FIFA प्रेसिडेंट जियानी इन्फैंटिनो ( Gianni Infantino) ने वर्ल्ड कप में प्राइवेट इंवेस्टर्स के लाने का प्लान रद्द कर दिया है. वह वर्ल्ड कप में प्राइवेट इंवेस्टर्स को लाना चाहते थे. लेकिन, उनके इस फैसले से यूरोप, एशिया, नॉर्थ एंड सेंट्रल अमेरिका के कन्फेडरेशंस सहमत नहीं थे. UEFA के सभी 55 देशों ने तो FIFA के टूर्नामेंट्स से हटने तक की धमकी दे दी थी. यहां तक कि UEFA के देशों ने 2030 फुटबॉल वर्ल्ड कप से हटने की बात भी कही.
FIFA चीफ इन्फैंटिनो ने मानी हार! वर्ल्ड कप इंवेस्टमेंट प्लान को किया रद्द
FIFA प्रेसिडेंट जियानी इन्फैंटिनो ( Gianni Infantino) ने वर्ल्ड कप में प्राइवेट इंवेस्टर्स के लाने का प्लान रद्द कर दिया है. वह वर्ल्ड कप में प्राइवेट इंवेस्टर्स को लाना चाहते थे. लेकिन, उनके इस फैसले से यूरोप, एशिया, नॉर्थ एंड सेंट्रल अमेरिका के कन्फेडरेशंस सहमत नहीं थे.

FIFA प्रेसिडेंट जियानी इन्फैंटिनो ने कहा है कि उन्होंने कड़े विरोध के बाद, वर्ल्ड कप में हिस्सेदारी बेचने के विवादित फैसले को रद्द कर दिया है. फीफा प्रेसिडेंट के मुताबिक, विरोध से यह साफ हो गया कि इस प्रोजेक्ट ने मतभेद पैदा कर दिए, जो अब इसके हित में नहीं है.
क्यों हो रहा था विरोध?बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, FIFA प्रेसिडेंट ने 211 मेंबर्स वाले एसोसिएशन्स को 40 मिलियन यूएस डॉलर का प्रपोजल दिया था. वो चाहते थे कि ये एसोसिएशन्स मेंस और विमेंस वर्ल्ड कप में प्राइवेट इंवेस्टमेंट का समर्थन करें.
गवर्निंग बॉडी ने एक कॉर्मिशियल यूनिट को 20 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर, 4.2 अरब यूएस डॉलर जुटाने का प्लान बनाया था. यह यूनिट FIFA के बड़े टूर्नामेंट, जिसमें मेंस और विमेंस वर्ल्ड कप शामिल हैं, उन्हें मैनेज करती. इस प्रपोजल में बिजनेस की वैल्यू करीब 20 बिलियन US डॉलर आंकी गई थी.
31 जुलाई को FIFA के चीफ ऑपरेटिंग केविन लामोर ने इस प्रोजेक्ट पर बात की. उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट के बारे में फीफा के अधिकारियों को गलत जानकारी दी गई, और उन्हें धोखे में रखा गया.
FIFA अधिकारी भी नहीं खुश थेइस मामले पर जियानी इन्फैंटिनो के ग्लोबल स्ट्रैटजी और गर्वेनेंस के सीनियर एडवाइजर रहे कार्लोस कार्डेइरो ने इस्तीफा दे दिया. कार्डेइरो ने कहा, यह प्रपोजल फुटबॉल के लिए बुरा सौदा है, जो फुटबॉल के भविष्य को गिरवी रख देगा.
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कार्डेइरो ने अपना इस्तीफा UEFA और Concacaf के भारी विरोध को देखते हुए दिया. Concacaf यानी कॉन्फेडरेशन ऑफ नॉर्थ, सेंट्रल अमेरिका एंड कैरेबियन एसोसिएशन. यह नॉर्थ अमेरिका, सेंट्रल अमेरिका और कैरेबियन क्षेत्र में फुटबॉल संचालन करने वाली संस्था है. कॉन्ककाफ ने प्रपोजल का विरोथ करते हुए कहा था कि उसके सदस्य देशों ने प्रस्ताव को रिजेक्ट कर दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस क्षेत्र के ज्यादातर फुटबॉल महासंघ इन्फैंटिनो पर अपना भरोसा खो रहे हैं.
AFC ने दिखाई एकजुटताइस मामले में एशियन फुटबॉल कंफेडरेशन ने एकजुटता दिखाई. AFC ने कहा कि वह UEFA और कॉन्ककाफ के साथ पूरी तरह खड़ा है. वहीं, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने कहा कि जियानी इन्फैंटिनो फीफा को लीड करने के लिए सही व्यक्ति नहीं हैं.
AFC के प्रेसिडेंट शेख सलमान बिन इब्राहिम अल खलीफा ने प्रस्ताव को वापस लिए जाने का स्वागत किया. उन्होंने कहा,
क्या था इन्फैंटिनो का प्लान?ग्लोबल फुटबॉल का फ्यूचर हमेशा सही सलाह, आपसी बातचीत और खेल के मौजूदा गवर्नेंस का सम्मान करते हुए तय किया जाना चाहिए.
FIFA और उसके प्रेसिडेंट जियानी इन्फैंटिनो एक नई कर्मिशियल कंपनी बनाना चाहते थे. जो वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट का व्यवसायिक संचालन करती. इस नई कंपनी में बाहरी इंवेस्टर्स को शेयर खरीदने की इजाजत दी जाती. रिपोर्ट में लिखा गया था कि FIFA वर्ल्ड कप दुनिया का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला इवेंट है. लेकिन, FIFA अपने पाॅपुलैरिटी के हिसाब से कमाई नहीं कर पा रहा है.
जियानी इन्फैंटिनो के इस प्रपोजल को कई फुटबॉल संगठनों ने खतरा माना. इन संगठनों को डर था कि फुटबॉल के व्यावसायिक अधिकार प्राइवेट इंवेस्टर्स के प्रभाव में आ सकते हैं. इसलिए, जियानी इन्फैंटिनो के इस प्लान का जमकर विरोध हुआ. जिसके बाद, FIFA प्रेसिडेंट को अपना प्रस्ताव वापस लेना पड़ा.
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