भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर. ODI वर्ल्ड कप 2025 के बाद जो नहीं कर सकीं, अब एशियन गेम्स 2026 के बाद कर सकती हैं. टीम की कमान अपनी डिप्टी स्मृति मंधाना को सौंपने का उनके पास ये बेहतरीन अवसर हैं. घर पर ICC वर्ल्ड कप जीतकर वो हाई नोट पर टीम की कमान स्मृति को सौंप सकती थीं. लेकिन, तब उन्होंने वैसा नहीं किया. वजह भी समझ आती है.
हरमनप्रीत छोड़ेंगी कप्तानी? स्मृति को कमान सौंपने का बढ़िया मौका
Asian Games 2026 : भारतीय महिला टीम ने कप्तान Harmanpreet Kaur की अगुवाई में एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल का बचाव कर लिया. हालांकि, उनकी उम्र को देखते हुए अब टीम की कमान Smriti Mandhana को सौंपने का ये बढ़िया मौका है.

6 महीने के भीतर T20 वर्ल्ड कप था. फिर एशियन गेम्स. अब दोनों ही टूर्नामेंट पूरे हो चुके हैं. T20 वर्ल्ड कप में भारत का कैंपेन निराशाजनक रहा. लेकिन, एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल की रक्षा कर भारतीय टीम ने कप्तान कौर को सुनहरा अवसर दिया है. हाई नोट पर अपना कप्तानी करियर एंड करने का अवसर.
क्यों स्मृति अब डिजर्व करती हैं कप्तानी?दरअसल, अब अगला बड़ा टूर्नामेंट 2028 में है. ऐसे में स्मृति के पास टीम का दायित्व उठाने का ये बढ़िया मौका है. पिछले 3-4 साल से वो हरमनप्रीत की डिप्टी भी रही हैं. साथ ही WPL में भी उन्होंने अपना वर्थ साबित किया है. ऐसे में बैटन पास ऑन करने का इससे बढ़िया मौका नहीं होगा.
हालांकि, ये कॉल हरमनप्रीत और टीम मैनेजमेंट का ही होगा. लेकिन, इसमें जितनी देरी होगी, उतनी ही टीम इंडिया के लिए मुश्किलें बढ़ाएगा. हरमनप्रीत रिटायरमेंट का कॉल लेने से पहले बतौर बैटर खेलना जारी रख सकती हैं. ऐसे में स्मृति को भी कठिन परिस्थितियों में उनका रुख करने का मौका मिलता रहेगा.
श्रीलंका को 147 रनों से रौंदकर भारतीय टीम ने एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया. इस दौरान फाइनल में स्मृति ने 79 रनों की दमदार पारी खेली. स्मृति इस वक्त वर्ल्ड क्रिकेट में लीडिंग रन स्कोरर हैं. ऑल फॉर्मेट में उनके नाम कुल 11066 रन हैं. वहीं, WPL में उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को दो बार चैंपियन बनाया है. हरमनप्रीत की मुंबई इंडियंस भी इतनी ही बार WPL का खिताब जीती है.
ये भी पढ़ें : मीराबाई चानू ने जीता सिल्वर, एशियन गेम्स में मेडल का इंतजार खत्म
स्मृति से हाल ही में कप्तानी को लेकर पूछा गया था. इस पर उन्होंने कहा था कि वो जिम्मेदारी निभाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. हरमनप्रीत की गैरमौजूदगी में वही टीम की कमान संभालती हैं. ऐसे में उनकी तैयारी को लेकर शायद ही किसी को संदेह हो. टीम इंडिया की दिग्गज प्लेयर डायना एडुल्जी ने भी स्मृति को जल्द से जल्द कप्तान बनाए जाने की वकालत की थी. डायना ने मिड-डे से कहा था,
हमने काफी समय से स्मृति को होल्ड बैक कर रखा है. अगले वर्ल्ड कप तक हरमन 40 साल की हो जाएंगी. इसलिए स्मृति को पर्याप्त मौका मिलना चाहिए. उनके साथ दो यंग्सटर्स को वाइस कैप्टन के तौर पर ग्रूम करना चाहिए. मेरा रिक्वेस्ट यही है कि हरमन से लोग ये पूछें कि क्यों न कि अब क्यों नहीं?
कप्तान हरमनप्रीत कौर से लोग T20 वर्ल्ड कप के दौरान भी सवाल पूछने लगे थे. टीम इंडिया ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ पाई. इसके बाद, ये सवाल पूछे जाने लगे थे कि हरमनप्रीत ने टीम की कमान स्मृति को क्यों नहीं सौंपी? 2028 वर्ल्ड कप तक वो लगभग 40 साल की हो जाएंगी. उसी साल लॉस एंजिलिस ओलंपिक भी है, जहां लंबे समय बाद क्रिकेट को एंट्री मिली है.
खुद की बैटिंग पर दे सकती हैं ध्यानवहीं, हरमनप्रीत टीम की कमान स्मृति को सौंपने के बाद अपनी बैटिंग पर ध्यान दे सकती हैं. अगर उन्हें आगे भी टीम में बने रहना है तो अपनी बैटिंग से खुद को साबित करना होगा. इसमें कोई संदेह नहीं कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 171 रनों की दमदार पारी के बाद ही उन्हें टीम की कमान मिली थी. लेकिन, बतौर बैटर पिछले कुछ समय में हरमनप्रीत के स्ट्राइक रेट में अंतर साफ नज़र आने लगा है. ऐसे में उनके पास खुद की बैटिंग को भी साबित करने का बढ़िया मौका होगा.
वीडियो: स्मृति मंधाना का धमाकेदार शतक, महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली प्लेयर बनी











