पिछले कुछ समय से लगातार रन उगल रहा है. लेकिन, टेस्ट क्रिकेट में उनकी बॉलिंग की धार थोड़ी कुंद पड़ती दिख रही है. श्रीलंका की टर्निंग पिचों पर अपनी बॉलिंग में पुरानी चमक वापस लाना जडेजा के लिए इस दौरे का सबसे बड़ा इम्तिहान होगा.
श्रीलंका की पिचें पारंपरिक रूप से स्पिन बॉलर्स के मुफीद मानी जाती हैं. वहां बॉल का टर्न और अनइवन बाउंस बैटर्स के लिए लगातार मुश्किलें खड़ी करता है. ऐसी परिस्थितियों में इंडियन टीम मैनेजमेंट को अपने दो सबसे अनुभवी स्पिनरों- रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव पर पूरा भरोसा रहेगा.
जडेजा और कुलदीप दोनों ही गेंदबाजों के पास श्रीलंका की परिस्थितियों और पिचों पर खेलने का अनुभव है. कुलदीप यादव अपनी चाइनामैन विविधता से बल्लेबाजों को छकाएंगे, लेकिन स्पिन डिपार्टमेंट को लीड करने का जिम्मा सर जडेजा के कंधों पर ही होगा.
क्यों चिंता का विषय है जडेजा की बॉलिंग?रवींद्र जडेजा का नाम टेस्ट क्रिकेट में आते ही विरोधी बल्लेबाजों के मन में दबाव बनना तय माना जाता था, लेकिन पिछले कुछ समय के आंकड़े भारतीय फैंस और टीम मैनेजमेंट के लिए थोड़ी चिंता बढ़ा रहे हैं. 2025 में जडेजा ने 10 टेस्ट मैच खेले. लेकिन, इनमें वो केवल 25 विकेट ही चटका सके.
आमतौर पर 24-25 के टेस्ट बॉलिंग एवरेज से बॉलिंग करने वाले जडेजा का औसत 2025 में गिरकर 38.20 पर पहुंच गया. स्पिन फ्रेंडली पिचों पर भी विपक्षी बैटर्स जडेजा के खिलाफ आसानी से रन बनाने में सफल रहे हैं. ये दर्शााता है कि उनकी लाइन-लेंथ और आक्रामकता में वो पुरानी बात नजर नहीं आ रही.
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बल्ले से हिट, पर गेंदबाजी में वापसी जरूरीइसमें कोई शक नहीं कि एक बैटर के रूप में रवींद्र जडेजा ने पिछले कुछ सालों में भारत के लिए कई मैच जिताऊ और जुझारू पारियां खेली हैं. लोअर मिडिल ऑर्डर में आकर उनकी पारियां टीम के लिए संजीवनी साबित होती रही है.
हालांकि, भारतीय टेस्ट सेटअप में जडेजा की मुख्य पहचान एक मैच-विनर स्पिनर की रही है. अगर भारत को श्रीलंका को उसी की सरजमीं पर पछाड़ना है, तो जडेजा को सिर्फ बल्ले से ही नहीं, बल्कि गेंद से भी वही पुराना असर दिखाना होगा.
जडेजा का रोल होगा निर्णायकवर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के समीकरणों को देखते हुए यह सीरीज भारत के लिए बेहद अहम है. श्रीलंका की स्पिन-फ्रेंडली पिचों पर तेज गेंदबाजों की भूमिका सीमित हो जाती है. इसके कारण पूरा दारोमदार स्पिन अटैक पर आ टिकता है.
अगर रवींद्र जडेजा अपनी पुरानी सटीकता और टर्न को दोबारा हासिल करने में कामयाब रहते हैं, तो भारतीय टीम के लिए यह दौरा यादगार बन सकता है. अब देखना दिलचस्प होगा कि 'सर जडेजा' श्रीलंका के इस सबसे बड़े टेस्ट में किस तरह वापसी करते हैं.
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