उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में अपनी पत्नी, बेटे और 2 पुजारियों की हत्या के आरोपी अरविंद सिंह को लेकर नए खुलासे हुए हैं. अरविंद ने अपने बच्चों को भी एक कमरे में बंधक बना रखा था. पुलिस ने करीब 8 घंटे तक आरोपी को समझाया, और बच्चों को छोड़ने की अपील की. लेकिन आरोपी नहीं माना, जिसके बाद पुलिस एनकाउंटर में उसकी मौत हो गई. अब अरविंद के बचपन के दोस्त आशुतोष सिंह ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं.
गांजे का आदी, भाई की मौत ने बदल दिया... दोस्त ने सुनाई आजमगढ़ हत्याकांड के आरोपी की कहानी
आजमगढ़ में पत्नी, बेटे और दो पुजारियों की हत्या के बाद बच्चों को कमरे में बंधक बनाने वाले अरविंद सिंह की पुलिस कार्रवाई में मौत हो गई. उसके बचपन के दोस्त आशुतोष सिंह के मुताबिक, 2018 में बड़े भाई सुनील की मौत के बाद अरविंद लोगों से कटने लगा था और गांजा पीने लगा था.

आशुतोष के मुताबिक 2018 में अरविंद के बड़े भाई सुनील की मौत हो गई थी. इसके बाद से ही अरविंद के व्यवहार में बदलाव आने लगा. वह पूजा-पाठ से चिढ़ने लगा था. वो लोगों से दूरी बनाकर अकेले रहा करता था. साथ ही वो नशे का भी आदी हो गया था. अरविंद के दोस्त आशुतोष ने आजतक से बात की है. उसने बताया कि भाई की मौत के बार अरविंद बदल गया था. उसने लोगों से मिलना-जुलना भी बंद कर दिया. आशुतोष के मुताबिक अरविंद अधिकतर अकेला या अपनी बेटी के साथ ही आता-जाता था. उसका व्यवहार ऐसा था कि उसके घर आने वाले लोग उससे डरते थे.
आशुतोष के मुताबिक अरविंद को ये आशंका रहती थी कि उसके साथ कुछ गलत हो सकता है. जो भी उसके घर आता, उसे लगता कि वो उसकी हत्या कर देगा. इसी बीच वो नशा करने लगा. आशुतोष के मुताबिक अरविंद गांजा पीने का आदी था. इसी कारण उसका सामाजिक दायरा काफी सिमट गया.
आशुतोष के मुताबिक उसके घर पर पूजा कराने आए पुजारियों ने अरविंद से उसके भाई को लेकर बात की. उन्होंने कहा कि अरविंद के बड़े भाई की आत्मा को शांति नहीं मिली है. घर पर उसका साया है. इसके बाद ही परिवार ने महामृत्युंजय का जाप शुरू करवाया.
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भाई की रिवॉल्वर से हत्यापूजा के बीच में ही अरविंद घर पहुंच गया और पुजारियों को देखकर नाराज हो गया. इसके बाद उसने अपने भाई सुनील सिंह की रिवॉल्वर से पत्नी, बेटे और 2 पुजारियों की हत्या कर दी. इसी रिवॉल्वर की नोक पर उसने करीब 8 घंटों तक अपने बच्चों को बंधक बनाए रखा. पुलिस ने उसे मनाने की कोशिश की, लेकिन जब वह नहीं माना तो बच्चों की सुरक्षा की वजह से उसका एनकाउंटर कर दिया गया.
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