
अंकलेश्वर का सरदार पटेल अस्पताल, जिसकी नींव 1981 में रखी गई थी.
इस अस्पताल के एक ट्रस्टी रहे हैं कांग्रेस नेता अहमद पटेल. वही अहमद पटेल जो कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनैतिक सलाहकार हैं और गुजरात से ही आते हैं. नहीं याद आ रहा, चलिए कुछ और बताते हैं. हाल ही में हुआ राज्यसभा का चुनाव तो याद होगा. वहीं जिसमें जीतकर अमित शाह और स्मृति ईरानी राज्यसभा पहुंचे थे. इसी चुनाव को जीतकर अहमद पटेल भी राज्यसभा पहुंचे हैं. अहमद पटेल को हराने के लिए पूरी बीजेपी ने एड़ी-चोटी का जोर लगा रखा था. कांग्रेस ने अहमद पटेल को जिताने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी दी. बैंगलोर में रिजॉर्ट में ठहराने से लेकर बूथ पर वोट डलवाने तक कड़ी निगहबानी रखी. नतीजे में कांग्रेस को एक वोट से जीत मिली और अमित शाह, स्मृति ईरानी के साथ ही अहमद पटेल भी राज्यसभा पहुंच गए. इसी अहमद पटेल और सरदार पटेल हॉस्पिटल एंड इंस्टिट्यूट के बीच कनेक्शन तलाश कर बीजेपी कांग्रेस को घेर रही है. पहले अहमद पटेल और अस्पताल का कनेक्शन जान लीजिए-

इस आतंकी को गुजरात एटीएस ने गिरफ्तार किया है.
देश में आतंक विरोधी गतिविधियों को रोकने के लिए एटीएस यानी एंटी टेरर स्क्वॉड बना है. इस एंटी टेरर स्क्वॉड ने 24 अक्टूबर की शाम को दो लोगों को गिरफ्तार किया है. एटीएस के मुताबिक ये दोनों आतंकी संगठन आईएसआईएस के लिए काम करते हैं. इनमें से एक का नाम उबेद मिर्जा है, जो पेशे से वकील है. वहीं दूसरे का नाम कासिम स्टीमरवाला है, जो सरदार पटेल अस्पताल में कर्मचारी था. वो इको कार्डियोग्राम टेक्नीशियन के तौर पर काम कर रहा था. गुजरात में दो आतंकी पकड़े जाने की खबर के बाद मुख्यमंत्री विजय रुपाणी 27 अक्टूबर की शाम मीडिया के सामने आए और उन्होंने एटीएस को बधाई दी. इसके बाद गुजरात के सीएम विजय रुपाणी ने अहमद पटेल के इस्तीफे की मांग की, क्योंकि अहमद पटेल 2014 तक इस अस्पताल के ट्रस्टी रहे हैं. विजय रुपाणी ने 27 अक्टूबर की शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा-
"अहमद पटेल इस अस्पताल के ट्रस्टी रहे हैं. उन्हें तुरंत इस्तीफा देना चाहिए और इसपर सफाई देनी चाहिए. अहमद पटेल उसी अस्पताल के ट्रस्टी थे, जहां यह आतंकी कर्मचारी के रूप में काम कर रहा था. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी को भी इस मामले में जवाब देना चाहिए."मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा-
"बीजेपी गुजरात में विकास के नाम पर चुनाव लड़ रही है, लेकिन गुजरात एटीएस ने जो खुलासे किए हैं, वो चेतावनी भरे हैं. आईएसआईएस के ये आतंकी हमला करने की फिराक में थे."
बचाव में कांग्रेस भी उतरी
बीजेपी के आरोपों के बाद कांग्रेस अहमद पटेल के बचाव में उतर आई है. कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा-बीजेपी के मुख्यमंत्री अपनी सरकार की कमजोरी छिपाने के लिए इस तरह के आधारहीन बयान दे रहे हैं. अस्पताल में 200 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं. अहमद पटेल या उनके परिवार के किसी भी आदमी ने किसी भी कर्मचारी की नियुक्ति में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं किया है.
अस्पताल ने भी दी सफाई
कथित आतंकी के पकड़े जाने के बाद आरोपों से घिरे अस्पताल ने भी सफाई दी है. अस्पताल के मुताबिक पकड़े गए आतंकी ने 4 अक्टूबर को अस्पताल से इस्तीफा दे दिया था. अस्पताल प्रशासन ने उसका इस्तीफा मंजूर भी कर लिया था और उसे 24 अक्टूबर को अस्पताल से मुक्त कर दिया गया था. अस्पताल प्रशासन को उसके किए गए गैरकानूनी कामों के बारे में कोई जानकारी नहीं हैं.अस्पताल बनाने के लिए चाहिए थे पैसे, रामकथा कर मोरारी बापू ने जुटाए थे

कथावाचक मोरारी बापू ने 10 दिनों तक रामकथा करके अस्पताल के लिए पैसे जुटाए थे.
17 जून 1979 को सरदार पटेल ट्रस्ट के ट्रस्टी भाईलालभाई पटेल, अहमद पटेल और अन्य ट्रस्टी मिले और उन्होंने सरदार वल्लभ भाई पटेल रोटरी जनरल हॉस्पिटल बनाने का प्रस्ताव रखा. नाथूभाई पटेल और अन्य ने अस्पताल बनाने के लिए जमीन दे दी. इसके बाद जरूरत थी पैसे की. इसे पूरा करने के लिए आगे आए मशहूर कथावाचक मोरारी बापू. उन्होंने 25 फरवरी 1981 से 5 मार्च 1981 तक कथा का आयोजन किया, जिससे चंदे के तौर पर कुछ पैसे इकट्ठे हो सकें. इस कथा के आयोजन और दूसरे तरह के डोनेशन से चार लाख रुपये मिले. 25 मई 1981 को गुजरात के एक संत हरिश्चंद्र त्यागी ने अस्पताल की नींव रखी. इसके बाद अहमद पटेल, हरिसिंह महिणा और मुलजीभाई सहानिया ने अपनी कोशिशें करके डिस्ट्रिक्ट प्लानिंग बोर्ड से तीन लाख रुपये अस्पताल के लिए हासिल किए. जब अस्पताल बन ही रहा था, तो डॉ. बरजोजी अंकलेश्वरैया ने अपना घर, उससे जुड़ा एक मैदान और 40,000 रुपये अस्पताल बनाने के लिए दे दिए. इसके अलावा उन्होंने हर महीने 4000 रुपये देने की भी बात कही. 22 अक्टूबर 1985 को हरिसिंह महिदा ने अस्पताल की बिल्डिंग का उद्घाटन किया. 1986 में अहमद पटेल के कहने पर भरूच डिस्ट्रिक्ट ऑयल फिल्ड डिवेलपमेंट सोसाइटी ने ने तीन लाख रुपये दे दिए. कथा के जरिए डोनेशन के पैसे से शुरू हुआ ये अस्पताल आज भरूच जिले के सबसे बेहतर अस्पतालों में से एक है, जिसमें 100 बेड हैं, 12 स्पेशियलिटी रूम हैं और इसके अलावा वो और सभी सुविधाएं हैं, जो एक अच्छे अस्पताल में होनी चाहिए.
2016 में हुआ था रिनोवेशन, राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी पहुंचे थे

अस्पताल के रिनोवेशन के बाद राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी भरूच पहुंचे थे.
2016 में इस अस्पताल का रिनोवेशन हुआ था. रिनोवेशन का काम पूरा होने के बाद एक कार्यक्रम आयोजित किया गया. 23 अक्टूबर 2016 को इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी पहुंचे थे. उस दौरान प्रणब मुखर्जी ने कहा था-
मैं बहुत खुश हूं कि मुझे ऐसे अस्पताल से जुड़ने का मौका मिला, जिसमें सरदार पटेल का नाम जुड़ा है. उन्होंने 570 रियासतों को एकजुट करने का काम किया था.गुजरात चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच जंग और भी तेज हुई है. अस्पताल से पकड़े गए आतंकी का हवाला देकर दोनों पार्टियां एक दूसरे के ऊपर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं. जीत किसकी होगी, ये तो अब 18 दिसंबर को ही तय होगा, लेकिन उससे पहले दोनों ही पार्टियों के बीच दिलचस्प जंग देखने को मिल रही है.
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