चेतेश्वर पुजारा. टीम इंडिया के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज. लेकिन दो सालों में पुजारा ( Cheteshwar Pujara) ने फै़न्स का भरोसा तोड़ा है. शतक ही नहीं लगा रहे हैं. और न ही रन बना रहे हैं. यही वजह है कि अब चेतेश्वर पुजारा को टीम से बाहर करने की बात होने लगी है. और तो और उम्र का हवाला देते हुए ये भी कहा जाने लगा है कि अब टीम इंडिया को रहाणे और पुजारा से आगे बढ़ने की जरूरत है. लेकिन चेतेश्वर पुजारा को उम्मीद है कि वो और रहाणे फिर से रन बनाएंगे. और ढेर सारे शतक लगाएंगे.
गौरतलब है कि भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच पहला टेस्ट मैच 25 नवंबर से कानपुर में खेला जाना है. विराट कोहली की गैरमौजूदगी में अजिंक्य रहाणे टीम इंडिया की कप्तानी करेंगे. मुकाबले से पहले चेतेश्वर पुजारा वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे. जहां उन्होंने मीडिया के तमाम सवालों के जवाब दिए. इसी दौरान जब पुजारा से रहाणे और उनके फॉर्म पर सवाल किया गया तो पुजारा ने कहा,
'चिंता की बात नहीं है. मैं 50-60 रन बना रहा हूं. और जब तक मैं ऐसे खेल रहा हूं, टेंशन की बात नहीं है. शतक भी जल्दी ही आएगा.'
वहीं रहाणे को लेकर पुजारा ने कहा,
'अजिंक्य रहाणे बड़े प्लेयर हैं. कुछ समय आते हैं जब खिलाड़ी को खराब दौर से गुजरना पड़ता है. कई उतार-चढ़ाव हो सकते हैं. लेकिन रहाणे अच्छे प्लेयर हैं. वो अपने पुराने फॉर्म से बस एक इनिंग दूर हैं. वो अच्छी लय में हैं और मुझे लगता है कि रहाणे इस सीरीज में रन बनाएंगे.'
चेतेश्वर पुजारा ने कानपुर के ग्रीन पार्क की पिच को लेकर भी बात की. कहा,
'मैंने आज पिच देखी है. जहां तक मेरा अनुभव है, इससे स्पिनर्स को मदद मिलने की उम्मीद है. हम न्यूज़ीलैंड को हल्के में नहीं लेंगे और उनके लिए पूरी तैयारी करेंगे. फिलहाल हमारा लक्ष्य टीम इंडिया की जीत पर है. और हम उसी इरादे के साथ मैदान में उतरेंगे.'
बता दें कि चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे लंबे समय से शतक के लिए तरस रहे हैं. ऐसा नहीं है कि रहाणे और पुजारा ने रन नहीं बनाए हैं. उन्होंने कुछ पचासे लगाए हैं. लेकिन उसे शतक में तब्दील नहीं कर सके. आंकड़ों पर जाएं तो पता चलता है कि पुजारा ने अपना आखिरी शतक साल 2019 में सिडनी टेस्ट में लगाया था. तब उन्होंने 193 रन की पारी खेली थी. इसके बाद साल 2020 में पुजारा ने आठ टेस्ट पारियों में एक अर्धशतक की मदद से सिर्फ 163 रन बनाए. बैटिंग एवरेज 20 का रहा. और 2021 में पुजारा ने 20 टेस्ट पारियों में 31 के एवरेज से 591 रन बनाए हैं. छह अर्धशतक लगाए हैं. लेकिन शतक, एक भी नहीं. वहीं अजिंक्य रहाणे की बात करें तो इस साल 19 टेस्ट पारियों में उन्होंने बल्लेबाजी की है. दो अर्धशतक की मदद से सिर्फ 372 रन ही बना सके हैं. साफ़ पता चल रहा है कि टीम इंडिया के दोनों अनुभवी बल्लेबाज संघर्ष कर रहे हैं. फॉर्म तलाश रहे हैं. न्यूज़ीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में अगर पुजारा और रहाणे के बल्ले से रन नहीं निकले तो हो सकता है कि साउथ अफ्रीका दौरे पर उन्हें चयनकर्ता ड्रॉप भी कर दें.